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Tarun ke Swapn – NCERT Solutions Class 8 Hindi (Malhar)

Tarun ke Swapn – NCERT Solutions Class 8 Hindi (Malhar) includes all the questions with solutions given in the NCERT Class 8 Hindi (Malhar).

NCERT Solutions Class 8

English Poorvi Hindi Malhar Maths Ganita Prakash Science Curiosity Social Exploring Society

Tarun ke Swapn – NCERT Solutions


Q.1: “उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं।” इस कथन में रेखांकित शब्द ‘हम’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?

  • सुभाषचंद्र बोस के लिए
  • देश के तरुण वर्ग के लिए
  • चित्तरंजन दास के लिए
  • भारतवासियों के लिए

Solution: देश के तरुण वर्ग के लिए, भारतवासियों के लिए
‘हम’ शब्द यहाँ देश के तरुण वर्ग (युवाओं) और भारतवासियों के लिए प्रयुक्त हुआ है, क्योंकि सुभाषचंद्र बोस अपने उद्बोधन में युवाओं को संबोधित कर रहे हैं और पूरे भारतवासियों के लिए स्वप्न की बात कर रहे हैं।


Q.2: स्वाधीन राष्ट्र का स्वप्न साकार होगा?

Options:
(1) आर्थिक असमानता से
(2) स्त्री-पुरुष के भिन्न अधिकारों से
(3) श्रम और कर्म की मर्यादा से ✅
(4) जातिभेद से

Explanation: स्वाधीन राष्ट्र का स्वप्न श्रम और कर्म की मर्यादा से साकार होगा, क्योंकि सुभाषचंद्र बोस ने कहा है कि ऐसे समाज में श्रम और कर्म को सम्मान मिलेगा और आलसी व अकर्मण्य लोगों के लिए कोई जगह नहीं होगी।


Q.3: “उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं।” उत्तराधिकारी’ होने से क्या अभिप्राय है?

Options:
(1) हमें उनके स्वप्नों को संजोकर रखना है
(2) हमें भी उनकी तरह स्वप्न देखने का अधिकार है
(3) उनके स्वप्नों को पूरा करने के लिए हमें ही कर्म करना है ✅
(4) उनके स्वप्नों पर चर्चा करने का दायित्व हमारा ही है

Explanation: उत्तराधिकारी होने का मतलब है कि हमें उनके स्वप्नों को पूरा करने के लिए कर्म करना है। सुभाषचंद्र बोस ने युवाओं को यह स्वप्न सौंपा है ताकि वे इसे साकार करें।


Q.4: जब प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा और उन्नति का समान अवसर प्राप्त होगा तब-

Options:
(1) राष्ट्र की श्रम-शक्ति बढ़ेगी ✅
(2) तरुणों का साहस बढ़ेगा
(3) राष्ट्र स्वाधीन बनेगा
(4) राष्ट्र स्वप्नदर्शी होगा

Explanation: जब सभी को शिक्षा और उन्नति का समान अवसर मिलेगा, तो राष्ट्र की श्रम-शक्ति बढ़ेगी, क्योंकि शिक्षित और सशक्त लोग समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे।


Q.5: हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

Solution: ठीक है, मैं और भी आसान हिंदी में जवाब दूंगा। हमने अपने दोस्तों के साथ चर्चा की और पाया कि हमारे चुने हुए जवाब इन कारणों से सही हैं:

  1. “उनके स्वप्न के उत्तराधिकारी आज हम हैं।” में ‘हम’ का मतलब युवा और भारतवासी हैं इसलिए सही है, क्योंकि सुभाषचंद्र बोस अपने भाषण में युवाओं से बात कर रहे हैं और पूरे भारत के लिए सपना देखते हैं। वे कहते हैं कि यह सपना वे युवाओं को दे रहे हैं, जो भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  2. स्वाधीन राष्ट्र का सपना मेहनत और काम से पूरा होगा इसलिए सही है, क्योंकि बोस ने कहा है कि जिस समाज में मेहनत और काम को सम्मान मिलेगा, वही आदर्श समाज बनेगा। आलसी लोगों के लिए वहां कोई जगह नहीं होगी।
  3. उत्तराधिकारी का मतलब है उनके सपनों को पूरा करने के लिए काम करना इसलिए सही है, क्योंकि बोस युवाओं से कहते हैं कि यह सपना उन्हें दे रहे हैं ताकि वे इसे सच करें। वे चाहते हैं कि युवा इसके लिए मेहनत करें, मुश्किलें सहें और जरूरत पड़े तो जान भी दें।
  4. सबको शिक्षा और तरक्की का बराबर मौका मिलने से देश की मेहनत करने की ताकत बढ़ेगी इसलिए सही है, क्योंकि पाठ में कहा गया है कि जब सबको बराबर शिक्षा और मौका मिलेगा, तो लोग मिलकर देश को मजबूत करेंगे। इससे देश की मेहनत करने की ताकत बढ़ेगी।

Q.6: नीचे स्तंभ 1 में पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं और स्तंभ 2 में उन पंक्तियों से संबंधित भाव-विचार दिए गए हैं। स्तंभ 1 में दी गई पंक्तियों का स्तंभ 2 में दिए गए भाव-विचार से सही मिलान कीजिए।

क्रमस्तंभ 1स्तंभ 2
1.“इसी स्वप्न की प्रेरणा से हम उठते हैं, बैठते हैं, चलते हैं, फिरते हैं और लिखते हैं, भाषण देते हैं, काम-काज करते हैं।”1. समाज में सभी व्यक्तियों को सभी तरह की स्वतंत्रता हो और उस पर किसी तरह का बंधन या सामाजिक दबाव न हो।
2.“जो राष्ट्र हमारे स्वदेशी समाज के यंत्र के रूप में काम करेगा, सर्वोपरि वह समाज और राष्ट्र भारतवासियों का अभाव मिटाएगा।”2. हमारी समूची दिनचर्या और आचार-विचार इसी लक्ष्य (स्वप्न) की प्राप्ति पर केंद्रित हैं।
3.“उस समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो तथा समाज के दबाव से वह मरे नहीं।”3. जिस देश की योजनाएँ हमारे अपने समाज को ध्यान में रखकर बनाई जाएँगी, उस देश में किसी भी प्रकार का अभाव नहीं होगा।

Solution:


Q.7: पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपनी कक्षा में साझा कीजिए।

  1. उस समाज में अर्थ की विषमता न हो।””
  2.  “वही स्वप्न उनकी शक्ति का उत्स बना और उनके आनंद का निर्झर रहा।”
  3. “उस समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो।”

Solution:

  1. मतलब: सुभाषचंद्र बोस चाहते थे कि समाज में अमीर-गरीब का फर्क न हो। सबके पास बराबर पैसा और संसाधन हों ताकि कोई गरीबी में न रहे।
    कक्षा में साझा करने के लिए: मैं कहूंगा कि यह पंक्ति हमें सिखाती है कि एक अच्छे समाज में सभी को बराबर मौका और संसाधन मिलने चाहिए।
  2. मतलब: देशबंधु चित्तरंजन दास का सपना उनकी ताकत और खुशी का स्रोत था। यह सपना उन्हें हमेशा प्रेरणा देता था।
    कक्षा में साझा करने के लिए: मैं कहूंगा कि यह पंक्ति बताती है कि एक बड़ा सपना हमें मेहनत करने और खुश रहने की ताकत देता है।
  3. मतलब: बोस चाहते थे कि समाज में हर व्यक्ति को हर तरह की आजादी मिले, जैसे बोलने, सोचने और जीने की। कोई भी दबाव न हो।
    कक्षा में साझा करने के लिए: मैं कहूंगा कि यह पंक्ति हमें सिखाती है कि एक अच्छे समाज में सभी को अपनी मर्जी से जीने का हक होना चाहिए।

Q.8: नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने किस प्रकार के राष्ट्र निर्माण का स्वप्न देखा था?

Solution: नेताजी ने एक ऐसे राष्ट्र का सपना देखा था जिसमें:

  • सबको बराबर मौका और शिक्षा मिले।
  • नारी और पुरुष को समान अधिकार हों।
  • जाति का भेदभाव न हो।
  • मेहनत और काम को सम्मान मिले।
  • कोई गरीबी या अभाव न हो।
  • देश विदेशी प्रभाव से मुक्त हो और विश्व में आदर्श राष्ट्र के रूप में जाना जाए।

Q.9: नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने किस लक्ष्य की प्राप्ति को अपने जीवन की सार्थकता के रूप में देखा?

Solution: नेताजी ने अपने सपने को सच करने को अपने जीवन की सार्थकता माना। उनका लक्ष्य था एक ऐसा समाज और राष्ट्र बनाना जो स्वतंत्र, समान और मजबूत हो। इसके लिए वे हर मुश्किल सहने और बलिदान देने को तैयार थे।


Q.10: “आलसी तथा अकर्मण्य के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा” सुभाषचंद्र बोस ने ऐसा क्यों कहा होगा?

Solution: बोस ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वे चाहते थे कि समाज में हर व्यक्ति मेहनत करे और देश के लिए कुछ करे। आलसी लोग समाज को कमजोर करते हैं, इसलिए उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।


Q.11: नेताजी सुभाषचंद्र बोस के लक्ष्यों या ध्येय को पूरा करने के लिए आज की युवा पीढ़ी क्या-क्या कर सकती है?

Solution: आज की युवा पीढ़ी ये कर सकती है:

  • अच्छी शिक्षा लेकर देश के लिए काम करे।
  • जाति, लिंग और गरीबी के भेदभाव को खत्म करने में मदद करे।
  • मेहनत और ईमानदारी से समाज को बेहतर बनाए।
  • देश की आजादी और सम्मान की रक्षा करे।
  • दूसरों को प्रेरित करे और नेताजी के सपनों को फैलाए।

Q.12: “उस समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो”, सुभाषचंद्र बोस ने किन-किन दृष्टियों से मुक्ति की बात की होगी?

Solution: बोस ने इन दृष्टियों से मुक्ति की बात की होगी:

  • बोलने और सोचने की आजादी।
  • धर्म, जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव से मुक्ति।
  • गरीबी और आर्थिक दबाव से आजादी।
  • विदेशी शासन और सामाजिक दबाव से मुक्ति।

Q.13: “उस समाज में नारी मुक्त होकर समाज एवं राष्ट्र के पुरुषों की तरह समान अधिकार का उपभोग करे”, सुभाषचंद्र बोस को अपने भाषण में नारी के लिए समान अधिकारों की बात क्यों कहनी पड़ी?

Solution: उस समय समाज में औरतों को पुरुषों जितने अधिकार नहीं मिलते थे। वे शिक्षा, नौकरी और फैसले लेने में पीछे थीं। बोस ने इसलिए समान अधिकारों की बात की ताकि औरतें भी समाज और देश के लिए पुरुषों की तरह काम कर सकें।


Q.14: आपके विचार से हमारे समाज में और कौन-कौन से लोग हैं जिन्हें विशेष अधिकार दिए जाने की आवश्यकता है?

Solution: हमारे समाज में इन लोगों को विशेष अधिकार चाहिए:

  • गरीब लोग, ताकि उन्हें शिक्षा और रोजगार मिले।
  • दिव्यांग लोग, ताकि वे आसानी से समाज में शामिल हो सकें।
  • छोटी जातियों और आदिवासी समुदाय, ताकि उन्हें बराबरी मिले।
  • बच्चे और बूढ़े, ताकि उनकी देखभाल हो।

Q.15: सुभाषचंद्र बोस देश के समस्त युवा वर्ग को संबोधित करते हुए कहते हैं- “हे मेरे तरुण भाइयो !” उनका संबोधन केवल ‘भाइयो’ शब्द तक ही क्यों सीमित रहा होगा?

Solution: उस समय भाषणों में “भाइयो” कहना आम था, क्योंकि यह सभी को एकजुट करने का तरीका था। लेकिन बोस का मतलब सिर्फ पुरुषों से नहीं, बल्कि पूरे युवा वर्ग से था। शायद “भाइयो” शब्द उस समय के समाज में सभी को संबोधित करने का प्रचलित तरीका था।


Q.16: “यह स्वप्न मैं तुम्हें उपहारस्वरूप देता हूँ- स्वीकार करो।” सुभाषचंद्र बोस के इस आह्वान पर श्रोताओं (युवा वर्ग) की क्या प्रतिक्रिया रही होगी?

Solution: युवा वर्ग बहुत प्रेरित और उत्साहित हुआ होगा। बोस के जोशीले शब्दों ने उन्हें देश के लिए कुछ करने की हिम्मत दी होगी। शायद कुछ ने तुरंत उनके साथ काम शुरू किया होगा, और कुछ ने उनके सपने को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया होगा।


Q.17: आपने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के भाषण का एक अंश पढ़ा है, इसे ‘तरुण के स्वप्न’ शीर्षक दिया गया है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि यह शीर्षक क्यों दिया गया होगा?

Solution: यह शीर्षक इसलिए दिया गया क्योंकि बोस अपने भाषण में युवाओं (तरुणों) को एक आदर्श समाज और राष्ट्र का सपना दे रहे हैं। वे चाहते थे कि युवा इस सपने को अपनाएं और इसे सच करें।


Q.18: यदि आपको भाषण के इस अंश को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा? यह भी लिखिए।

Solution: मैं इसे “आदर्श भारत का सपना” नाम दूंगा।
क्यों: क्योंकि यह भाषण एक ऐसे भारत के बारे में है जो स्वतंत्र, समान और मजबूत हो। यह नाम बोस के सपने को साफ और प्रेरणादायक तरीके से दर्शाता है।


Q.19: सुभाषचंद्र बोस ने अपने समय की स्थितियों या समस्याओं को अपने संबोधन में स्थान दिया है। यदि आपको अपनी कक्षा को संबोधित करने का अवसर मिले तो आप किन-किन विषयों को अपने उद्बोधन में सम्मिलित करेंगे और उसका क्या शीर्षक रखेंगे?

Solution: मैं इन विषयों को शामिल करूंगा:

  • शिक्षा और बराबरी का महत्व।
  • पर्यावरण की रक्षा।
  • युवाओं की देश के प्रति जिम्मेदारी।
  • एकता और भाईचारा।
    शीर्षक: “हमारा नया भारत”
    क्यों: यह शीर्षक आज के समय में देश को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।

Q.20: सुभाषचंद्र बोस ने अपने भाषण में संख्या, संगठन या भाव आदि का बोध कराने वाले शब्दों के साथ उनकी विशेषता अथवा गुण बताने वाले शब्दों का प्रयोग किया है। उनके भाषण से विशेषता अथवा गुण बताने वाले शब्द ढूँढ़कर दिए गए शब्द समूह को पूरा कीजिए-

Solution:


Q.21: सुभाषचंद्र बोस ने तो उपर्युक्त विशेषताओं के साथ इन शब्दों को रखा है। आप किन विशेषताओं के साथ इन उपर्युक्त शब्दों को रखना चाहेंगे और क्यों? लिखिए।

Solution: मैं इन शब्दों के साथ ये विशेषताएं जोड़ना चाहूंगा:

  • अखंड – विश्वास: क्योंकि अखंड विश्वास से लोग एकजुट रहते हैं और देश मजबूत होता है।
  • सत्य – पवित्र: क्योंकि सत्य हमेशा साफ और पवित्र होता है, जो समाज को सही रास्ता दिखाता है।
  • जीवन – सुखी: क्योंकि हर व्यक्ति सुखी जीवन चाहता है, और यह समाज को बेहतर बनाता है।
  • समाज – एकजुट: क्योंकि एकजुट समाज में कोई भेदभाव नहीं होता और सब मिलकर काम करते हैं।
  • शक्ति – नई: क्योंकि नई शक्ति से युवा देश के लिए बड़े काम कर सकते हैं।
  • राष्ट्र – मजबूत: क्योंकि मजबूत राष्ट्र दुनिया में सम्मान पाता है।
  • आनंद – असीम: क्योंकि असीम आनंद से लोग खुश रहते हैं और मेहनत करते हैं।

क्यों: मैंने ये विशेषताएं इसलिए चुनीं क्योंकि ये शब्द सुभाषचंद्र बोस के सपने से मिलते-जुलते हैं। वे चाहते थे कि समाज और राष्ट्र मजबूत, एकजुट और खुशहाल हो। ये विशेषताएं उनके सपने को और सुंदर बनाती हैं।


Q.22: “और उस पर एक स्वाधीन राष्ट्र” इस वाक्यांश में रेखांकित शब्द ‘स्वाधीन’ का विपरीत अर्थ देने वाला शब्द है ‘पराधीन’। इसी प्रकार के कुछ विपरीतार्थक शब्द आगे दिए गए हैं, लेकिन वे आमने-सामने नहीं हैं। रेखाएँ खींचकर विपरीतार्थक शब्दों के सही जोड़े बनाइए-

क्रमस्तभ 1स्तः 2
1.स्वीकारकर्मण्य/कर्मठ
2.सार्थकविपन्न
3.विषमताअस्वीकार
4.क्षुद्रजीवन
5.संपन्ननिरर्थक
6.अकर्मण्यसमानता
7.मरणविशाल/वृहत/विराट/महान

Solution:


Q.23: अब स्तंभ 1 और स्तंभ 2 के सभी शब्दों से दिए गए उदाहरण के अनुसार वाक्य बनाकर लिखिए, जैसे-“समाज की उन्नति अकर्मण्य नहीं अपितु कर्मण्य व्यक्तियों पर निर्भर है।”

Solution:

  • स्वीकार: हमें सुभाषचंद्र बोस के स्वप्न को स्वीकार करना चाहिए ताकि हम आदर्श समाज बना सकें।
  • अस्वीकार: जो लोग मेहनत को अस्वीकार करते हैं, वे समाज की उन्नति में बाधा डालते हैं।
  • सार्थक: सुभाषचंद्र बोस का सपना उनके जीवन को सार्थक बनाता था।
  • निरर्थक: बिना मेहनत के काम करना निरर्थक है और समाज को कमजोर करता है।
  • विषमता: समाज में विषमता को खत्म करना नेताजी का सपना था।
  • समानता: हमें समानता के लिए काम करना चाहिए ताकि सबको बराबर मौका मिले।
  • क्षुद्र: सुभाषचंद्र बोस ने अपने क्षुद्र जीवन को भी देश के लिए सार्थक बनाया।
  • विशाल/महान: उनका सपना एक विशाल और महान भारत का था।
  • संपन्न: नेताजी चाहते थे कि हमारा देश संपन्न और खुशहाल हो।
  • विपन्न: हमें विपन्न लोगों की मदद करनी चाहिए ताकि समाज में बराबरी आए।
  • अकर्मण्य: समाज की उन्नति अकर्मण्य नहीं, बल्कि मेहनती लोगों पर निर्भर है।
  • कर्मण्य/कर्मठ: कर्मण्य लोग ही देश को मजबूत बनाते हैं।
  • मरण: सुभाषचंद्र बोस ने कहा कि स्वप्न के लिए मरण भी स्वर्ग के समान है।
  • जीवन: हमें अपना जीवन देश की सेवा में लगाना चाहिए।

Q.24: आपने सुभाषचंद्र बोस के स्वप्न के बारे में जाना। आप अपने विद्यालय, राज्य और देश के बारे में कैसे स्वप्न देखते हैं? लिखिए।

Solution:

  • विद्यालय के लिए: मैं चाहता हूँ कि मेरा विद्यालय हर बच्चे के लिए एक खुशहाल जगह बने। सभी को अच्छी शिक्षा मिले और दोस्तों के साथ मिल-जुलकर पढ़ाई हो।
  • राज्य के लिए: मेरा सपना है कि मेरा राज्य साफ-सुथरा हो, सभी को पानी और बिजली मिले, और लोग एक-दूसरे की मदद करें।
  • देश के लिए: मैं चाहता हूँ कि मेरा देश मजबूत और अमीर हो, जहां सभी को बराबर मौका मिले, गरीबी खत्म हो, और हमारा देश दुनिया में सम्मान पाए।

Q.25: हमें बड़े संघर्षों के बाद स्वतंत्रता मिली है। अपनी इस स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हम अपने स्तर पर क्या-क्या कर सकते हैं? लिखिए।

Solution:

  • हम अपने देश का सम्मान करें और झंडे को इज्जत दें।
  • स्कूल में अच्छे संस्कार सीखें और दूसरों के साथ प्यार से रहें।
  • गंदगी न फैलाएं और पर्यावरण की रक्षा करें।
  • अपने अधिकारों के साथ दूसरों के अधिकारों का भी ध्यान रखें।
  • देश के लिए मेहनत करें और पढ़ाई से भविष्य बनाएं।

Q.26:

  1. नीचे स्तंभ 1 में स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित कुछ तथ्य दिए गए हैं और स्तंभ 2 में स्वतंत्रता सेनानियों के नाम दिए गए हैं। तथ्यों का स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से रेखा खींचकर सही मिलान कीजिए। इसके लिए आप अपने शिक्षकों, अभिभावकों और पुस्तकालय तथा इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं। क्रम  स्तंभ 1 स्तंभ 2 1. 8 अप्रैल, 1929 को ‘सेंट्रल असेंबली’ में बम फेंकने वाले क्रांतिकारी, ‘शहीद-ए-आजम’ के नाम से जाने जाते है। 1. सरदार वल्लभभाई पटेल  2. ‘स्वराज पार्टी’ के संस्थापकों में से एक, सुभाषचंद्र बोस के राजनीतिक गुरु कहे जाते हैं। 2. महात्मा गाँधी 
       3.  जेल में क्रांतिकारियों के साथ राजबंदियों के समान व्यवहार न होने के कारण क्रांतिकारियों ने 13 जुलाई 1929 से भूख हड़ताल शुरू कर दी। अनशन के तिरसठवें दिन जेल में इनका देहांत हो गया।  3. चंद्रशेखर आजाद   4. इनके जन्मदिवस पर ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ मनाया जाता है।   4. चित्तरंजन दास   5.  नर्मदा नदी के तट पर इनकी एक विशाल प्रतिमा स्थापित है। जिसे ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ कहा जाता है। 5. जतिन दास   6.  1921 में असहयोग आंदोलन में गिरफ्तार होने पर न्यायाधीश ने इनसे पिता का नाम पूछा तो इन्होंने कहा- “मेरा नाम आजाद है, पिता का नाम स्वतंत्रता और पता कारावास है।” 6. भगत सिंह 
  2. इनमें से एक स्वतंत्रता सेनानी का नाम ‘तरुण के स्वप्न’ पाठ में भी आया है। उसे पहचान कर लिखिए।

Solution:

  1.  क्रम  स्तंभ 1 स्तंभ 2 1. 8 अप्रैल, 1929 को ‘सेंट्रल असेंबली’ में बम फेंकने वाले क्रांतिकारी, ‘शहीद-ए-आजम’ के नाम से जाने जाते है। 6. भगत सिंह 2. ‘स्वराज पार्टी’ के संस्थापकों में से एक, सुभाषचंद्र बोस के राजनीतिक गुरु कहे जाते हैं।  4. चित्तरंजन दास  
       3.  जेल में क्रांतिकारियों के साथ राजबंदियों के समान व्यवहार न होने के कारण क्रांतिकारियों ने 13 जुलाई 1929 से भूख हड़ताल शुरू कर दी। अनशन के तिरसठवें दिन जेल में इनका देहांत हो गया।  5. जतिन दास  4. इनके जन्मदिवस पर ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ मनाया जाता है।  2. महात्मा गाँधी   5.  नर्मदा नदी के तट पर इनकी एक विशाल प्रतिमा स्थापित है। जिसे ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ कहा जाता है।  1. सरदार वल्लभभाई पटेल  6.  1921 में असहयोग आंदोलन में गिरफ्तार होने पर न्यायाधीश ने इनसे पिता का नाम पूछा तो इन्होंने कहा- “मेरा नाम आजाद है, पिता का नाम स्वतंत्रता और पता कारावास है।” 3. चंद्रशेखर आजाद 
  2. ‘तरुण के स्वप्न’ पाठ में चित्तरंजन दास का नाम आया है। पाठ में सुभाषचंद्र बोस ने उनके स्वप्न की बात की है और उन्हें अपना प्रेरणास्रोत माना है।

Q.27: नेताजी सुभाषचंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वाधीन संपन्न समाज की स्थापना के लिए अपने समय में अनेक प्रयास किए। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात इस दिशा में क्या-क्या उल्लेखनीय प्रयत्न किए गए हैं? अपनी सामाजिक अध्ययन की पाठ्यपुस्तक, अपने अनुभवों एवं पुस्तकालय की सहायता से लिखिए।

Solution:

नेताजी सुभाषचंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयास:
नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज बनाई और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा देकर लोगों को प्रेरित किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत्याग्रह से आजादी की लड़ाई लड़ी, जैसे दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद ने क्रांति के रास्ते से अंग्रेजों का विरोध किया। इन सभी ने एक स्वाधीन और संपन्न समाज का सपना देखा।

स्वतंत्रता मिलने के बाद सरकार और लोगों ने कई उल्लेखनीय कोशिशें कीं, जो मेरी सामाजिक अध्ययन की किताब, अनुभव और पुस्तकालय से पता चलीं:

  • शिक्षा के लिए: सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान शुरू किया, जिससे हर बच्चे को मुफ्त पढ़ाई मिले। आज स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए मिड-डे मील भी मिलता है, जो मैंने खुद देखा है।
  • गरीबी हटाने के लिए: पंचवर्षीय योजनाओं से गांवों में सड़कें, बिजली और पानी की व्यवस्था की गई। मेरे गांव में भी सोलर लाइट लगी है।
  • बराबरी के लिए: संविधान में सभी को समान अधिकार दिए गए। महिलाओं और दलितों के लिए नौकरी और शिक्षा में आरक्षण हुआ, जिससे वे आगे बढ़ सके।
  • स्वास्थ्य के लिए: आयुष्मान भारत योजना से गरीब लोग मुफ्त इलाज करा सकते हैं। मेरे पड़ोस में किसी को इसका फायदा मिला है।
  • आर्थिक विकास के लिए: उद्योग और तकनीक को बढ़ावा दिया गया। आज भारत में मोबाइल और कंप्यूटर बनाने की फैक्टरियां हैं।

निष्कर्ष: ये सभी प्रयास सुभाषचंद्र बोस के स्वाधीन और संपन्न समाज के सपने को पूरा करने की दिशा में हैं। मैंने अपनी किताब और आसपास के अनुभवों से ये सीखा है। पुस्तकालय से भी इतिहास की किताबों में इन योजनाओं के बारे में पढ़ा।


Q.28: सुभाषचंद्र बोस ने स्त्रियों के लिए समान अधिकार की बात की है। अपने अनुभवों के आधार पर बताइए कि उन्हें कौन-कौन से विशेषाधिकार राज्य की ओर से दिए गए हैं?

Solution: सुभाषचंद्र बोस चाहते थे कि औरतें पुरुषों के बराबर अधिकार पाएं। आज सरकार ने औरतों को कई विशेषाधिकार दिए हैं, जो मैंने अपने आसपास देखे हैं:

  • शिक्षा: लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा और स्कॉलरशिप दी जाती है, जैसे मेरी बहन को स्कूल में किताबें मुफ्त मिलती हैं।
  • नौकरी: औरतों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण है, जैसे मेरी पड़ोसन को बैंक में नौकरी मिली।
  • सुरक्षा: महिलाओं के लिए हेल्पलाइन (1091) और कानून जैसे दहेज विरोधी कानून बनाए गए हैं।
  • स्वास्थ्य: माताओं और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण और चेकअप कैंप लगते हैं, जो मैंने गांव में देखा।
  • वोट का अधिकार: औरतें भी पुरुषों की तरह वोट डाल सकती हैं, जैसे मेरी मां चुनाव में जाती हैं।

Q.29: सुभाषचंद्र बोस ने ‘आजाद हिंद फौज’ का नेतृत्व किया था। उसमें एक टुकड़ी स्त्रियों की भी थी। उस टुकड़ी का नाम पता लगाकर लिखिए। उस टुकड़ी की भूमिका क्या थी? यह भी बताइए।

Solution: सुभाषचंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में औरतों की एक टुकड़ी थी, जिसका नाम झांसी रेजिमेंट था।
भूमिका: इस टुकड़ी की औरतों ने जंग में हिस्सा लिया। वे लड़ाई में अंग्रेजों से मुकाबला करती थीं और देश की आजादी के लिए जान की परवाह नहीं करती थीं। साथ ही, वे घायलों की देखभाल और प्रेरणा देने का काम भी करती थीं।


Q.30: आप किस स्वतंत्रता सेनानी के कार्यों व विचारों से प्रभावित हैं? कारण सहित लिखिए और अभिनय (रोल प्ले) करते हुए उनके विचारों को कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

Solution: मैं किस स्वतंत्रता सेनानी से प्रभावित हूँ: मैं सुभाषचंद्र बोस से प्रभावित हूँ। उनके कार्य और विचार मुझे बहुत पसंद हैं।
क्यों प्रभावित हूँ:

  • सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज बनाई और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा दिया, जो उनके साहस को दिखाता है।
  • वे चाहते थे कि देश में सभी को बराबरी मिले, खासकर औरतों को भी पुरुषों जितने अधिकार मिलें।
  • उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए देश के लिए लड़ाई लड़ी, जो मुझे प्रेरित करता है कि हमें अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करनी चाहिए।

कक्षा में अभिनय (रोल प्ले): मैं सुभाषचंद्र बोस बनकर बोलता हूँ
“नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, खासकर मेरे युवा भाइयों और बहनों! आज हम गुलामी की जंजीरों में हैं, लेकिन डरने की जरूरत नहीं! तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। हम सब मिलकर अंग्रेजों को भारत से भगाएंगे। औरतें भी हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगी। हमें मेहनत और त्याग से एक स्वाधीन और संपन्न समाज बनाना है। तो उठो, जागो और देश के लिए लड़ो!”
(फिर मैं कक्षा में बच्चों से पूछता हूँ, “क्या तुम मेरे साथ आजादी का नारा लगाओगे? ‘जय हिंद!'”)


Q.31: ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष में 1944 में सुभाषचंद्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ नारे के माध्यम से आह्वान किया था। स्वाधीनता संग्राम के दौरान और भी बहुत से नारे दिए गए। ये नारे स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, निर्भीकता और देश-प्रेम को दर्शाते हैं।
नीचे स्तंभ 1 में कुछ नारे दिए गए हैं। नारों के सामने लिखिए कि यह किसके द्वारा दिया गया? आप पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।

नारास्वतंत्रता सेनानी 
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।  
करो या मरो  
 मैं आजाद हूँ, आजाद रहूँगा और आजाद ही मरूँगा  
 इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद  
पूर्ण स्वराज 

Solution:

नारास्वतंत्रता सेनानी 
स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।बाल गंगाधट तिलक
करो या मरो महात्मा गांधी
 मैं आजाद हूँ, आजाद रहूँगा और आजाद ही मरूँगा चंद्रथेखट आजाद
 इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद भगत सिंह
पूर्ण स्वराजजवाहटलाल नेहर

Q.32: आप सभी राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों के विषय में पढ़कर उनमें से 10 महिला एवं 10 पुरुष स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों का संग्रह करके एक संग्रहिका तैयार कीजिए। चित्रों के नीचे उनके विशेष योगदान के बारे में एक-दो वाक्य भी लिखिए। अपनी संग्रहिका तैयार करते समय ध्यान रखिए कि आप किसी भी राज्य से एक से अधिक व्यक्ति न चुने।

Solution: छात्र इसे स्वयं करें


Q.33: आपने जो पाठ पढ़ा है उसमें सुभाषचंद्र बोस तरुणों से अपने सपनों की बात करते हैं। अब आप नेताजी सुभाषचंद्र बोस द्वारा लिखित पत्र पढ़िए जिसमें उन्होंने गृह एवं कुटीर उद्योग पर अपने विचार व्यक्त किए हैं-

Solution: विद्यार्थी स्वयं पढ़ने का प्रयास करें।


Q.34: उपर्युक्त पत्र में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने गृह एवं कुटीर उद्योग की बात की है। यह पत्र देश की स्वतंत्रता से पहले लिखा गया था। अपने आस-पास के गृह एवं कुटीर उद्योगों के विषय में अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए।

Solution: सुभाषचंद्र बोस ने अपने पत्र में गृह और कुटीर उद्योगों की बात की है, जो देश की आजादी से पहले लिखा गया था। ये उद्योग घर पर या छोटे स्तर पर चलने वाले काम हैं, जैसे हस्तकला, सिलाई या खाने की चीजें बनाना। मैंने अपने साथियों के साथ इस पर चर्चा की। यहाँ एक आसान उदाहरण है जो हमने बात की:

  • मेरा साथी रवि ने कहा: मेरे गांव में कई औरतें घर पर अगरबत्ती बनाती हैं। यह कुटीर उद्योग है, जो परिवार को कमाई देता है और बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे गांव मजबूत होता है।
  • मेरी साथी सीमा ने कहा: मेरी मां घर पर सिलाई का काम करती हैं। यह गृह उद्योग है, जो हमें पढ़ाई के लिए पैसे देता है। लेकिन कभी-कभी बाजार में सामान बेचने में मुश्किल होती है।
  • मैंने कहा: मेरे पड़ोस में लोग घर पर पापड़ और अचार बनाते हैं। यह छोटा उद्योग है, जो रोजगार देता है। लेकिन आजादी के बाद सरकार ने इन उद्योगों को मदद दी, जैसे लोन और ट्रेनिंग। इससे लोग आत्मनिर्भर बनते हैं।

हमने चर्चा से सीखा कि ये उद्योग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं और गांवों में रोजगार बढ़ाते हैं। अगर आप भी चर्चा करें, तो अपने आसपास के उदाहरण बताएं!


Q.35: नीचे दी गई इंटरनेट कड़ी का प्रयोग करके आप सुभाषचंद्र बोस पर आधारित फिल्म देख सकते हैं।
https://www.youtube.com/watch?v=u_zmDD54dU4

  • ‘आजाद हिंद फौज’ के विषय में और अधिक जानकारी जुटाइए और अपनी कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।

Solution: सुभाषचंद्र बोस पर आधारित फिल्म
इंटरनेट लिंक से फिल्म का नाम लाइफ ऑफ सुभाषचंद्र बोस है। यह NFAI कलेक्शन की एक फिल्म है, जिसमें नेताजी की असली जिंदगी के फुटेज हैं। फिल्म में दिखाया गया है:

  • बोस की जिंदगी के मुख्य घटनाएं, जैसे सरदार पटेल, मौलाना आजाद और आचार्य कृपलानी से मिलना।
  • आजाद हिंद फौज का नेतृत्व, “जय हिंद” का नारा और ब्रिटिश के खिलाफ युद्ध।
  • जर्मनी और पूर्व एशिया में उनकी गतिविधियां, राष्ट्रीय ध्वज की कल्पना और स्वराज के लिए लड़ाई।
  • भारत से गायब होना और उनकी आखिरी यात्रा, साथ में सैनिकों के बलिदान।

यह फिल्म बोस की देशभक्ति और आजादी की लड़ाई को दिखाती है। आप इसे देखकर और प्रेरित हो सकते हैं!
‘आजाद हिंद फौज’ के विषय में जानकारी
मैंने इंटरनेट से जानकारी जुटाई और अब कक्षा में प्रस्तुत कर रहा हूँ। आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी – INA) भारत की आजादी की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • इतिहास: आजाद हिंद फौज की शुरुआत 1942 में मोहन सिंह ने की थी, लेकिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में इसे नया रूप दिया। बोस 2 जुलाई 1943 को सिंगापुर पहुंचे और रास बिहारी बोस से नेतृत्व लिया। फौज में भारतीय सैनिक थे, जो ब्रिटिश फौज से अलग होकर शामिल हुए। बोस ने इसे “आजाद हिंद सरकार” का हिस्सा बनाया।
  • भूमिका भारत की आजादी में: फौज ने जापान की मदद से 1944 में बर्मा से भारत पर हमला किया (इम्फाल अभियान)। हालांकि यह सैन्य रूप से असफल रहा, लेकिन इसने भारतीयों को प्रेरित किया। बोस ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा दिया, जिससे लोग देशभक्ति से भर गए। INA के ट्रायल ने ब्रिटिश फौज में बगावत फैलाई और आजादी की मांग तेज की। इसमें औरतों की “झांसी रेजिमेंट” भी थी, जो लड़ाई में हिस्सा लेती थी।
  • मुख्य तथ्य: फौज में 40,000 से ज्यादा सैनिक थे। बोस ने इसे पूर्व एशिया में बनाया और “जय हिंद” का नारा दिया। यह आजादी की लड़ाई में एक क्रांतिकारी कदम था, जो दिखाता है कि बोस कितने बहादुर थे।

कक्षा में प्रस्तुति: “नमस्ते दोस्तों! आज मैं आजाद हिंद फौज के बारे में बताता हूँ। नेताजी बोस ने इसे बनाया और ब्रिटिश से लड़ाई की। यह फौज भारत की आजादी के लिए प्रेरणा बनी। जय हिंद!”

NCERT Solutions Class 8 Hindi (Malhar)

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  2. दो गौरेया (कहानी)
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  4. हरिद्वार
  5. कबीर के दोहे
  6. एक टोकरी भर मिट्टी
  7. मत बाँधो (कविता)
  8. नए मेहमान
  9. आदमी का अनुपात
  10. तरुण के स्वप्न

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