Extra Questions of Class 9 Hindi – B Arun Kamal Chapter 12

myCBSEguide App

myCBSEguide

Trusted by 70 Lakh Students

Install App

UPES, Dehradun - Enroll Yourself for the Academic Year 2020

Apply Now


Extra Questions of Class 9 Hindi – B Arun Kamal Chapter 12. myCBSEguide has just released Chapter Wise Question Answers for class 09 Hindi – B. There chapter wise Practice Questions with complete solutions are available for download in myCBSEguide website and mobile app. These test papers with solution are prepared by our team of expert teachers who are teaching grade in CBSE schools for years. There are around 4-5 set of solved Hindi Extra questions from each and every chapter. The students will not miss any concept in these Chapter wise question that are specially designed to tackle Exam. We have taken care of every single concept given in CBSE Class 09 Hindi – B syllabus and questions are framed as per the latest marking scheme and blue print issued by CBSE for class 09.

CBSE Class 9 Hindi Ch – 12

Download as PDF

Chapter 12 Class 9 Hindi – B Important Questions

Ch-12 अरुण कमल
  1. खुशबू रचते हैं हाथ में कौन-सी समस्या समाज के लिए घातक है?

  2. खुसबू रचते हैं हाथ शीर्षक कविता का मूल भाव लिखिए।

  3. कूड़े-करकट के ढेरों के बाद शब्दों से खुशबू रचने वालों के परिवेश के बारे में क्या पता चलता है?

  4. खुशबू रचने वालों को गंदे मुहल्ले के गंदे लोग क्यों कहा गया है?

  5. अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कवि ने कौन-कौन से निशान याद रखे थे? नए इलाके में कविता के आधार पर उत्तर लिखिए।

  6. खुशबू रचते हैं हाथ कविता में कवि किस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता है और क्यों?

  7. व्याख्या कीजिए-

    1. यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं
      एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया
    2. समय बहुत कम है तुम्हारे पास
      आ चला पानी ढहा आ रहा अकास
      शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर
  8. नए इलाके में कविता में कवि ने शहरों की किस विडम्बना की ओर संकेत किया है?

Ch-12 अरुण कमल


Answer

  1. किसी भी देश के बच्चे ही उसका भविष्य होते हैं। इन बच्चों के बाल मज़दूर के रूप में काम करने से वे पढ़ लिख नहीं सकेंगे। उनके खेलने-कूदने के दिन मज़दूरी करने में बीत रहे हैं। ऐसे में ये बच्चे आजीवन मज़दूर बनकर रह जाएँगे। बाल मज़दूरी की यह समस्या समाज और राष्ट्र के लिए घातक है।
  2. इस कविता को लिखने के पीछे कवि का उद्देश्य समाज के निचले तबके द्वारा किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य प्रकाश में लाना है। कवि सामाजिक और आर्थिक विषमता के प्रति हमें सचेत और जागरूक करना चाहते हैं।
  3. ‘कूड़े-करकट के ढेरों के बाद’ शब्दों से ‘खुशबू रचने वालों’ के परिवेश के बारे में यह पता चलता है कि वे बहुत ही गंदे स्थानों पर रहते हैं।
  4. खुशबू रचने वालों को, गंदे मुहल्ले के गंदे लोग इसलिए कहा जाता है कि खुशबू रचने वाले लोग गन्दे मुहल्लों में रहते हैं और स्वयं भी गन्दे होते हैं।
  5. अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए कवि ने निम्न निशान याद रखे थे। पीपल का पेड़, खाली पड़ा प्लॉट या ढहा हुआ मकान तथा एक मंजिला बिना रंग के फाटक वाला मकान।
  6. जहाँ अगरबत्तियाँ बनती हैं, वहाँ का माहौल बदबूदार होता है। वे दुनिया की निकृष्टतम बस्तियाँ हैं। इन गंदी बस्तियों में श्रमिक रहते हैं। वहाँ जीने की दशाएँ बेहद खराब हैं तथा श्रमिकों की दीन-हीन दशा की ओर कवि ध्यान आकर्षित करना चाहता है।
    1. कवि परिवर्तन के दौर की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहता है कि अब जीवन को स्मृति के सहारे नहीं जिया जा सकता। अब वह कई बार धोखा दे जाती है। यह दुनिया रोज नए रंग बदलती है। यह एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है। यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है।
    2. व्यक्ति के पास समय का अभाव है। नई परिस्थितियों में सभी काम में व्यस्त हैं। रोज नए परिवर्तन हो रहे हैं। ऐसे बदलते वातावरण में भी आशा की एक किरण अवश्य रहती है कि सम्भवतः कोई ऊपर से देखकर पहचान कर पुकार ले।
  7. इस कविता में कवि ने शहरों की विडंबना की ओर संकेत किया है कि वहाँ के लोगों के पास समय का सदा अभाव रहता है। वहाँ कोई किसी से जान-पहचान रखना नहीं चाहता। दरवाज़ा खटखटाने पर भी कोई किसी की सहायता करने को तैयार नहीं होता। वहाँ अब पूर्व परिचितों का अकाल-सा पड़ गया है। वहाँ सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त रहते हैं। शहरों में पड़ोसी-पड़ोसी को नहीं पहचानता। न उनमें कोई प्रेम भावना तथा न स्नेह होता है।



Test Generator

Test Generator

Create Tests with your Name & Logo

Try it Now (Free)

Leave a Comment