Class 10 Hindi – A Ramvash Benipuri Extra Questions

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Class 10 Hindi – A Chapter 9 Ramvash Benipuri Extra Questions. myCBSEguide has just released Chapter Wise Question Answers for class 10 Hindi – A. There chapter wise Practice Questions with complete solutions are available for download in myCBSEguide website and mobile app. These test papers with solution are prepared by our team of expert teachers who are teaching grade in CBSE schools for years. There are around 4-5 set of solved Hindi Extra questions from each and every chapter. The students will not miss any concept in these Chapter wise question that are specially designed to tackle Board Exam. We have taken care of every single concept given in CBSE Class 10 Hindi – A syllabus and questions are framed as per the latest marking scheme and blue print issued by CBSE for class 10.

CBSE Class 10 Hindi Ch – 11 Test Paper

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CBSE Important Questions for Class 10 Hindi

रामवृक्ष बेनीपुरी (बालगोबिन भगत)

  1. निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़िए और नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
    बालगोबिन भगत की संगीत-साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया, जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह ! कुछ सुस्त और बोदा-सा था, किन्तु इसी कारण बालगोबिन भगत उसे और भी मानते। उनकी समझ में ऐसे आदमियों पर ही ज्यादा नजर रखनी चाहिए या प्यार करना चाहिए, क्योंकि ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं। बड़ी साध से उसकी शादी कराई थी, पतोहू बड़ी ही सुभग और सुशील मिली थी। घर की पूरी प्रबंधिका बनकर भगत को बहुत कुछ दुनियादारी से निवृत्त कर दिया था उसने। उनका बेटा बीमार है, इसकी खबर रखने की लोगों को कहाँ फुरसत ! किन्तु मौत तो अपनी ओर सबका ध्यान खींचकर ही रहती है।

    1. बालगोबिन भगत के अनुसार कैसे लोग निगरानी और मुहब्बत के ज़्यादा हकदार होते हैं?
    2. बीमारी और मृत्यु की ख़बर में क्या अन्तर देखा जाता है?
    3. बालगोबिन भगत की संगीत साधना का उत्कर्ष किस दिन देखा गया?
  2. लड़के के देहान्त के बाद बालगोबिन भगत ने पतोहू को कि बात के लिये बाध्य किया? उनका यह व्यवहार उनके किस प्रकार के विचार का प्रमाण है?

  3. भादों की अंधेरी रात्रि में भी बालगोबिन भगत की संगीत साधना किस प्रकार उन्हें तथा अन्य लोगों को प्रभावित करती थी?

  4. श्राद्ध की अवधि पूरी होते ही पतोहू को भाई के साथ भेजने का निर्णय इतना शीघ्र लेने का क्या कारण हो सकता था? बालगोबिन भगत पाठ के आधार पर बताइए।

  5. हर वर्ष गंगा स्नान जाते समय भगत के मन में क्या विचार होते थे?

  6. गर्मियों की उमस में भगत का आँगन शीतलता प्रदान करता था। कैसे?

रामवृक्ष बेनीपुरी (बालगोबिन भगत)

Answer

    1. बालगोबिन भगत के अनुसार जो लोग शारीरिक रूप से अक्षम और मानसिक रूप से शिथिल होते हैं वे निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं |
    2. बीमार और मृत्यु के खबर में यह अंतर देखा जाता है कि किसी के बीमार होने का समाचार पाकर सामान्यतः लोग अधिक ध्यान नहीं देते। केवल बीमार व्यक्ति के सुपरिचित तथा संबंधी ही देखने पहुँचते हैं लेकिन मृत्यु की खबर सभी का ध्यान आकर्षित कर लेती है। परिचित-अपरिचित सभी लोग संवेदना प्रकट करने पहुँच जाते हैं।
    3. बालगोबिन भगत की संगीत साधना का उत्कर्ष उस दिन देखा गया जिस दिन उनके पुत्र की मृत्यु हुई और ऐसे हृदयविदारक अवसर पर भी बालगोबिन का गायन बंद नहीं हुआ।
  1. लड़के के देहांत के बाद जैसे ही श्राद्ध की अवधि समाप्त हुई वैसे ही बालगोबिन भगत ने पतोहू के भाई को बुला भेजा और उसे यह आदेश दिया गया कि वह पतोहू का पुनर्विवाह करवा दे | उन्होंने अपनी इसी इच्छा के साथ पतोहू को उसके भाई के साथ उसके मायके भेज दिया | यह व्यवहार उनकी रुढ़िवादी प्रगतिशील विचारधारा का परिचायक होने के साथ-साथ विधवा विवाह के समर्थक होने पर भी बल देता है |
  2. भादों की अँधेरी रात्रि में जब बलोगोबिं भगत गाते हुए अपने संगीत में तल्लीन हो जाते थे तब बिजली की चमक और बादलों की गर्जन में भी उनका स्वर सोते हुए लोगों के कानों में पहुँच कर उन्हें जगा देता था | खंजड़ी की आवाज़ के साथ दार्शनिक विचारों से ओतप्रोत उनके गीत सबके मन को मोह लेते थे और व्यक्ति अनजाने ही उनकी ओर खींचा चला आता था |
  3. अपने इकलौते बेटे के देहांत के बाद श्राद्ध की अवधि पूरी होते ही अपनी पतोहू को उसके भाई के साथ भेजने का अटल निर्णय किया क्योंकि उनका विचार था कि अभी उसकी उम्र संसार देखने एवं उस का आनंद लेने की है यहां रह कर विधवा का जीवन जीते हुए उनकी सेवा करने की नहीं है। बालगोबिन भगत जी प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति थे। उन्होंने यह निर्णय अपने पतोहू की जीवन की भलाई के लिए किया। भगत जी जानते थे कि कि उनकी पतोहू सुभग और सुशील स्त्री हे। उनकी सेवा और देखभाल बड़े ही मन से करेगी परंतु उसकी सेवा उनके निर्णय में बाधा उत्पन्न न कर दे इसीलिए श्राद्ध की अवधि के तुरंत बाद ही पतोहू के भाई को बुला कर साथ भेजने का प्रबंध किया और उसे दूसरी शादी कर लेने का आदेश दिया।
  4. हर वर्ष गंगा स्नान जाते समय भगत के मन में निम्नलिखित विचार होते –
    1. भिन्न विचारधारा को अपने अन्दर धारण करना |
    2. तीस कोस तक पैदल चलना |
    3. भिक्षा नहीं मांगना |
    4. पांच दिन तक केवल पानी ही पीकर रहना |
    5. संत-समागम को ही प्रमुखता देना |
  5. गर्मी की उमस भगत जी के स्वरों को निढाल नहीं कर पाती थी, बल्कि उनके संगीत से वातावरण शीतल हो जाता था। अपने घर के आंगन में आसन जमा बैठते। गांव के कुछ संगीत प्रेमी भी उनका साथ देते। खंजड़ी और करतालों की संख्या बढ़ जाती। एक पद गोविंद जी कहते, पीछे उनकी मंडली उसे दूसरी बार तीसरी बार बोलती जाती। एक निश्चित ताल, एक निश्चित गति से धीरे धीरे स्वर ऊंचा होने लगता। उस ताल- स्वर् चढ़ाव के साथ श्रोताओं के मन भी ऊपर उठने लगते। धीरे धीरे मन – तन पर हावी हो जाता अर्थात लोगों के मन के साथ साथ उनका शरीर भी झूमने लगता। एक क्षण ऐसा भी आता जब भगत जी नाच रहे होते तथा सभी उपस्थित लोगों के तन मन भी झूम रहे होते । सारा आंगन नृत्य और संगीत से भरपूर हो जाता तथा गर्मी की उमस भी शीतल प्रतीत होने लगती।



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