Class 10 Hindi – A Sana Sana Hath Jodi Extra Questions

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CBSE Class 10 Hindi Ch – 3 Test Paper

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CBSE Practice Questions for Class 10 Hindi

साना-साना हाथ जोड़ी

  1. जितेन नोर्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति तथा वहाँ की भौगोलिक स्थिति और जन जीवन के बारे में जो-जो महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं? उन्हें अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

  2. प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ को कैसे रोका जा सकता है?

  3. जितेन नार्गे की गाइड की भूमिका के बारे में विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में क्या गुण होते हैं?

  4. ‘कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं।’ ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के इस कथन में निहित जीवन मूल्यों को स्पष्ट कीजिए और बताइए कि देश की प्रगति में नागरिक की क्या भूमिका है?

  5. सिक्किम के यात्रा-वृत्तांत में लेखिका को सीमा पर तैनात सैनिकों को देखकर किस प्रकार की अनुभूति हुई? साना-साना हाथ जोड़ि पाठ के आधार पर बताइए।

  6. एक संवेदनशील युवा नागरिक के रूप में पर्यावरण-प्रदूषण को रोकने में आपकी क्या भूमिका हो सकती है? साना साना हाय जोड़ि पाठ को दृष्टि में रखते हुए उत्तर दीजिए।

  7. ‘काश कश्मीर के साथ भी ऐसा सहज विलय हो जाता’ लेखिको मधु कांकरिया का इस बात को कहने के पीछे क्या उद्देश्य निहित है ? आपके मन में कश्मीर की स्थिति पर विचार करके क्या अनुभव होता है?

  8. देश की सीमा पर बैठे फौजी कई तरह से कठिनाइयों का मुकाबला करते हैं। सैनिकों के जीवन से किन-किन जीवन-मूल्यों को अपनाया जा सकता है? चर्चा कीजिए।

साना-साना हाथ जोड़ी

Answer

  1. “साना-साना हाथ जोडि” पाठ में जितेन नोर्गे द्वारा लेखिका को सिक्किम की प्रकृति और भौगोलिक स्थिति एवं जन-जीवन के बारे में बताया गया कि-
    1. गंगटोक की यात्रा में पूरे रास्ते हिमालय की गहनतम घाटियाँ और फूलों से भरी वादियाँ मिलेंगी। रास्ते में पाईन और धूपी के खूबसूरत पेड़ों के दर्शन होंगे। यहां के अविरल बहते झरने जगह जगह फूलों की चादर से ढकी वादियां,बर्फीली चोटियां आदि का अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है
    2. यह घाटी प्रियुता और रूड़ो ड्रेडों के फूलों से सजी हुई है। यहां की श्वेत और रंगीन पताकाएं सभी को विस्मित करती हैं।
    3. “कटाओ’ को प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर होने के कारण हिन्दुस्तान का स्विट्जरलैंड बताया। वहाँ ताजी बर्फ मिलती है। यहां की घाटियों में एक जादुई सम्मोहन है।
    4. जितेन नोर्गे ने गंताम, यूमथांग, कवी लोंग स्टॉक, लायुंग, कटाओ आदि स्थानों के भौगोलिक स्वरूप की जानकारी दी। उसने लेखिका को वेगवती तीस्ता नदी का संगीत व आसमान में उड़ते बादलों की सुंदरता का आभास कराया। गंगटोक का सही नाम गंतोक बताया जिसका अर्थ है–पहाड़। जब यह भारत में विलय हुआ तो आर्मी कप्तान शेखर दत्ता ने इसे टूरिस्ट स्पॉट बनाने का सुझाव दिया।

    जनजीवन-नोर्गे ने बताया कि यहाँ के लोग बहुत परिश्रमी हैं। यहाँ के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ शाम को अपनी माँ के साथ मवेशी चराने, पानी भरने, लकड़ियों के गट्ठर ढोने का काम भी करते हैं। वहाँ के लोग बौद्ध धर्म में आस्था रखते हैं। जब कोई अप्रिय घटना या मृत्यु हो जाती है तो किसी धार्मिक स्थान पर 108 श्वेत पताकाएँ फहराते हैं तथा किसी शुभ कार्य के अवसर पर 108 रंगीन पताकाएँ फहराते हैं। जितेन ने यह भी बताया कि प्रेयर व्हील घुमाने से सारे पाप धुल जाते हैं।

  2. प्रकृति के साथ हो रहे खिलवाड़ को निम्नलिखित उपायों द्वारा कम कर सकते हैं-
    1. पहाड़ों पर लगे वृक्षों को न काटें और काटने वालों को भी रोकने से।
    2. पहाड़ों पर अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ व दूसरों को भी लगाने के लिए प्रेरित करके।
    3. कम से कम वाहनों का प्रयोग करके जिससे प्रदूषण कम फैलेगा।।
    4. नदियों आदि में गंदे नाले, अपशिष्ट पदार्थों को बहाना बन्द करके।
    5. पॉलीथिन का प्रयोग कम से कम करके हम प्रकृति को सुरक्षित रख सकते हैं।
    6. प्रकृति के प्रकोप से बचने के लिए प्राकृतिक उपादान से छेड़छाड़ कम करके।
    7. बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करके।
  3. जितने नार्गे एक कुशल गाइड हैं-‘साना-सान हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर बताइए। उत्तर जितेन नार्गे एक कुशल गाइड है। वैसे तो पर्यटक वाहनों में ड्राइवर अलग और गाइड अलग होते हैं, लेकिन जितेन ड्राइवर-कम-गाइड है। अत: हम कह सकते हैं कि एक कुशले गाइड को वाहन चलाने में भी कुशल होना चाहिए ताकि आवश्यकता पड़े तो वह ड्राइवर की भूमिका भी निभा सके।
    एक कुशल गाइड को अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति तथा विभिन्न स्थानों के महत्व तथा उनसे जुड़ी रोचक जानकारियों का ज्ञान भी होना चाहिए जितेन ने यूमतांग का मतलब बताया कि – घाटियां । उसने बताया कि सिक्किम के लोग बौद्ध धर्म को मानते हैं, जब किसी बौद्ध धर्म के अनुयाई की मृत्यु होती है तो उसकी आत्मा की शांति के लिए शहर से दूर किसी भी पवित्र स्थान पर 108 श्वेत पताकाएं लगा दी जाती हैं।जितेन को पता है कि देवानंद अभिनीत ‘गाइड’ फिल्म (यह अपने समय की अति लोकप्रिय फिल्म थी) की शूटिंग लोंग स्टॉक में हुई थी। इससे पर्यटकों का मनोरंजन भी होता है और उनकी स्थान में रुचि भी बढ़ जाती हैं। जितेन यद्यपि नेपाली हैं, लेकिन उसे सिक्किम के जन-जीवन, संस्कृति तथा धार्मिक मान्यताओं का पूरा ज्ञान हैं। उसने बताया कि जगह -जगह दलाई लामा की तस्वीरें भी लगी हुई है जो लोगों की आस्था व विश्वास का प्रतीक है । वहाँ की कठोर जीवन- स्थितियों से भी वह भली-भाँति परिचित हैं। उसने बताया की यहां के लोग मेहनती होते हैं इसलिए सिक्किम राज्य की राजधानी को मेहनतकश बादशाहो का जगमगाता शहर कहा जाता है। इससे उसके कुशल गाइड़ होने का पता चलता हैै।
    जितेन का सबसे अच्छा गुण हैं-मानवीय संवेदनाओं की समझ तथा परिष्कृत संवाद शैली। वह सिक्किम की सुन्दरता का गुणगान ही नहीं करता, वहाँ के लोगों के दु:ख-दर्द के बारे में लेखिका से बातचीत करता है। सिक्किम की औरतों व बच्चों के जीवन पर भी प्रकाश डालता है। उसकी भाषा बड़ी परिष्कृत और संवाद का ढंग अपनत्व से पूर्ण है, जो किसी गाइड को आवश्यक गुण है। इसके अतिरिक्त एक कुशल गाइड को उत्साही, धैर्यवान तथा जिज्ञासु होना चाहिए।
  4. लेखिका ने यह बात उन स्त्रियों को देखकर कही है जो पहाड़ों के भारी-भरकम पत्थरों को तोड़कर रास्ता बनाने का श्रमसाध्य कार्य करने में लगी रहती हैं। उन्हें बहुत कम पैसा मिलता है, पर वे देश-समाज को बहुत अधिक लौटा देती हैं। देश की आम जनता भी देश की प्रगति में भरपूर योगदान करती हैं और उसे उतना नहीं मिल पाता जितने की वह हकदार होती है। देश के श्रमिक एवं किसान देश की प्रगति के लिए अनेक प्रकार के कार्यों के द्वारा अपना सहयोग देते हैं। यदि वे कार्य न करें तो देश प्रगति की राह पर आगे नहीं बढ़ सकता। उसके अलावा अन्य लोगों की भी बहुत बड़ी भूमिका है। देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की भी अहम भूमिका हैं । वह अपने वेतन व सुख-सुविधाओं की परवाह किए बिना देश की प्रगति के लिए अपना सहयोग देते हैं।देश के किसान भी धूप, सर्दी की परवाह किए बिना सबके लिए अन्न उगा कर सहयोग करते हैं। देश का फौजी व वैज्ञानिक भी कम वेतन पर पूूर्ण निष्ठा से सेवा कर प्रगति के नये रास्ते खोलता है।
  5. सीमा पर तैनात सैनिकों को देखकर लेखिका का मन उन फौजियों के प्रति श्रद्धा से नतमस्तक हो गया। वे सोचने लगी कि ये फौजी कितनी कठिनाइयों का सामना करते हैं। हम चैन की नींद सो सकें इसके लिए वेे एक पल भी नहीं सोते। शीत में चुस्त रहकर सीमा की रखवाली करते हैं। वैशाख में हम लोग वहाँ ठिठुरने लगते हैं। पौष और माघ के महीनों में तो वहाँ पेट्रोल के अलावा सब कुछ जम जाता है। ऐसी विकट परिस्थितियों में खाने-पीने के अभाव को झेलते हुए वे सीमा की रक्षा करते हैं। कई बार तो इन्हें अपनी जान से हाथ तक धोना पड़ता है पर वे इसकी परवाह नहीं करते क्योंकि उनके लिए तो देश ही सर्वोपरि है ।

  6. प्रदूषण आज की प्रमुख समस्याओं में से एक है जो मानव द्वारा निर्मित है। इसने प्रकृति और मानव को मकड़ी के जाले के समान इस प्रकार बाँध लिया है कि वह उसमें फँसता ही जा रहा है। ये प्रदूषण का श्राप वायु प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण के रूप में मानव-जाति को नुकसान पहुँचा रहा है। इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। मौसम चक्र बिगड़ने के कारण भयावह परिणाम जैसे बढ़ता तापमान, बेमौसम बरसात या कहीं सूखा आदि प्राकृतिक प्रकोप बढ़ते ही जा रहे हैं औऱ मानव को कष्ट पहुंचा रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी को पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कमर कसनी होगी। लोगों को जागरूक करना होगा। वनों को संरक्षित करने का अभियान छेड़ना होगा। अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए लोगों को सर्वप्रथम वह लोगों जो नदियों को दूषित होने से बचाना होगा। भूमि को प्रदूषण से बचा स्वच्छता व प्राकृतिक जीवन जीने के लिए अभियान चलाने होंगे। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता फेसबुक, ट्विटर व इंटरनेट के जरिए भी फैलाई जा सकती है। तभी इस धरती को बचाया जा सकता है अन्यथा प्रदूषण के परिणाम दुखद होंगे और मानव का अस्तित्व एक भयानक संकट में फँसता जाएगा।

  7. सिक्किम की राजधानी गंगटोक और उसके आगे हिमालय की यात्रा करते हुए लेखिका मधु कांकरिया सोचती है कि काश कश्मीर के साथ भी ऐसा सहज विलय हो जाता। कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग तो है परन्तु वहाँ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया है। लेकिन कुछ अलगाववादी संगठन भारत के जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाना चाहते हैं और इसके लिए वे अलगाववादी ताकते आतंकवादियों को प्रश्रय देते हैं। और सीमा पार से आतंकवादियों की गतिविधियाँ कश्मीर में चल रही हैं। पाकिस्तान उन आतंवादियों को भारत के खिलाफ नैतिक एवं आर्थिक समर्थन दे रहा है, हथियार भी दे रहा है। और भारत के इस जम्मू कश्मीर राज्य को काफी समय से अशांत किए हुए है। जब तक हम सीमा पार चल रहे पाकिस्तान के आतंकवादियों के आतंकी ट्रेनिंग शिविरों को नष्ट नहीं कर देते तब तक स्वर्ग के समान दिखने वाला जम्मू कश्मीर में शांति नहीं हो सकती।
    लेखिका यह कहना चाहती है कि जिस तरह सिक्किम का भारत के विलय हुआ और जनता ने उसे जिस रूप में स्वीकार किया काश जम्मू कश्मीर का भी इसी प्रकार का विलय भारत में हुआ होता तो यह अशांति देखने को नहीं मिलती। फिर से यहां धरती पर स्वर्ग वाली कहावत चरितार्थ हो जाती। लोगों में शांति और भाईचारा पनपने लगता। जनता में आतंकवाद का भाई समाप्त हो जाता।
  8. देश की सीमा पर बैठे फौजी देश के प्रहरी होते हैं। वे तन-मन से देश की रक्षा करते हैं। सीमाओं पर चाहे तापमान शून्य से नीचे हो या रेगिस्तान में आग बरसाता सूर्य वे मौसम की मार सहते हुए सहर्ष देश की रक्षा में लगे रहते हैं। चौबीस घंटे सतर्कतापूर्वक दुश्मन पर अपनी निगाहें व बंदूकें ताने रहते हैं। अपने परिवार से दूर, वे सदा दुश्मन को मारने के लिए तत्पर रहते हैं। इसके लिए वे अपने प्राणों की भी परवाह नहीं करते। उनका जीवन सभी के लिए एक आदर्श जीवन होता है । वे सबके मन मेें देश-प्रेम की भावना को जगाते है। वे हमें सिखाते हैं कि देश से बड़ा कोई नहीं है। देश है, तो हम हैं। जिस देश की माटी में हमने जन्म लिया, उसके लिए बलिदान करने के लिए सदा तैयार रहना चाहिए। परिवार, समाज, मित्र व शारीरिक सुख सभी देश के बाद हैं। हमें उनसे हर परिस्थिति में खुश रहने व जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के जीवनमूल्य की सीख मिलती हैं। सैनिकों का समस्त जीवन एक संघर्ष है, जिसे अपनाकर हम अपने जीवन को कुंदन बना सकते हैं।




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