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घर की याद – NCERT Solutions Class 9 Hindi Ganga

घर की याद – NCERT Solutions Class 9 Hindi Ganga includes all the questions with solution given in NCERT Class 9 हिंदी (गंगा) textbook.

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घर की याद – NCERT Solutions


Q.1:

भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?

Options:
(1) विदेश से मित्र के लिए
(2) युद्धभूमि से जनता के लिए
(3) जेल से परिवार के लिए ✅
(4) यात्रा से किसी संबंधी के लिए

Explanation:

इस कविता में कवि भवानीप्रसाद मिश्र अपने घर, माता-पिता, भाई-बहनों की गहरी याद और उनसे दूर होने का दर्द व्यक्त करते हैं। कविता में बार-बार “घर नजर में तिर रहा है” और परिवार के सदस्यों का भावनात्मक वर्णन यह दिखाता है कि कवि उनसे बहुत दूर और अकेले हैं। साथ ही, कविता में ऐसा संकेत मिलता है कि कवि किसी बंधन या मजबूरी में हैं, जहाँ से वे घर नहीं जा सकते। यह स्थिति जेल जैसी लगती है। इसलिए यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने यह कविता जेल में रहते हुए अपने परिवार को याद करते हुए लिखी।


Q.2:

लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?

Options:
(1) उत्साह और आवेग
(2) भय और क्रोध
(3) साहस और उमंग
(4) चिंता और बेचैनी ✅

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने लगातार गिरते हुए पानी का वर्णन अपने अंदर चल रही भावनाओं के प्रतीक के रूप में किया है। “बहुत पानी गिर रहा है” और “प्राण मन घिरता रहा है” जैसी पंक्तियाँ दिखाती हैं कि उनका मन उदास, व्याकुल और चिंतित है।
बारिश यहाँ आनंद नहीं देती, बल्कि घर की याद को और बढ़ा देती है, जिससे बेचेनी और तड़प पैदा होती है। इसलिए यह स्पष्ट है कि बरसता पानी कवि की चिंता और बेचेनी को दर्शाता है।


Q.3:

कविता “घर की याद” में माँ की कैसी छवि उभरती है?

Options:
(1) कमजोर और निष्क्रिय
(2) स्नेहमयी और दृढ़ ✅
(3) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(4) सरल और उदासीन

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने माँ का चित्र बहुत ही भावनात्मक और मजबूत रूप में प्रस्तुत किया है। वे कहते हैं कि माँ की गोद में सिर रखते ही दुख दूर हो जाता है-यह उनके असीम स्नेह को दर्शाता है। साथ ही, जब पिता दुखी होते हैं तो माँ उन्हें समझाती हैं और हिम्मत देती हैं। यह दिखाता है कि माँ केवल प्रेम करने वाली ही नहीं, बल्कि दृढ़ और सहनशील भी हैं।


Q.4:

“वज्र-भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?

Options:
(1) कर्मठ और सृजनशील
(2) साहसी और पराक्रमी
(3) दृढ़ और संवेदनशील ✅
(4) प्रसन्नचित्त और सक्रिय

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने “वज्र-भुज” (बहुत मजबूत भुजाएँ) और “नवनीत-सा उर” (मक्खन जैसा कोमल हृदय) जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इससे स्पष्ट होता है कि पिता बाहर से बहुत दृढ़ और शक्तिशाली हैं, लेकिन अंदर से उनका हृदय बहुत कोमल और भावुक है। इसलिए उनकी छवि एक साथ मजबूत और संवेदनशील व्यक्ति की बनती है।


Q.5:

“एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है?

Options:
(1) पिता की कठोरता
(2) पिता की भावुकता ✅
(3) वर्षा की तीव्रता
(4) पिता की निर्बलता

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र इस पंक्ति में बताते हैं कि पिता का हृदय बहुत कोमल है। “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए” का अर्थ है कि ज़रा-सी बात पर उनकी आँखों से आँसू बहने लगते हैं। यह उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि गहरी संवेदनशीलता और भावुकता को दर्शाता है। इसलिए यह पंक्ति पिता की भावुक प्रकृति की ओर संकेत करती है।


Q.6:

“बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?

Options:
(1) घर का समृद्ध होना
(2) घर की सजावट
(3) घर में दुख का वातावरण ✅
(4) घर की शांति

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने “परिताप” शब्द का प्रयोग गहरे दुःख, पीड़ा और मानसिक कष्ट के अर्थ में किया है। “बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि घर का वातावरण खुशी का नहीं, बल्कि दुख और चिंता से भरा हुआ है। इसलिए “परिताप” यहाँ घर में फैले दुःख और पीड़ा की ओर संकेत करता है।


Q.7:

“और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस बात की ओर संकेत करता है?

Options:
(1) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।
(2) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है। ✅
(3) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।
(4) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत है।

Explanation:

कवि भवानी प्रसाद मिश्र बार-बार यह कहते हैं- “उन्हें कहना मस्त हूँ मैं”, “मत करो कुछ शोक, कहना”। इससे स्पष्ट है कि वे अपने परिवार को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि वे ठीक और खुश हैं। असल में कवि अंदर से दुखी और व्याकुल हैं, लेकिन वे नहीं चाहते कि उनके कारण परिवार को चिंता हो। इसलिए वे अपने दुख को छिपाकर उन्हें सांत्वना देना चाहते हैं।


Q.8:

कविता “घर की याद” में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?

Options:
(1) घर की शांति और सुरक्षा
(2) घर के सदस्यों के बीच का संबंध
(3) घर के निर्माण की प्रक्रिया
(4) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा ✅

Explanation:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र पूरी कविता में अपने घर, माता-पिता, भाई-बहनों को याद करते हुए गहरी भावनाएँ व्यक्त करते हैं। लगातार बरसती बारिश उनके मन की उदासी और अकेलेपन को और बढ़ा देती है। कविता में मुख्य रूप से घर से दूर होने का दुख, परिवार की याद और अकेलेपन की पीड़ा को ही प्रमुखता से व्यक्त किया गया है।


Q.9:

कविता “घर की याद” में वर्णित पिता के व्यक्तित्व की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए जिनसे उनका बहुआयामी रूप सामने आता है।

Solution:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने अपने पिता के व्यक्तित्व को अत्यंत बहुआयामी रूप में प्रस्तुत किया है। वे शारीरिक रूप से मजबूत और पराक्रमी हैं, जिसका संकेत “वज्रभुज” शब्द से मिलता है। साथ ही उनका हृदय “नवनीत-सा” कोमल है, जिससे उनकी संवेदनशीलता और भावुकता प्रकट होती है। वे साहसी भी हैं-“मौत के आगे न हिचकें, शेर के आगे न बिचकें”- जो उनके निर्भीक स्वभाव को दर्शाता है।
पिता अनुशासनप्रिय और कर्मठ हैं, जो नियमित रूप से गीता-पाठ और व्यायाम करते हैं। इसके अलावा वे हँसमुख और जीवंत भी हैं, जो परिवार के साथ खुशियाँ बाँटते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने बच्चों से गहरा प्रेम करते हैं और उनके लिए चिंतित रहते हैं। इस प्रकार पिता का व्यक्तित्व शक्ति, साहस, संवेदनशीलता, अनुशासन और स्नेह का सुंदर संगम है।


Q.10:

“दुख डटकर ठेलता हूँ” यह कथन मनुष्य के संघर्षशील स्वभाव को उजागर करता है। “घर की याद” कविता के आधार पर बताइए कि कठिन परिस्थितियों में कवि किस प्रकार धैर्य, साहस और त्याग का परिचय देता है?

Solution:

कवि जेल में रहते हुए भी परिवार को अपनी पीड़ा न बताकर धैर्य का परिचय देते हैं। “मैं मजे में हूँ” कहकर साहस दिखाते हैं। देश के लिए घर-परिवार छोड़ना उनका सबसे बड़ा त्याग है। “दुख डटकर ठेलता हूँ” उनके संघर्षशील स्वभाव की पराकाष्ठा है।


Q.11:

कविता “घर की याद” में बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को किस प्रकार व्यक्त करता है?

Solution:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र कठिन परिस्थितियों में अपने संघर्षशील स्वभाव का परिचय देते हैं। वे घर से दूर हैं और परिवार की याद में दुखी भी हैं, फिर भी वे हार नहीं मानते। “दुख डटकर ठेलता हूँ” पंक्ति से स्पष्ट है कि वे अपने दुख का सामना साहस के साथ करते हैं, उससे भागते नहीं।
कवि अपने परिवार को चिंता में नहीं डालना चाहते, इसलिए वे उन्हें संदेश देते हैं कि वे “मस्त” हैं और सब ठीक है। यह उनके त्याग को दर्शाता है, क्योंकि वे अपने दुख को छिपाकर दूसरों को सुख देना चाहते हैं। साथ ही, वे धैर्य बनाए रखते हैं और परिस्थिति को सहन करते हैं। इस प्रकार कवि धैर्य, साहस और त्याग का परिचय देते हुए जीवन की कठिनाइयों का दृढ़ता से सामना करते हैं।


Q.12:

कविता “घर की याद” से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए और भाव स्पष्ट कीजिए जिनसे माँ की भावनात्मक मजबूती का परिचय मिलता है।

Solution:

कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने माँ की भावनात्मक मजबूती को बहुत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है। इसके लिए ये पंक्तियाँ उपयुक्त हैं –
“और माँ ने कहा होगा,
दुख कितना बहा होगा,
आँख में किसलिए पानी,
वहाँ अच्छा है भवानी,
वह तुम्हारा मन समझकर,
और अपनापन समझकर,
गया है सो ठीक ही है,
यह तुम्हारी लीक ही है।”
इन पंक्तियों में माँ पिता को समझाती हैं और उनका दुख कम करने का प्रयास करती हैं। वे अपने बेटे के दूर जाने के दर्द को सहते हुए भी उसे सही ठहराती हैं। इससे उनकी भावनात्मक दृढ़ता, धैर्य और त्याग का परिचय मिलता है।
माँ स्वयं दुखी होने के बावजूद परिवार को संभालती हैं और दूसरों को हिम्मत देती हैं। यही उनकी सच्ची मजबूती को दर्शाता है।


Q.13:

कविता “घर की याद” का कौन-सा अंश आपको सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है और क्यों?

Solution:

मुझे कवि भवानीप्रसाद मिश्र की कविता का यह अंश सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है-
“माँ की जिसकी गोद में सिर,
रख लिया तो दुख नहीं फिर,”
यह पंक्ति माँ के असीम प्रेम और स्नेह को बहुत सरल लेकिन गहरे रूप में व्यक्त करती है। इसमें बताया गया है कि माँ की गोद में ऐसा सुकून मिलता है, जहाँ सारे दुख अपने आप दूर हो जाते हैं।
यह अंश इसलिए भी प्रभावी है क्योंकि यह हर व्यक्ति के जीवन के सच्चे अनुभव से जुड़ा है। जब हम परेशान होते हैं, तो माँ का साथ हमें सबसे अधिक शांति देता है। कवि ने कम शब्दों में बहुत गहरी भावना व्यक्त की है, जिससे यह अंश हृदय को छू जाता है और पाठक को अपने परिवार की याद दिलाता है।


Q.14:

कविता का सौंदर्य
“गिर रहा पानी झरा-झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर’’
उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़िए। यहाँ शब्दों का चयन और संयोजन इस प्रकार किया गया है कि कविता में ध्वन्यात्मकता और नाद सौंदर्य की सृष्टि हुई है। शब्दों के ऐसे प्रयोग से कविता आकर्षक बनती है। कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे जीवंत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं। ऐसी कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता से ऐसी विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।
विशेषताएँ

  • स्मृति और दृश्य बिंब
  • लोकभाषा की सहजता
  • पंक्तियों का दोहराव
  • आलंकारिक प्रयोग
  • प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन
  • संबोधनात्मकता

Solution:

नीचे दी गई विशेषताओं के अनुसार कविता ‘घर की याद’ से उपयुक्त पंक्तियाँ इस प्रकार हैं—

  1. स्मृति और दृश्य बिंब
    “घर कि घर में चार भाई,
    मायके में बहिन आई,”
    “और माँ बिन-पढ़ी मेरी,
    दुख में वह गढ़ी मेरी,”
  2. लोकभाषा की सहजता
    “हाय रे परिताप के घर!”
    “हाय, पानी गिर रहा है,”
  3. पंक्तियों का दोहराव
    “बहुत पानी गिर रहा है,”
    “गिर रहा है आज पानी,”
  4. आलंकारिक प्रयोग
    “वज्र-भुज नवनीत-सा उर,” (उपमा अलंकार)
    “मन निहायत नम गया है,”
  5. प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन
    “गिर रहा पानी झरा-झर,
    हिल रहे पत्ते हरा-हर,”
    “बह रही है हवा सर-सर,
    काँपते हैं प्राण थर-थर,”
  6. संबोधनात्मकता
    “हे सजीले हरे सावन,”
    “हे कि मेरे पुण्य पावन,”

Q.15:

कविता की संरचना
‘घर की याद’ कवि के भीतर उठते भावों की यात्रा है। कविता में प्रकृति के माध्यम से व्यक्त इस यात्रा के प्रमुख चरणों का वर्णन करें।

Solution:

कविता ‘घर की याद’ कवि के मन में उठते भावों की एक क्रमिक यात्रा है, जो प्रकृति के दृश्यों के साथ-साथ आगे बढ़ती है। इसके प्रमुख चरण इस प्रकार हैं-

  1. वर्षा का आरंभ – उदासी और घिराव
    कविता की शुरुआत लगातार गिरते पानी से होती है-
    “आज पानी गिर रहा है…”
    यह वर्षा कवि के मन में एकाकीपन और उदासी को बढ़ाती है। बादलों का घिरना उसके भीतर के भावों के घिरने का प्रतीक है।
  2. सबेरा होना – अस्पष्टता और थकान
    “अब सबेरा हो गया है…”
    लेकिन बादलों के कारण उजाला स्पष्ट नहीं है। यह कवि के मन की उलझन और थकान को दर्शाता है।
  3. प्रकृति का चित्रण – संवेदनाओं का तीव्र होना
    “गिर रहा पानी झरा-झर…”
    प्रकृति के दृश्य (बारिश, हवा, पत्तों का हिलना) कवि की भावनाओं को और तीव्र बना देते हैं और उसका मन घर की ओर चला जाता है।
  4. घर की स्मृतियाँ – परिवार का याद आना
    “घर नजर में तिर रहा है…”
    अब कवि को अपना घर, भाई-बहन, माता-पिता सब याद आने लगते हैं। स्मृतियाँ एक-एक करके उभरती हैं।
  5. माता-पिता का स्मरण – स्नेह और करुणा
    कवि अपने पिता के साहस और माँ के स्नेह को याद करता है। यहाँ भावनाएँ अत्यंत कोमल और मार्मिक हो जाती हैं।
  6. आत्मसंघर्ष – दुख और संयम
    कवि अपने दुख को छिपाने की कोशिश करता है। वह सोचता है कि घरवाले उसके लिए दुखी न हों।
  7. सावन से संवाद – आशा और सांत्वना
    “हे सजीले हरे सावन…”
    कवि बादलों को संदेशवाहक बनाकर परिवार तक अपना संदेश पहुँचाना चाहता है और उनसे कहता है कि उसके दुख का वर्णन न करें।

निष्कर्ष

इस प्रकार वर्षा से आरंभ होकर स्मृतियों, भावनाओं और अंततः संदेश तक पहुँचने वाली यह यात्रा कवि के अंतर्मन की गहराई और उसके परिवार के प्रति प्रेम को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।


Q.16:

“घर की याद” कविता में चित्रित ‘घर’ एक भौतिक स्थान से बढ़कर भावनाओं और संबंधों के केंद्र के रूप में चित्रित हुआ है। वर्तमान में एकल परिवारों के बढ़ते चलन के संदर्भ में संयुक्त परिवार और एकल परिवार की तुलना कीजिए और कारण सहित लिखिए कि दोनों की कौन-कौन-सी बातें आपको पसंद हैं और कौन-कौन-सी नापसंद?

Solution:

कविता में ‘घर’ केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि प्रेम, अपनापन और संबंधों का केंद्र है। इसी दृष्टि से यदि आज के संदर्भ में संयुक्त परिवार और एकल परिवार की तुलना करें, तो दोनों के अपने-अपने गुण और सीमाएँ हैं।

संयुक्त परिवार में कई पीढ़ियाँ साथ रहती हैं। इसमें सबसे बड़ी विशेषता आपसी सहयोग और भावनात्मक सहारा है। कठिन समय में परिवार के सदस्य एक-दूसरे का साथ देते हैं, जिससे अकेलापन महसूस नहीं होता। बच्चों को दादा-दादी, चाचा-चाची से संस्कार और अनुभव मिलते हैं, जो उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं। त्योहारों और खुशियों का आनंद भी मिल-बाँटकर अधिक होता है।
लेकिन संयुक्त परिवार में कभी-कभी व्यक्तिगत स्वतंत्रता कम हो जाती है। निर्णय लेने में सबकी राय जरूरी होने के कारण मतभेद और विवाद भी हो सकते हैं। कई बार निजी जीवन में हस्तक्षेप भी महसूस होता है।

इसके विपरीत, एकल परिवार में केवल माता-पिता और बच्चे रहते हैं। इसमें स्वतंत्रता और निजी जीवन का अधिक महत्व होता है। व्यक्ति अपने निर्णय स्वयं ले सकता है और जीवन को अपनी सुविधा के अनुसार व्यवस्थित कर सकता है। आधुनिक जीवनशैली और नौकरी के कारण यह व्यवस्था अधिक व्यावहारिक भी लगती है।
किन्तु एकल परिवार में सबसे बड़ी कमी भावनात्मक सहारे की होती है। मुश्किल समय में सहायता सीमित होती है और बच्चों को बुजुर्गों का अनुभव व स्नेह कम मिल पाता है। कई बार अकेलापन भी महसूस होता है।

मुझे संयुक्त परिवार की आपसी प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक समृद्धि वाली बातें बहुत पसंद हैं, जबकि उसमें स्वतंत्रता की कमी नापसंद है। वहीं, एकल परिवार की स्वतंत्रता और सरल जीवनशैली अच्छी लगती है, लेकिन उसमें संबंधों की गर्माहट और सामूहिकता की कमी खलती है।

अतः कहा जा सकता है कि आदर्श स्थिति वही है जहाँ संयुक्त परिवार की भावनात्मक निकटता और एकल परिवार की स्वतंत्रता-दोनों का संतुलन बना रहे।


Q.17:

कविता “घर की याद” में बार-बार पानी गिरने का वर्णन है। लगातार बारिश होती रहे तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किस प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?

Solution:

कविता “घर की याद” में लगातार गिरता पानी कवि की भावनाओं को गहराता है, लेकिन वास्तविक जीवन में यदि लगातार बारिश होती रहे तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या खेती पर पड़ती है। अधिक वर्षा से फसलें जलमग्न हो जाती हैं और खराब हो जाती हैं। खेतों की उपज नष्ट होने से किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। कच्चे घरों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है और गाँवों में सड़कें कीचड़युक्त होकर आवागमन कठिन हो जाता है। इसके अलावा, जलभराव के कारण पशुओं के लिए चारे और रहने की समस्या भी पैदा हो जाती है।

शहरी क्षेत्रों में लगातार बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित होता है और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। नालियों के जाम होने से गंदा पानी फैलता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। कई बार घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान होता है।

इस प्रकार, लगातार वर्षा जहाँ एक ओर प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव कराती है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन को काफी हद तक प्रभावित कर अनेक कठिनाइयाँ भी उत्पन्न करती है।


Q.18:

कविता “घर की याद” में सावन के बादल का प्रयोग एक संचार माध्यम के रूप में किया गया है जिसके द्वारा कवि अपने परिवार तक संदेश भेज रहा है। कक्षा में संचार के नए-पुराने माध्यमों में अंतर बताते हुए चर्चा कीजिए और लिखिए।

Solution:

कविता ‘घर की याद’ कवि के मन में उठते भावों की एक क्रमिक यात्रा है, जो प्रकृति के दृश्यों के साथ-साथ आगे बढ़ती है। इसके प्रमुख चरण इस प्रकार हैं-

  1. वर्षा का आरंभ – उदासी और घिराव
    कविता की शुरुआत लगातार गिरते पानी से होती है-
    “आज पानी गिर रहा है…”
    यह वर्षा कवि के मन में एकाकीपन और उदासी को बढ़ाती है। बादलों का घिरना उसके भीतर के भावों के घिरने का प्रतीक है।
  2. सबेरा होना – अस्पष्टता और थकान
    “अब सबेरा हो गया है…”
    लेकिन बादलों के कारण उजाला स्पष्ट नहीं है। यह कवि के मन की उलझन और थकान को दर्शाता है।
  3. प्रकृति का चित्रण – संवेदनाओं का तीव्र होना
    “गिर रहा पानी झरा-झर…”
    प्रकृति के दृश्य (बारिश, हवा, पत्तों का हिलना) कवि की भावनाओं को और तीव्र बना देते हैं और उसका मन घर की ओर चला जाता है।
  4. घर की स्मृतियाँ – परिवार का याद आना
    “घर नजर में तिर रहा है…”
    अब कवि को अपना घर, भाई-बहन, माता-पिता सब याद आने लगते हैं। स्मृतियाँ एक-एक करके उभरती हैं।
  5. माता-पिता का स्मरण – स्नेह और करुणा
    कवि अपने पिता के साहस और माँ के स्नेह को याद करता है। यहाँ भावनाएँ अत्यंत कोमल और मार्मिक हो जाती हैं।
  6. आत्मसंघर्ष – दुख और संयम
    कवि अपने दुख को छिपाने की कोशिश करता है। वह सोचता है कि घरवाले उसके लिए दुखी न हों।
  7. सावन से संवाद – आशा और सांत्वना
    “हे सजीले हरे सावन…”
    कवि बादलों को संदेशवाहक बनाकर परिवार तक अपना संदेश पहुँचाना चाहता है और उनसे कहता है कि उसके दुख का वर्णन न करें।

निष्कर्ष

इस प्रकार वर्षा से आरंभ होकर स्मृतियों, भावनाओं और अंततः संदेश तक पहुँचने वाली यह यात्रा कवि के अंतर्मन की गहराई और उसके परिवार के प्रति प्रेम को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।


Q.19:

भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता “घर की याद” स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में लिखी थी। अपने शिक्षक और पुस्तकालय की सहायता से ‘भारत का स्वतंत्रता संग्राम’ विषय पर लेख लिखिए।

Solution:

भारत का स्वतंत्रता संग्राम

भारत का स्वतंत्रता संग्राम हमारे इतिहास का एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक अध्याय है। यह केवल राजनीतिक आज़ादी की लड़ाई नहीं थी, बल्कि आत्मसम्मान, अधिकार और राष्ट्रीय अस्मिता की पुनः स्थापना का संघर्ष भी था। इस संग्राम में देश के लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और अनेक कष्ट सहे।

स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 18वीं शताब्दी के अंत में अंग्रेजों के बढ़ते अत्याचारों के विरोध से हुई। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इसका महत्वपूर्ण चरण था, जिसमें सैनिकों और आम जनता ने मिलकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह किया। यद्यपि यह प्रयास पूर्ण रूप से सफल नहीं हुआ, लेकिन इसने आगे आने वाले आंदोलनों की नींव रखी।

20वीं शताब्दी में स्वतंत्रता आंदोलन ने व्यापक रूप लिया। महात्मा गांधी के नेतृत्व में सत्याग्रह और अहिंसा के मार्ग को अपनाया गया। असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों ने पूरे देश को एकजुट कर दिया। इसी काल में भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों ने भी अपने साहस और बलिदान से स्वतंत्रता की ज्वाला को प्रज्वलित रखा।

1942 का भारत छोड़ो आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक चरण था। इस आंदोलन में “करो या मरो” का नारा दिया गया और पूरे देश में अंग्रेजों के विरुद्ध व्यापक विरोध हुआ।

अंततः लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और आनंद का प्रतीक है।

निष्कर्षतः, भारत का स्वतंत्रता संग्राम हमें देशभक्ति, एकता और त्याग की प्रेरणा देता है। यह हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि हम दृढ़ संकल्प और साहस के साथ आगे बढ़ें, तो सफलता अवश्य मिलती है।


Q.20:

कल्पना कीजिए कि कवि की माँ को पत्र लिखना आता है। कविता में वर्णित उनकी छवि और अनुमान के आधार पर लिखिए कि वे कवि के लिए पत्र में क्या-क्या लिखतीं?

Solution:

प्रिय बेटे भवानी,

स्नेह भरा आशीर्वाद।

तुम्हारा बहुत ध्यान आता है बेटा। जब से तुम घर से दूर गए हो, आँगन सूना-सा लगता है। रोज़ तुम्हारी याद में आँखें भर आती हैं, पर मन को समझा लेती हूँ कि तुम देश के काम में लगे हो, यही सबसे बड़ा गर्व है।

यहाँ घर में सब कुशल हैं। तुम्हारे पिताजी पहले की तरह ही हिम्मत से भरे हैं, पर मैं जानती हूँ कि वे भी तुम्हें बहुत याद करते हैं। तुम्हारे भाई-बहन अक्सर तुम्हारी बातें करते हैं- तुम्हारे साथ खेले हुए दिन याद करते हैं।

बेटा, अपना ध्यान रखना। समय पर खाना खाया करो और अपने स्वास्थ्य की चिंता अवश्य करना। हमें तुम्हारी चिंता रहती है, पर विश्वास है कि तुम मजबूत हो और हर कठिनाई का सामना कर रहे हो।

तुम्हें बचपन से ही बारिश बहुत प्रिय थी। यहाँ जब भी सावन की बूँदें गिरती हैं, लगता है जैसे तुम यहीं कहीं पास में खेल रहे हो। तुम्हारी वही हँसी, वही चंचलता आँखों के सामने घूम जाती है।

बेटा, हमें तुम पर गर्व है। तुम अपने कर्तव्य-पथ पर डटे रहो। ईश्वर तुम्हें शक्ति दे और तुम्हारी रक्षा करे। जल्दी ही वह दिन आए जब तुम सकुशल घर लौटो और हम सब फिर से साथ बैठें।

ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद।

तुम्हारी माँ


Q.21:

कविता में माँ और पिताजी के बीच कवि के विषय में की जाने वाली बातचीत का वर्णन है। उनकी इस बातचीत को संवाद-लेखन के रूप में प्रस्तुत कीजिए।

Solution:

माँ: (आँखों में आँसू लिए) आज फिर बहुत बारिश हो रही है… पता नहीं हमारा भवानी वहाँ कैसा होगा?

पिताजी: (धीमे स्वर में) हाँ… उसे तो बरसात बहुत पसंद थी। ऐसे मौसम में तो वह बाहर दौड़ता-फिरता रहता था।

माँ: (चिंतित होकर) उसकी याद बहुत आती है। न जाने वहाँ उसे कितनी तकलीफ़ सहनी पड़ रही होगी।

पिताजी: (स्वयं को संभालते हुए) अरे नहीं, वह बहुत साहसी है। कठिनाइयों से डरने वाला नहीं है। देश के लिए गया है, ठीक ही किया है।

माँ: (समझाते हुए) हाँ, तुम ठीक कहते हो। अगर वह पीछे हट जाता, तो मेरी कोख ही लज्जित हो जाती। पर मन है कि मानता ही नहीं।

पिताजी: (आवाज़ भर्राकर) मैं… मैं रोता कहाँ हूँ… (रुकते हैं) पर सच कहूँ तो उसकी बहुत याद आती है।

माँ: (सांत्वना देते हुए) ऐसे उदास मत होइए। वह ठीक होगा, स्वस्थ होगा। हमें धैर्य रखना चाहिए।

पिताजी: (भावुक होकर) हाँ… वह हमारा बेटा है, मजबूत है। एक दिन जरूर लौटेगा।

माँ: (आँसू पोंछते हुए) भगवान से यही प्रार्थना है कि वह जहाँ भी हो, खुश और सुरक्षित रहे।

पिताजी: (आसमान की ओर देखते हुए) ईश्वर उसकी रक्षा करे… हमारा भवानी जल्द घर लौट आए।

(दोनों चुप हो जाते हैं, केवल बारिश की आवाज़ गूँजती रहती है।)


Q.22:

इस कविता में कवि ने सावन के बादल को संदेशवाहक बनाया है। अगर आपको किसी प्राकृतिक उपादान के माध्यम से अपने घर, मित्र या किसी संबंधी व्यक्ति को कोई संदेश भेजना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?

Solution:

मैं अपने संदेश के लिए हवा को संदेशवाहक चुनूँगा।

हवा हर जगह पहुँचती है-पहाड़, नदी, जंगल और शहर, कोई भी स्थान उससे दूर नहीं है। वह बहुत तेज़ भी चल सकती है और बहुत कोमल भी, इसलिए वह मेरे भावों को ठीक उसी तरह पहुँचा सकती है जैसे मैं चाहता हूँ। जब ठंडी हवा चलती है, तो उसमें अपनापन और स्नेह का अनुभव होता है, इसलिए मुझे लगता है कि वह मेरे संदेश को अपनेपन के साथ मेरे प्रियजनों तक पहुँचा देगी।

इसके अलावा, हवा अदृश्य होती है, पर उसका स्पर्श महसूस होता है। उसी तरह मेरा संदेश भी बिना दिखाई दिए सीधे दिल तक पहुँच सकता है। इसलिए हवा एक उपयुक्त और प्रभावशाली संदेशवाहक बन सकती है।


Q.23:

“आज सबका मन चुआ होगा।”

उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द कवि की क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा का शब्द है। कविता में स्थानीय भाषा के शब्दों का सहज प्रयोग हुआ है। कविता से कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई है। उनमें रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए।

  • एक छिन सौ बरस है रे
  • तुझे बतलाता कि बेला/ने फलानी फूल झेला
  • और भौजी और सरला, सहज पानी सहज तरला
  • मन कि बड़ का झाड़ जैसे

Solution:

नीचे दिए गए रेखांकित शब्दों के अर्थ और उनके नए वाक्य इस प्रकार हैं-

  • छिन
    अर्थ: क्षण / बहुत कम समय
    वाक्य: एक छिन में ही मौसम बदल गया।
  • फलानी
    अर्थ: कोई विशेष / अमुक (जिसका नाम न लिया जाए)
    वाक्य: उसने फलानी जगह जाने की बात कही, पर गया कहीं और।
  • भौजी
    अर्थ: भाभी (भाई की पत्नी)
    वाक्य: मेरी भौजी बहुत स्नेही स्वभाव की हैं।
  • बड़
    अर्थ: बरगद का पेड़
    वाक्य: गाँव के बीचों-बीच एक बड़ा बड़ का पेड़ खड़ा है।

Q.24:

नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में आए शब्दों की व्याकरणिक पहचान लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक उदाहरण नीचे दिया गया है।

  1. “बहुत पानी गिर रहा है”
    • ‘पानी’ शब्द है – संज्ञा
    • ‘बहुत’ शब्द है – विशेषण
    • गिर रहा है’ है – क्रिया
  2. “पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा”
    • ‘बुढ़ापा’ शब्द है ________
    • ‘व्यापा’ शब्द है ________
    • ‘जिनको’ शब्द है ________
  3. “खुले सिर नंगे बदन वह, घूमता फिरता मगन वह”
    • ‘खुले’ शब्द है ________
    • ‘वह’ शब्द है ________
    • ‘बदन’ शब्द है ________
    • ‘फिरता’ शब्द है ________
  4. “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए”
    • ‘एक’ शब्द है ________
    • ‘फूट जाए’ है ________
    • ‘पत्ता’ शब्द है ________
  5. “हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन”
    • ‘सजीले’ शब्द है ________
    • ‘मेरे’ शब्द है ________
    • ‘सावन’ शब्द है ________

Solution:

  1. “बहुत पानी गिर रहा है”
    • ‘पानी’ शब्द है – संज्ञा
    • ‘बहुत’ शब्द है – विशेषण
    • गिर रहा है’ है – क्रिया
  2. “पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा”
    • ‘बुढ़ापा’ शब्द है – संज्ञा
    • ‘व्यापा’ शब्द है – क्रिया
    • ‘जिनको’ शब्द है – सर्वनाम
  3. “खुले सिर नंगे बदन वह, घूमता फिरता मगन वह”
    • ‘खुले’ शब्द है – विशेषण
    • ‘वह’ शब्द है – सर्वनाम
    • ‘बदन’ शब्द है – संज्ञा
    • ‘फिरता’ शब्द है – क्रिया
  4. “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए”
    • ‘एक’ शब्द है – विशेषण
    • ‘फूट जाए’ है – क्रिया
    • ‘पत्ता’ शब्द है – संज्ञा
  5. “हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन”
    • ‘सजीले’ शब्द है – विशेषण
    • ‘मेरे’ शब्द है – सर्वनाम
    • ‘सावन’ शब्द है – संज्ञा

Q.25:

कवि ने कविता में अपने परिवार का उल्लेख किया है। आप भी अपना एक परिवार-वृक्ष तैयार कीजिए और प्रत्येक सदस्य के व्यक्तित्व के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखिए।

Solution:

मेरा परिवार-वृक्ष

परिवार के सदस्यों का परिचय

दादा जी:
मेरे दादा जी बहुत अनुशासनप्रिय और अनुभवी व्यक्ति हैं। वे हमें अच्छे संस्कार और जीवन के मूल्य सिखाते हैं।

दादी जी:
दादी जी बहुत स्नेही और धार्मिक स्वभाव की हैं। उनकी कहानियाँ हमें बहुत पसंद हैं।

पिताजी:
मेरे पिताजी मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति हैं। वे हमेशा हमें सही मार्ग दिखाते हैं और हमारा हौसला बढ़ाते हैं।

माताजी:
मेरी माताजी बहुत स्नेहमयी और देखभाल करने वाली हैं। वे पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं और हमें प्यार से समझाती हैं।

मैं:
मैं एक मेहनती छात्र/छात्रा हूँ और अपने परिवार को खुश रखने की कोशिश करता/करती हूँ।

भाई/बहन:
मेरा भाई/बहन बहुत प्यारा/प्यारी है। हम साथ में खेलते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।


Q.26:

कविता में प्रयुक्त ध्वनि आधारित शब्द (जैसे- झरा-झर, थर-थर, सर-सर) को पढ़कर एक छोटी-सी ऑडियो रिकॉर्डिंग या मौखिक पाठ तैयार कीजिए। बताइए कि ये शब्द कविता में कैसे वातावरण का निर्माण करते हैं?

Solution:

मौखिक पाठ (कैसे करें)

कविता की पंक्तियाँ धीमी और भावपूर्ण आवाज़ में पढ़ें, जैसे—
“गिर रहा पानी झरा-झर,
बह रही है हवा सर-सर,
काँपते हैं प्राण थर-थर…”

इन शब्दों को पढ़ते समय उनकी ध्वनि को थोड़ा खींचकर बोलें, ताकि प्रभाव स्पष्ट हो।

ध्वनि-आधारित शब्दों का प्रभाव

कविता में प्रयुक्त ध्वनि-आधारित शब्द (जैसे झरा-झर, सर-सर, थर-थर) वातावरण निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं—

  • प्राकृतिक ध्वनियों का चित्रण:
    “झरा-झर” से लगातार गिरती बारिश की आवाज़ सुनाई देती है।
    “सर-सर” से हवा के बहने का एहसास होता है।
  • जीवंतता (लाइव अनुभव):
    ये शब्द पाठक को ऐसा अनुभव कराते हैं जैसे वह स्वयं उस दृश्य में उपस्थित हो।
  • भावों की अभिव्यक्ति:
    “थर-थर” से कवि के मन की बेचैनी और कंपकंपी व्यक्त होती है।
  • संगीतात्मकता और लय:
    इन शब्दों से कविता में लय और मधुरता आती है, जिससे कविता अधिक प्रभावशाली बनती है।

निष्कर्ष

ध्वनि-आधारित शब्द कविता को केवल पढ़ने योग्य नहीं, बल्कि महसूस करने योग्य बना देते हैं। ये शब्द प्रकृति और भावों को जोड़कर एक सजीव वातावरण का निर्माण करते हैं।


Q.27:

“घर कि घर में सब जुड़े हैं”

नीचे ‘घर’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।

मकान, गृह, निवास (हिंदी); गृहम् (संस्कृत); घर (पंजाबी); घर (उर्दू); गैरु (कश्मीरी); घरु (सिंधी); घर (मराठी); घर (गुजराती); घर (कोंकणी); घर, आवास (नेपाली); घर, बाड़ी (बांग्ला); घर (असमिया); युम (मणिपुरी); घर, गृह, आलय, आबास (ओड़िआ); इल्लु (तेलुगु); वीडु, इल्लम् (तमिल); वीडु, इल्लम (मलयालम); गृह, मने (कन्नड़)।

  1. इनके अतिरिक्त यदि आप ‘घर’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
  2. उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।

Solution:

  1. ‘घर’ शब्द अन्य भाषाओं में
    (कुछ अतिरिक्त उदाहरण)
    अंग्रेज़ी: House / Home
    भोजपुरी: घर / घरे
    राजस्थानी: घरो/ घर
    हरियाणवी: घर
    तिब्बती: खांग
  2. वाक्य का मातृभाषा में रूपांतरण
    मूल वाक्य:
    “घर कि घर में सब जुड़े हैं”
    • हिंदी (सरल रूप):
      घर में सब एक साथ जुड़े हुए हैं।
    • भोजपुरी:
      घर में सब जुड़ल बा।
    • पंजाबी:
      ਘਰ ਵਿੱਚ ਸਭ ਇਕੱਠੇ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ।

Q.28:

शिक्षक की सहायता से ऐसी किसी अन्य कविता अथवा कहानी के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए जिसमें घर, परिवार की याद जैसी भावनाएँ चित्रित हों। साथ ही पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से उस रचना को कक्षा में पढ़कर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दीजिए।

Solution:

चुनी गई रचना

मैंने प्रसिद्ध हिंदी कवि अशोक वाजपेयी की कविता HOME AGAIN (घर वापसी) को चुना है।

रचना का संक्षिप्त परिचय

यह कविता घर, परिवार और स्मृतियों की भावना को व्यक्त करती है। इसमें बताया गया है कि जब व्यक्ति लंबे समय बाद अपने घर लौटता है, तो वह अपने माता-पिता और घर के वातावरण से गहरे भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है।

मुख्य भाव (सारांश)

  • कविता में माँ का स्नेह और पहचान का भाव दिखाया गया है।
  • पिता का शांत और गंभीर स्वभाव भी चित्रित किया गया है।
  • घर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि भावनाओं और यादों का केंद्र है।
  • समय बीत जाने के बाद भी घर से जुड़ाव बना रहता है।

‘घर की याद’ से समानता

  • दोनों रचनाओं में परिवार की याद और भावनात्मक जुड़ाव प्रमुख है।
  • दोनों में माँ-पिता का चित्रण बहुत संवेदनशील ढंग से किया गया है।
  • दोनों कविताएँ यह बताती हैं कि घर केवल एक जगह नहीं, बल्कि एक भावना है।

प्रस्तुति (कक्षा में बोलने के लिए)

“आज मैं अशोक वाजपेयी की कविता HOME AGAIN के बारे में बता रहा/रही हूँ। इस कविता में कवि ने घर और परिवार के प्रति अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया है। लंबे समय बाद घर लौटने पर माँ-पिता के साथ मिलने की भावनाएँ बहुत मार्मिक रूप में सामने आती हैं। यह कविता हमें यह सिखाती है कि घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि प्रेम, अपनापन और यादों का केंद्र होता है।”

निष्कर्ष

इस प्रकार यह कविता भी ‘घर की याद’ की तरह ही परिवार, स्मृति और अपनापन जैसी भावनाओं को सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है।


Q.29:

‘घर की याद’ कविता में कवि सावन के बादलों को दूत बनाकर अपने परिवार के पास संदेश ले जाने का आग्रह करता है। प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में करने के अनेक उदाहरण साहित्य में मिलते हैं। शिक्षक, पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता से ऐसी कुछ रचनाओं के बारे में पता लगाइए और बताइए कि इनमें प्रकृति के किन उपादानों को संदेशवाहक बनाया गया है?

Solution:

प्रकृति को संदेशवाहक के रूप में प्रयोग करने की परंपरा साहित्य में बहुत पुरानी और समृद्ध रही है। इसे संस्कृत साहित्य में “संदेश काव्य” (Messenger Poetry) कहा जाता है, जिसमें संदेश पहुँचाने के लिए बादल, पक्षी, हवा आदि का उपयोग किया जाता है।

नीचे कुछ प्रमुख रचनाएँ और उनमें प्रयुक्त प्राकृतिक संदेशवाहक दिए गए हैं—

  1. मेघदूत – कालिदास
    • संदेशवाहक: बादल (मेघ)
    • इस प्रसिद्ध काव्य में एक यक्ष अपने प्रिय को संदेश भेजने के लिए बादल को दूत बनाता है।
    • बादल उसकी भावनाओं, प्रेम और विरह को लेकर दूर हिमालय तक जाता है।
  2. घटकरपरकाव्य (Ghatakarpara Kavya)
    • संदेशवाहक: प्रातःकालीन बादल
    • इसमें एक विरही नायिका बादल से अपने प्रिय तक संदेश पहुँचाने का आग्रह करती है।
  3. अन्य संदेश काव्य (संदेश काव्य परंपरा)
    • संदेशवाहक:
      पक्षी (जैसे हंस)
      हवा (पवन)
      बादल
    • इस परंपरा में प्रकृति के विभिन्न तत्वों को भावनाओं का वाहक माना गया है, जो दूर-दूर तक संदेश पहुँचा सकते हैं।
  4. ‘घर की याद’ (भवानीप्रसाद मिश्र)
    • संदेशवाहक: सावन के बादल
    • कवि बादलों से अपने परिवार तक संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है, ठीक वैसे ही जैसे अन्य काव्यों में प्रकृति को दूत बनाया गया है।

निष्कर्ष

इन रचनाओं से स्पष्ट होता है कि साहित्य में प्रकृति केवल पृष्ठभूमि नहीं होती, बल्कि वह मानव भावनाओं की वाहक भी बन जाती है। बादल, हवा, पक्षी आदि को संदेशवाहक बनाकर कवि अपने प्रेम, विरह और संवेदनाओं को और अधिक प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करते हैं।

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