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NCERT Solutions, Sample Papers, Notes, Videos

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Gunn Bhatia 4 years, 11 months ago (10477788)

2

Kajal Roy 4 years, 11 months ago (9405593)

2

Komal Yadav 4 years, 11 months ago (10062917)

2
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Rithika Gautam 4 years, 11 months ago (6410803)

Insects may have evolved from a group of crustaceans. The first insects were landbound, but about 400 million years ago in the Devonian period one lineage of insects evolved flight, the first animals to do so. Most extant orders of insects developed during the Permian period. Higher classification: Hexapoda

Tejasvini S 4 years, 11 months ago (9158229)

Insects may have evolved from a group of crustaceans. The first insects were landbound, but about 400 million years ago in the Devonian period one lineage of insects evolved flight, the first animals to do so. ... Most extant orders of insects developed during the Permian period. Higher classification: Hexapoda

Krishna Sharma 4 years, 11 months ago (10589927)

Nlljvg
http://mycbseguide.com/examin8/
  • 2 answers

Kshirabdhi Tanaya 4 years, 11 months ago (10700414)

We sleep at night but not at day time because during day time we work, study,and do lots of work. And at night we sleep to recharge our body to do lots of work the next day. Just as you do with your phone when it's low battery.

Divakaran Singh 4 years, 11 months ago (10699979)

What not ? ❓
  • 1 answers

Sonal .. 4 years, 11 months ago (9394633)

U can see on Google ntg is reduced
  • 5 answers

Gautam Saini 4 years, 11 months ago (10642697)

ᴅᴇᴅɪᴄᴀᴛɪᴏɴ ᴏꜰ ᴀʟʟ ꜰᴏʀᴍᴜʟᴀ ᴀʀᴇ ɪᴍᴩᴏʀᴛᴀɴᴛ

Yuvarajan Ravi 4 years, 11 months ago (9814615)

Gili Gili bili bili

Jyoti Pal 4 years, 11 months ago (9714325)

All formula NCERT Book me h

Ranger King 4 years, 11 months ago (10095284)

All formula trigonometry in ncert book

Ranger King 4 years, 11 months ago (10095284)

All formula are important
  • 5 answers

Gunn Bhatia 4 years, 11 months ago (10477788)

2

Kakul Jain 4 years, 11 months ago (10543916)

2

Kajal Roy 4 years, 11 months ago (9405593)

0

Awneet Saini 4 years, 11 months ago (10698531)

2

Khushi 4 years, 11 months ago (9191743)

2
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Afzal Rahman 4 years, 11 months ago (10547902)

Wo soulmate hota hai

Afzal Rahman 4 years, 11 months ago (10547902)

Jaan se pyara
  • 5 answers

Rg Jagriti 4 years, 11 months ago (10702342)

H

Hemanth Tg 4 years, 11 months ago (10279114)

25 is the correct answer

Shivani Mishra 4 years, 11 months ago (10518460)

25

Darshana Agarwal 4 years, 11 months ago (10315170)

25

Divyanshu Singh Singh 4 years, 11 months ago (9758713)

25
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Chehak Kohli 4 years, 11 months ago (9304500)

Total no. of possible outcomes when 2 dice are thrown = 6×6 = 36 which are { (1, 1) (1, 2) (1, 3) (1, 4) (1, 5) (1, 6) (2, 1) (2, 2) (2, 3) (2, 4) (2, 5) (2, 6) (3, 1) (3, 2) (3, 3) (3, 4) (3, 5) (3, 6) (4, 1) (4, 2) (4, 3) (4, 4) (4, 5) (4, 6) (5, 1) (5, 2) (5, 3) (5, 4) (5, 5) (5, 6) (6, 1) (6, 2) (6, 3) (6, 4) (6, 5) (6, 6) } Read more on Sarthaks.com - https://www.sarthaks.com/102242/black-white-die-are-thrown-the-same-time-write-all-the-possible-outcomes-what-probability
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Ananya ..... 4 years, 11 months ago (10598589)

NCERT Solutions (6-12) NCERT Solutions (1-5) Online Tution Blog Videos Type Here All Rights Reserved NCERT Solutions Type Here NCERT Solutions (6-12) NCERT Solutions (1-5) Online Tution Blog Videos HOME NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 6 – प्रेमचंद के फटे जूते Home Class 9 Hindi Chapter 6 – प्रेमचंद के फटे जूते Page No 65: Question 7: प्रेमचंद के फटे जूते को आधार बनाकर परसाई जी ने यह व्यंग्य लिखा है। आप भी किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए। Answer: महावीर प्रसाद द्विवेदी एक प्रसिद्ध रचनाकार हैं। जीवन भर इन्होंने सरस्वती की उपासना की। इसी कारण लक्ष्मी इनसे रुठी रही। अरे भाई ! अगर थोड़ी सी पूजा लक्ष्मी जी की भी कर देते तो क्या सरस्वती रुष्ट हो जाती। आपके अन्य मित्रों ने तो सफलता की सीढ़ी पार कर ली परन्तु इस दौर में आप थोड़े पीछे रह गए। अगर थोड़ा मन लगाकर चलते तो अकेले नहीं रह जाते। Question 8: आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है? Answer: पहले वेश-भूषा का प्रयोग शरीर ढ़कने के उद्देश्य से किया जाता था। परिवर्तन समाज का नियम है। इसलिए समय के बदलते रूप ने वेश-भूषा की परिभाषा को बदल दिया है। आज की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग फैशन के लिए इसका प्रयोग कर रहे हैं और समय के परिवर्तन के साथ अगर कोई स्वयं को न बदले तो समाज में उसकी प्रतिष्ठा नहीं बनती। स्वयं को समाज में प्रतिष्ठित करने के लिए लोग अपनी आर्थिक क्षमता से बाहर जाकर वेश-भूषा का चुनाव करते हैं। आज वेश-भूषा केवल व्यक्ति की ज़रुरत न होकर उसके व्यक्तित्व का एक अभिन्न अंग बन चुका है। Question 1: हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं? Answer: प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषताएँ - (1) प्रेमचंद का व्यक्तित्व बहुत ही सीधा-सादा था, उनके व्यक्तित्व में दिखावा नहीं था। (2) प्रेमचंद एक स्वाभिमानी व्यक्ति थे। किसी और की वस्तु माँगना उनके व्यक्तित्व के खिलाफ़ था। (3) इन्हें समझौता करना मंजूर नहीं था। (4) ये परिस्थितियों के गुलाम नहीं थे। किसी भी परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करना इनके व्यक्तित्व की विशेषता थी। Question 2: सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए - (क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है। (ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए। (ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है। (घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो? Answer: (क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है। (✗) (ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए। (✓) (ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है। (✗) (घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो? (✗) Question 3: नीचे दी गई पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए - (क) जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं। (ख) तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं। (ग) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो? Answer: (क) यहाँ पर जूते का आशय समृद्धि से है तथा टोपी मान, मर्यादा तथा इज्जत का प्रतीक है। वैसे तो इज़्जत का महत्व सम्पत्ति से अधिक है। परन्तु आज की परिस्थिति में इज़्जत को समाज के समृद्ध एवं प्रतिष्ठित लोगों के सामने झुकना पड़ता है। (ख) यहाँ परदे का सम्बन्ध इज़्जत से है। जहाँ कुछ लोग इज़्ज़त को अपना सर्वस्व मानते हैं तथा उस पर अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार रहते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए इज़्ज़त महत्वहीन है। (ग) प्रेमचंद गलत वस्तु या व्यक्ति को इस लायक नहीं समझते थे कि उनके लिए अपने हाथ का प्रयोग करके हाथ के महत्व को कम करें बल्कि ऐसे गलत व्यक्ति या वस्तु को पैर से सम्बोधित करना ही उसके महत्व के अनुसार उचित है। Question 4: पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?' लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि 'नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।' आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं? Answer: पहले लेखक प्रेमचंद के साधारण व्यक्तित्व को परिभाषित करना चाहते हैं कि ख़ास समय में ये इतने साधारण हैं तो साधारण मौकों पर ये इससे भी अधिक साधारण होते होंगे। परन्तु फिर बाद में लेखक को ऐसा लगता है कि प्रेमचंद का व्यक्तित्व दिखावे की दुनिया से बिल्कुल अलग है क्योंकि वे जैसे भीतर हैं वैसे ही बाहर भी हैं। Question 5: आपने यह व्यंग्य पढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक की कौन सी बातें आकर्षित करती हैं? Answer: लेखक एक स्पष्ट वक्ता है। यहाँ बात को व्यंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषताओं को व्यक्त करने के लिए जिन उदाहरणों का प्रयोग किया गया है, वे व्यंग को ओर भी आकर्षक बनाते हैं। कड़वी से कड़वी बातों को अत्यंत सरलता से व्यक्त किया है। यहाँ अप्रत्यक्ष रुप से समाज के दोषों पर व्यंग किया गया है। Question 6: पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग किन संदर्भों को इंगित करने के लिए किया गया होगा? Answer: पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग मार्ग की बाधा के रुप में किया गया है। प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के द्वारा समाज की बुराईयों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया। ऐसा करने के लिए उन्हें बहुत सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। Page No 66: Question 9: पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए। Answer: (1) अँगुली का इशारा - (कुछ बताने की कोशिश) मैं तुम्हारी अँगुली का इशारा खूब समझता हूँ। (2) व्यंग्य-मुसकान - (मज़ाक उड़ाना) तुम अपनी व्यंग भरी मुस्कान से मेरी तरफ़ मत देखो। (3) बाजू से निकलना - (कठिनाईयों का सामना न करना) इस कठिन परिस्थिति में तुमने मेरा साथ छोड़कर बाजू से निकलना सही समझा। (4) रास्ते पर खड़ा होना - (बाधा पड़ना) तुम मेरी सफलता के रास्ते पर खड़े हो। Question 10: प्रेमचंद के व्यक्तित्व को उभारने के लिए लेखक ने जिन विशेषणों का उपयोग किया है उनकी सूची बनाइए। Answer: लेखक ने प्रेमचंद की विशेषताओं को प्रस्तुत करने के लिए कुछ शब्दों का प्रयोग किया है। वे इस प्रकार हैं - (1) महान कथाकार (2) उपन्यास-सम्राट (3) युग-प्रवर्तक Page No 65: Question 7: प्रेमचंद के फटे जूते को आधार बनाकर परसाई जी ने यह व्यंग्य लिखा है। आप भी किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए। Answer: महावीर प्रसाद द्विवेदी एक प्रसिद्ध रचनाकार हैं। जीवन भर इन्होंने सरस्वती की उपासना की। इसी कारण लक्ष्मी इनसे रुठी रही। अरे भाई ! अगर थोड़ी सी पूजा लक्ष्मी जी की भी कर देते तो क्या सरस्वती रुष्ट हो जाती। आपके अन्य मित्रों ने तो सफलता की सीढ़ी पार कर ली परन्तु इस दौर में आप थोड़े पीछे रह गए। अगर थोड़ा मन लगाकर चलते तो अकेले नहीं रह जाते। Question 8: आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है? Answer: पहले वेश-भूषा का प्रयोग शरीर ढ़कने के उद्देश्य से किया जाता था। परिवर्तन समाज का नियम है। इसलिए समय के बदलते रूप ने वेश-भूषा की परिभाषा को बदल दिया है। आज की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग फैशन के लिए इसका प्रयोग कर रहे हैं और समय के परिवर्तन के साथ अगर कोई स्वयं को न बदले तो समाज में उसकी प्रतिष्ठा नहीं बनती। स्वयं को समाज में प्रतिष्ठित करने के लिए लोग अपनी आर्थिक क्षमता से बाहर जाकर वेश-भूषा का चुनाव करते हैं। आज वेश-भूषा केवल व्यक्ति की ज़रुरत न होकर उसके व्यक्तित्व का एक अभिन्न अंग बन चुका है। Question 1: हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं? Answer: प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषताएँ - (1) प्रेमचंद का व्यक्तित्व बहुत ही सीधा-सादा था, उनके व्यक्तित्व में दिखावा नहीं था। (2) प्रेमचंद एक स्वाभिमानी व्यक्ति थे। किसी और की वस्तु माँगना उनके व्यक्तित्व के खिलाफ़ था। (3) इन्हें समझौता करना मंजूर नहीं था। (4) ये परिस्थितियों के गुलाम नहीं थे। किसी भी परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करना इनके व्यक्तित्व की विशेषता थी। Question 2: सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए - (क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है। (ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए। (ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है। (घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो? Answer: (क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है। (✗) (ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए। (✓) (ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है। (✗) (घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो? (✗) Question 3: नीचे दी गई पंक्तियों में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए - (क) जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं। (ख) तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं। (ग) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो? Answer: (क) यहाँ पर जूते का आशय समृद्धि से है तथा टोपी मान, मर्यादा तथा इज्जत का प्रतीक है। वैसे तो इज़्जत का महत्व सम्पत्ति से अधिक है। परन्तु आज की परिस्थिति में इज़्जत को समाज के समृद्ध एवं प्रतिष्ठित लोगों के सामने झुकना पड़ता है। (ख) यहाँ परदे का सम्बन्ध इज़्जत से है। जहाँ कुछ लोग इज़्ज़त को अपना सर्वस्व मानते हैं तथा उस पर अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार रहते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए इज़्ज़त महत्वहीन है। (ग) प्रेमचंद गलत वस्तु या व्यक्ति को इस लायक नहीं समझते थे कि उनके लिए अपने हाथ का प्रयोग करके हाथ के महत्व को कम करें बल्कि ऐसे गलत व्यक्ति या वस्तु को पैर से सम्बोधित करना ही उसके महत्व के अनुसार उचित है। Question 4: पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?' लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि 'नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।' आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं? Answer: पहले लेखक प्रेमचंद के साधारण व्यक्तित्व को परिभाषित करना चाहते हैं कि ख़ास समय में ये इतने साधारण हैं तो साधारण मौकों पर ये इससे भी अधिक साधारण होते होंगे। परन्तु फिर बाद में लेखक को ऐसा लगता है कि प्रेमचंद का व्यक्तित्व दिखावे की दुनिया से बिल्कुल अलग है क्योंकि वे जैसे भीतर हैं वैसे ही बाहर भी हैं। Question 5: आपने यह व्यंग्य पढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक की कौन सी बातें आकर्षित करती हैं? Answer: लेखक एक स्पष्ट वक्ता है। यहाँ बात को व्यंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रेमचंद के व्यक्तित्व की विशेषताओं को व्यक्त करने के लिए जिन उदाहरणों का प्रयोग किया गया है, वे व्यंग को ओर भी आकर्षक बनाते हैं। कड़वी से कड़वी बातों को अत्यंत सरलता से व्यक्त किया है। यहाँ अप्रत्यक्ष रुप से समाज के दोषों पर व्यंग किया गया है। Question 6: पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग किन संदर्भों को इंगित करने के लिए किया गया होगा? Answer: पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग मार्ग की बाधा के रुप में किया गया है। प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के द्वारा समाज की बुराईयों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया। ऐसा करने के लिए उन्हें बहुत सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। Page No 66: Question 9: पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए। Answer: (1) अँगुली का इशारा - (कुछ बताने की कोशिश) मैं तुम्हारी अँगुली का इशारा खूब समझता हूँ। (2) व्यंग्य-मुसकान - (मज़ाक उड़ाना) तुम अपनी व्यंग भरी मुस्कान से मेरी तरफ़ मत देखो। (3) बाजू से निकलना - (कठिनाईयों का सामना न करना) इस कठिन परिस्थिति में तुमने मेरा साथ छोड़कर बाजू से निकलना सही समझा। (4) रास्ते पर खड़ा होना - (बाधा पड़ना) तुम मेरी सफलता के रास्ते पर खड़े हो। Question 10: प्रेमचंद के व्यक्तित्व को उभारने के लिए लेखक ने जिन विशेषणों का उपयोग किया है उनकी सूची बनाइए। Answer: लेखक ने प्रेमचंद की विशेषताओं को प्रस्तुत करने के लिए कुछ शब्दों का प्रयोग किया है। वे इस प्रकार हैं - (1) महान कथाकार (2) उपन्यास-सम्राट (3) युग-प्रवर्तक NCERT Solutions for Class 9 Social Science Chapters कृतिका Chapter 1 - इस जल प्रलय में Chapter 2 - मेरे संग की औरतें Chapter 3 - रीढ़ की हड्डी Chapter 4 - माटी वाली Chapter 5 - किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया क्षितिज Chapter 1 - दो बैलों की कथा Chapter 2 - ल्हासा की ओर Chapter 3 - उपभोक्तावाद की संस्कृति

Arpit Arpit 4 years, 11 months ago (10580099)

H
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Yashika Soni 4 years, 7 months ago (3800468)

Je 'm appelle anomitra

Jaydeep Banik 4 years, 11 months ago (9940485)

Je m'appelle anomitra

Shashank Gotiwale 4 years, 11 months ago (9639044)

113

Jiya Baijal 4 years, 11 months ago (10702035)

Je m'appelle anomitra
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Chehak Kohli 4 years, 11 months ago (9304500)

https://brainly.in/question/3074643 Visit this site for the answer.
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Pritha Garach? 4 years, 11 months ago (7244258)

Hypoxi- It is condition of O2 shortage in tissue.
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Tejasvi . 4 years, 11 months ago (9468375)

The main vein carries deoxygenated blood to the right atrium. When the right atrium contracts, the deoxygenated blood is pushed into right ventricle. When the right ventricle contracts, it pumps deoxygenated blood (rich in carbon dioxide) into the lungs.
  • 2 answers

Me Kyu Btau 4 years, 11 months ago (8423424)

Isotope, one of two or more species of atoms of a chemical element with the same atomic number and position in the periodic table and nearly identical chemical behaviour but with different atomic masses and physical properties.

Hitesh Singh 4 years, 11 months ago (10698277)

Isotope is atom of same element that have same atomic number but different atomic mass is called isotope . For example: chlorine isotope. Mass of chlorine isotope is 35and37 but atomic number is same 17
  • 1 answers

Diksha Laniya 4 years, 11 months ago (10402180)

Just shut up ok
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Rithika Gautam 4 years, 11 months ago (6410803)

The decomposers help in decomposing the dead bodies of plants and animals and hence act as cleansing agents of environment

Tejasvini S 4 years, 11 months ago (9158229)

They perform a valuable service as Earth's cleanup crew. Without decomposers, dead leaves, dead insects, and dead animals would pile up everywhere. Imagine what the world would look like! More importantly, decomposers make vital nutrients available to an ecosystem's primary producers—usually plants and algae.
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Mallikarjun H M 4 years, 11 months ago (10544088)

unplesent or unwanted voice is called noise pollution
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Sriya Misra 4 years, 9 months ago (9144183)

Soil contamination or soil pollution as part of land degradation is caused by the presence of xenobiotics chemicals or other alteration in the natural soil environment. It is typically caused by industrial activity, agricultural chemicals or improper disposal of waste
  • 2 answers

Naincy Kumari 4 years, 11 months ago (10425323)

Water pollution is the contamination of water bodies usually as a result of human activites

Sruthikasri Swaminathan 4 years, 11 months ago (9907225)

Water pollution is the contamination of water bodies, usually as a result of human activities.

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