झाँसी की रानी – NCERT Solutions Class 9 Hindi Ganga includes all the questions with solution given in NCERT Class 9 हिंदी (गंगा) textbook.
NCERT Solutions Class 9
English Kaveri Hindi Ganga Sanskrit Sharada Maths Ganita Manjari Science Exploration Social Understanding Societyझाँसी की रानी – NCERT Solutions
Q.1:
‘झाँसी की रानी’ कविता की पंक्ति ‘‘बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी’ में ‘नई जवानी’ शब्द किस भाव को व्यक्त करता है?
Options:
(1) देश का स्वाभिमान
(2) विद्रोह की चिंगारी ✅
(3) स्वाधीनता का भय
(4) भारत की युवावस्था
Explanation:
कविता की पंक्ति “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” यह दर्शाती है कि उस समय भारत लंबे समय से गुलामी के कारण कमजोर और निष्क्रिय हो गया था। लेकिन 1857 के विद्रोह के समय अचानक लोगों में जोश, उत्साह और लड़ने की भावना जाग उठी। यहाँ ‘नई जवानी’ का अर्थ शारीरिक उम्र नहीं, बल्कि नए जोश और क्रांति की भावना है।
यह भावना अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह की चिंगारी के रूप में पूरे देश में फैल गई थी। क्योंकि यह पंक्ति देश में उत्पन्न हुए स्वतंत्रता संग्राम के उत्साह और विद्रोह को व्यक्त करती है।
Q.2:
लक्ष्मीबाई को ‘छबीली’ कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है?
Options:
(1) विनम्रता
(2) शोभायुक्त ✅
(3) सहिष्णुता
(4) कठोरता
Explanation:
कविता में लक्ष्मीबाई को ‘छबीली’ कहा गया है। ‘छबीली’ शब्द का अर्थ होता है सुंदर, आकर्षक और मनमोहक व्यक्तित्व वाली। इससे यह पता चलता है कि लक्ष्मीबाई केवल वीर ही नहीं थीं, बल्कि उनका व्यक्तित्व भी बहुत आकर्षक और शोभायुक्त था।
क्योंकि यह उनके सौंदर्य और व्यक्तित्व की आकर्षकता को सही रूप में व्यक्त करता है।
Q.3:
“बुझा दीप झाँसी का” पंक्ति का भावार्थ है-
Options:
(1) अंग्रेजों का झाँसी पर अधिकार हो जाना
(2) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट हो जाना
(3) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना ✅
(4) रानी के जीवन में उदासी होना
Explanation:
पंक्ति “बुझा दीप झाँसी का” एक रूपक है, जहाँ ‘दीप’ से आशय झाँसी के राजा से है। जब राजा का निधन हो जाता है, तो उसे राज्य का दीपक बुझना कहा गया है। इसी के बाद कविता में बताया गया है कि डलहौजी को राज्य हड़पने का अवसर मिला, जिससे स्पष्ट होता है कि यह घटना राजा की मृत्यु के कारण हुई। यह पंक्ति सीधे तौर पर राजा के निधन को दर्शाती है।
Q.4:
“इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम” पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है?
Options:
(1) असहयोग आंदोलन
(2) भारत छोड़ो आंदोलन
(3) 1857 की क्रांति ✅
(4) सविनय अवज्ञा आंदोलन
Explanation:
कविता में “स्वतंत्रता-महायज्ञ” शब्द का प्रयोग 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के लिए किया गया है। इसी प्रसंग में नाना साहब, तांत्या टोपे, कुँवर सिंह जैसे वीरों का उल्लेख भी आता है, जो सभी 1857 की क्रांति के प्रमुख नायक थे।
इससे स्पष्ट होता है कि यह पंक्ति उस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत करती है, जब पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ व्यापक विद्रोह हुआ था।
Q.5:
“व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” पंक्ति में ‘यह’ शब्द किसके लिए कहा गया है?
Options:
(1) नवाबों के लिए
(2) जनरल डलहौजी के लिए
(3) लेफ्टिनेंट वॉकर के लिए
(4) ब्रिटिश राज के लिए ✅
Explanation:
पंक्ति “व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” में ‘यह’ से आशय अंग्रेजों/ ब्रिटिश शासन से है। इतिहास के अनुसार अंग्रेज पहले व्यापारी (ईस्ट इंडिया कंपनी) के रूप में भारत आए और धीरे-धीरे यहाँ अपना शासन स्थापित कर लिया। कविता में इसी परिवर्तन को दिखाया गया है- पहले दया माँगने वाले व्यापारी, बाद में शासक बन गए।
Q.6:
‘झाँसी की रानी’ कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?
Solution:
‘झाँसी की रानी’ कविता के अनुसार लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल साधारण बच्चों जैसे नहीं थे। उन्हें बरछी, ढाल, तलवार चलाना, नकली युद्ध करना, व्यूह-रचना बनाना, शिकार खेलना, दुर्ग तोड़ना और सेना को घेरना जैसे वीरतापूर्ण कार्य बहुत पसंद थे। ये सभी उनके खेल ही थे, जिनसे उनकी बहादुरी और युद्ध-कौशल बचपन से ही विकसित हुआ।
उनका बचपन अन्य बच्चों से बिल्कुल भिन्न था, क्योंकि जहाँ सामान्य बच्चे गुड़ियागुड़ियों या सामान्य खेलों में समय बिताते हैं, वहीं लक्ष्मीबाई बचपन से ही वीरता, साहस और युद्ध-कला में रुचि रखती थीं। वे नाना साहब के साथ पढ़ती-लिखती और खेलती थीं, जिससे उनमें नेतृत्व और आत्मविश्वास बढ़ा। इस प्रकार उनका बचपन असाधारण, साहसी और प्रेरणादायक था, जिसने उन्हें आगे चलकर एक महान वीरांगना बनाया।
Q.7:
“किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?
Solution:
“किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से लक्ष्मीबाई के जीवन में आए अचानक दुःखद परिवर्तन की ओर संकेत किया गया है। यह घटना उनके पति, झाँसी के राजा गंगाधर राव की मृत्यु से संबंधित है। विवाह के बाद उनका जीवन सुख और समृद्धि से भरा था, लेकिन समय के साथ यह सुख धीरे-धीरे समाप्त हो गया।
राजा की मृत्यु के कारण लक्ष्मीबाई विधवा हो गईं और उनका जीवन दुःख और संघर्ष से भर गया। साथ ही, उनके संतान न होने के कारण अंग्रेजों ने झाँसी राज्य पर कब्जा करने का अवसर पा लिया। इस प्रकार यह पंक्ति उनके जीवन में आई विपत्ति और कठिन समय को दर्शाती है।
Q.8:
“महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?
Solution:
“महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति यह दर्शाती है कि स्वतंत्रता संग्राम में समाज के सभी वर्ग- राजा, रानी, सैनिक, अमीर और गरीब-एकजुट हो गए थे। महल अमीर और शासक वर्ग का प्रतीक है, जबकि झोंपड़ी गरीब और सामान्य जनता का। जब दोनों वर्ग मिलकर एक ही उद्देश्य के लिए खड़े हुए, तो संघर्ष की शक्ति कई गुना बढ़ गई।
इस एकता का बहुत बड़ा महत्व था, क्योंकि अंग्रेजों जैसी शक्तिशाली सत्ता का सामना अकेले कोई वर्ग नहीं कर सकता था। लेकिन जब पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ, तो स्वतंत्रता की भावना मजबूत हुई और विद्रोह व्यापक रूप से फैल गया। इस एकता ने लोगों में साहस, उत्साह और आत्मविश्वास जगाया तथा स्वतंत्रता संग्राम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q.9:
“सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?
Solution:
सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ का अर्थ है कि अंग्रेज खुलेआम अखबारों में विज्ञापन देकर भारतीय राजाओं-नवाबों की संपत्ति की नीलामी की घोषणा करते थे। यह उस अपमानजनक स्थिति को दर्शाता है, जब पराजित या पदच्युत शासकों की वस्तुएँ सार्वजनिक रूप से बेची जाती थीं।
नीलामी में उनके गहने, कपड़े, कीमती सामान और राजसी वस्तुएँ शामिल होती थीं। ऐसा इसलिए किया जाता था क्योंकि अंग्रेजों ने उनके राज्य छीन लिए थे और उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर बनाना चाहते थे। इसके साथ ही यह उनके सम्मान को ठेस पहुँचाने और अपनी शक्ति दिखाने का भी एक तरीका था। इस प्रकार यह पंक्ति अंग्रेजों के अत्याचार और भारतीय शासकों के अपमान को स्पष्ट रूप से व्यक्त करती है।
Q.10:
“अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको ‘अवतारी’ कहा गया है?
Solution:
“अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द लक्ष्मीबाई के असाधारण और दिव्य गुणों की ओर संकेत करता है। कविता के आधार पर उन्हें ‘अवतारी’ इसलिए कहा गया है क्योंकि उनमें अद्भुत साहस, वीरता, देशभक्ति और नेतृत्व क्षमता थी।
वे बचपन से ही युद्ध-कला में निपुण थीं और संकट की घड़ी में भी उन्होंने हार नहीं मानी। अंग्रेजों के अत्याचार के सामने उन्होंने निर्भीक होकर मुकाबला किया और अपने राज्य व देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दे दी। इतनी कम उम्र में इतना महान कार्य करना सामान्य मनुष्य के लिए कठिन होता है, इसलिए उन्हें ‘अवतारी’ कहा गया है। उनकी वीरता और त्याग उन्हें साधारण मनुष्यों से अलग और महान बनाते हैं।
Q.11:
कविता में कहानी
यह कविता लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं पर आधारित है और अपनी संरचना में एक कथात्मक कविता है। कथात्मक कविता ऐसी कविता को कहते हैं जिसमें कविता और कहानी के तत्व परस्पर जुड़े होते हैं तथा घटनाओं का एक क्रम होता है। इस कविता में भी लक्ष्मीबाई के बचपन से लेकर वीरगति प्राप्त होने तक की कथा क्रम से देखने को मिलती है। पाठ की संरचना को समझते हुए इसमें वर्णित प्रमुख घटनाओं को समय-रेखा (टाइमलाइन) पर दर्शाएँ।
Solution:
लक्ष्मीबाई के जीवन की प्रमुख घटनाओं को कविता के आधार पर समय-रेखा में इस प्रकार दिखाया जा सकता है:
- बचपन
लक्ष्मीबाई का बचपन कानपुर में बीता। उन्हें ‘छबीली’ कहा जाता था। वे नाना साहब के साथ पढ़ती और खेलती थीं। बचपन से ही उन्हें शस्त्रों (बरछी, ढाल, कृपाण) में रुचि थी और वीरता की कहानियाँ सुनना पसंद था। - शिक्षा और प्रशिक्षण
बचपन में ही उनका झुकाव युद्ध-कौशल, घुड़सवारी और शिकार की ओर हो गया था। वे शिवाजी और वीरों की गाथाएँ सुनकर प्रेरित होती थीं। - विवाह
लक्ष्मीबाई का विवाह झाँसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। विवाह के बाद वे झाँसी की रानी बनीं और राजमहल में उनका भव्य स्वागत हुआ। - वैवाहिक जीवन और दुखद घटना
राजा गंगाधर राव की असामयिक मृत्यु हो गई। इसके बाद रानी विधवा हो गईं और झाँसी में शोक का माहौल छा गया। - अंग्रेजों की चाल और संघर्ष की शुरुआत
डलहौजी ने ‘लोप सिद्धांत’ के तहत झाँसी को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने की कोशिश की। रानी ने इसका विरोध किया और झाँसी को बचाने का संकल्प लिया। - विद्रोह और स्वतंत्रता संग्राम
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध का नेतृत्व किया। कई वीरों (नाना धोंडूपंत, ताँतिया टोपे, अज़ीमुल्ला खाँ आदि) ने उनका साथ दिया। - युद्ध और वीरता
रानी ने झाँसी की रक्षा में अद्भुत वीरता दिखाई। उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी और कई स्थानों पर विजय प्राप्त की। - अंतिम संघर्ष और ग्वालियर पर अधिकार
रानी कालपी और फिर ग्वालियर पहुँचीं और वहाँ भी संघर्ष किया तथा कुछ समय के लिए अधिकार स्थापित किया। - वीरगति
अंत में अंग्रेजी सेना (जनरल ह्यू रोज़) से घिरने के बाद युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं। - ऐतिहासिक महत्व
उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरणा बना और वे देशभक्ति और वीरता की अमर प्रतीक बन गईं।
Q.12:
“लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया”, ब्रिटिश राज किस नीति के कारण ‘लावारिस का वारिस’ बन जाता था? अपने इतिहास के शिक्षक से पता लगाकर उस नीति के विषय में लिखिए।
Solution:
ब्रिटिश राज “लावारिस का वारिस” जिस नीति के कारण बन जाता था, वह थी “व्यपगत सिद्धांत” (Doctrine of Lapse)।
व्यपगत सिद्धांत क्या था?
यह नीति ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड डलहौजी द्वारा लागू की गई थी। इसके अनुसार:
- यदि किसी भारतीय राजा के पास अपना जैविक (खून का) उत्तराधिकारी नहीं होता था,
- और वह गोद लिया हुआ पुत्र होता था,
तो अंग्रेज उस राज्य को “कानूनी रूप से खाली” मानकर उसे अपने ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लेते थे।
इस नीति का परिणाम
- कई भारतीय रियासतें इस नीति के तहत अंग्रेजों द्वारा हड़प ली गईं।
- झाँसी भी ऐसी ही रियासतों में से एक थी।
- राजा गंगाधर राव की मृत्यु के बाद अंग्रेजों ने उनके दत्तक पुत्र को मान्यता नहीं दी और झाँसी को अपने राज्य में मिला लिया।
इसलिए कविता में कहा गया है:
“लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया”
अर्थात अंग्रेजों ने झाँसी को बिना असली उत्तराधिकारी के “अनाथ राज्य” मानकर उस पर अधिकार कर लिया।
Q.13:
इस कविता में लक्ष्मीबाई की जीवन-गाथा के साथ-साथ अनेक वीरों के त्याग और बलिदान का भी उल्लेख है। उनकी सूची बनाइए तथा शिक्षक की सहायता से 1857 की क्रांति में उनके योगदान के विषय में लिखिए।
Solution:
इस कविता में रानी लक्ष्मीबाई के साथ जिन प्रमुख वीरों के त्याग और बलिदान का उल्लेख है, वे हैं:
वीरों की सूची
- नाना धोंडूपंत (नाना साहब)
- तात्या टोपे
- अज़ीमुल्ला खाँ
- अहमद शाह मौलवी
- कुँवर सिंह
- झलकारी बाई
1857 की क्रांति में उनका योगदान
- नाना धोंडूपंत (Nana Sahib)
उन्होंने कानपुर में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया और 1857 की क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। - ताँतिया टोपे (Tatya Tope)
वे एक कुशल सेनापति थे। उन्होंने गुरिल्ला युद्ध प्रणाली अपनाकर अंग्रेजों को कई बार कठिन स्थिति में डाला। - अज़ीमुल्ला खाँ (Azimullah Khan)
वे राजनीतिक योजनाकार और क्रांति के विचारों को फैलाने वाले प्रमुख व्यक्ति थे। उन्होंने स्वतंत्रता की भावना को संगठित करने में मदद की। - अहमद शाह मौलवी (Ahmad Shah Maulvi)
उन्होंने जनता को अंग्रेजों के खिलाफ संगठित किया और कई स्थानों पर विद्रोह का नेतृत्व किया। - कुँवर सिंह (Kunwar Singh)
वे बिहार क्षेत्र के महान योद्धा थे। वृद्ध अवस्था में भी उन्होंने अंग्रेजों से वीरतापूर्वक युद्ध किया। - 6. झलकारी बाई (Jhalkari Bai)
उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की छवि बनकर अंग्रेजों को भ्रमित किया और झाँसी की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
इन सभी वीरों ने 1857 की क्रांति में अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता की नींव मजबूत की। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में अमर है और रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष को व्यापक समर्थन मिला।
Q.14:
यह कविता जिस समय और परिवेश में लिखी गई है, उसमें युद्ध और अन्य साहसिक कार्य करना सामान्यतः पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। वर्तमान में लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ कार्य कर रही हैं। नीचे कुछ ऐसे ही कार्यक्षेत्र दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली स्त्रियों के नाम और उनके विषय में लिखिए। आप चाहें तो इसमें अपनी समझ के अनुसार कुछ और कार्यक्षेत्र भी जोड़ सकते हैं।
| कार्यक्षेत्र |
| 1. दमकल केंद्र (फायर ब्रिगेड) |
| 2. रेलगाड़ी चालक |
| 3. खेल के विभिन्न क्षेत्र |
| 4. व्यापार और प्रबंधन |
| 5. विज्ञान और तकनीक |
Solution:
नीचे दिए गए कार्यक्षेत्रों में कुछ प्रसिद्ध भारतीय महिलाओं के नाम और उनके योगदान इस प्रकार हैं:
- दमकल केंद्र (फायर ब्रिगेड)- इस क्षेत्र में महिलाएँ भी अब फायरफाइटर के रूप में काम कर रही हैं।
उदाहरण:- सुहासिनी मुलाय (Suhasini Mulay) जैसी प्रेरक महिलाएँ समाज सेवा और साहसिक भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं।
- आज कई राज्यों में महिला फायरफाइटर टीमों में महिलाएँ कार्यरत हैं, जो आग बुझाने और बचाव कार्य में पुरुषों के बराबर योगदान दे रही हैं।
- रेलगाड़ी चालक (लोको पायलट)
- सीमा यादव (Seema Yadav)
वे भारत की पहली महिला लोको पायलटों में से एक हैं। - उनका कार्य ट्रेन चलाना, सुरक्षा का ध्यान रखना और समय पर संचालन सुनिश्चित करना है।
- सीमा यादव (Seema Yadav)
- खेल के विभिन्न क्षेत्र
- पी. वी. सिंधु (P. V. Sindhu) – बैडमिंटन में ओलंपिक पदक विजेता।
- मिताली राज (Mithali Raj) – भारतीय महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ी।
- ये महिलाएँ खेल जगत में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।
- व्यापार और प्रबंधन
- इंद्रा नूयी (Indra Nooyi) – वे विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक पेप्सिको की CEO रह चुकी हैं।
- वे नेतृत्व और प्रबंधन के क्षेत्र में महिलाओं की क्षमता का उदाहरण हैं।
- विज्ञान और तकनीक
- टी. एस. नंदिनी हरिनाथ (Nandini Harinath)
वे इसरो (ISRO) की वैज्ञानिक हैं और कई अंतरिक्ष मिशनों में योगदान दे चुकी हैं। - कल्पना चावला (Kalpana Chawla)
वे अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला थीं।
- टी. एस. नंदिनी हरिनाथ (Nandini Harinath)
निष्कर्ष
आज महिलाएँ हर क्षेत्र- चाहे वह साहसिक कार्य हो, विज्ञान, खेल, या प्रबंधन- में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
Q.15:
कविता में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित अनके स्थानों के नाम आए हैं। अपने शिक्षक की सहायता से दिए गए मानचित्र में उन स्थानों/नगरों को चिह्नित करके नाम लिखिए।
Solution:
विद्यार्थी अपने शिक्षक की मदद से यह कार्य करें।
Q.16:
“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”
उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द पर ध्यान दीजिए। कविता में ‘नाना’ शब्द ‘नाना धुंधूपंत’ के लिए प्रयुक्त हुआ है। लेकिन इस शब्द का प्रयोग संदर्भ के अनुसार अन्य अर्थों में भी होता है। जैसे माता के पिता के लिए तथा अनेक के अर्थ में। इस प्रकार अनेकार्थी शब्द वह शब्द है जिसके एक से अधिक अर्थ होते हैं। नीचे तालिका में दी गई कविता की पंक्तियों में रेखांकित शब्द अनेकार्थी शब्द हैं। कविता के संदर्भ में उनके सही अर्थ पर घेरा लगाइए।
| काव्य-पंक्ति | अर्थ |
| 1. तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाईं | नदी का किनारा, बाण, सीसा |
| 2. रानी विधवा हुई हाय! विधि को भी नहीं दया आई | शास्त्र में लिखी व्यवस्था, प्रणाली, विधाता, तरीका |
| 3. रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में | युद्ध, संशय, युग्म |
| 4. हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी | किसी पदार्थ का गोल पिंड, रस्सी/सूत/ बर्फ का गोला, तोप से दागने वाले गोले, नारियल |
| 5. मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी | आभा, गति, तेज चाकू (धार) |
Solution:
कविता के संदर्भ के अनुसार सही अर्थ ये होंगे:
- तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाईं
सही अर्थ: बाण - रानी विधवा हुई हाय! विधि को भी नहीं दया आई
सही अर्थ: विधाता - रानी ने तलवार खींच ली, हुआ द्वंद्व असमानों में
सही अर्थ: युद्ध - हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी
सही अर्थ: तोप से दागने वाले गोले - मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी
सही अर्थ: आभा
Q.17:
“कानपूर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी”
“मेरठ, कानपुर, पटना ने भारी धूम मचाई थी”
उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों की वर्तनी पर ध्यान दीजिए। दोनों शब्दों की वर्तनी में थोड़ी भिन्नता है। कई बार रचनाकार कविता की लय, अर्थ की लय इत्यादि को ध्यान में रखते हुए भाषा के स्तर पर इस प्रकार का प्रयोग करते रहे हैं। इस कविता में अन्य शब्दों के भी ऐसे प्रयोग मिलते हैं, उन्हें ढूँढ़कर लिखिए और कक्षा में चर्चा कीजिए।
इसी पाठ्यपुस्तक की अन्य कविताओं में भी आपने ऐसा प्रयोग देखा होगा। जहाँ किसी शब्द की मानक वर्तनी से भिन्न वर्तनी का प्रयोग किया गया है। अपने शिक्षक के साथ इस विषय पर चर्चा कीजिए। चर्चा से उभरे बिंदुओं को लिखकर उन पर अपने शिक्षक के साथ पुनः चर्चा कीजिए कि ऐसे प्रयोग क्यों किए गए हैं?
Solution:
इस कविता में सुभद्रा कुमारी चौहान ने लय (rhythm), तुक और भाव को प्रभावी बनाने के लिए कई जगह मानक वर्तनी से थोड़ी भिन्न वर्तनी का प्रयोग किया है।
कविता में ऐसे कुछ उदाहरण:
- हरबोलों / हरबालों
- मानक रूप: हरबोले
- कविता में दोनों रूप मिलते हैं ताकि ध्वनि और लय बनी रहे
- बुंदेले / बुन्देले
- मानक रूप: बुंदेले
- उच्चारण के अनुसार हल्का परिवर्तन किया गया है
- सुभट / सुभट (वीर सैनिकों के संदर्भ में अलग-अलग रूप)
- कहीं-कहीं ध्वनि प्रभाव के लिए भिन्न प्रयोग मिलता है
- झाँसी / झांसी
- अनुस्वार और चंद्रबिंदु का प्रयोग लय के अनुसार बदला गया है
- मुँहबोली / मुंहबोली
- चंद्रबिंदु का प्रयोग उच्चारण और भाव के अनुसार किया गया है
ऐसे प्रयोग क्यों किए जाते हैं?
- कविता की लय और तुकबंदी को बनाए रखने के लिए
- उच्चारण को अधिक स्वाभाविक और प्रभावी बनाने के लिए
- भाव (emotion) को अधिक जीवंत और शक्तिशाली बनाने के लिए
- कभी-कभी लोकभाषा (spoken style) का प्रभाव देने के लिए
- पाठक के मन में संगीतात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए
Q.18:
- ” दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी”
उपर्युक्त पंक्ति में ‘दृढ़ निश्चय करने’ के अर्थ को व्यक्त करने के लिए ‘मन में ठान लेना’ वाक्यांश का प्रयोग हुआ है जो एक मुहावरा है। ‘मुहावरे’ ऐसे वाक्यांश होते हैं जो अपने शाब्दिक अर्थ से भिन्न एक विशेष और लाक्षणिक अर्थ व्यक्त करते हैं। इनके प्रयोग से भाषा में सौंदर्य और प्रभाव उत्पन्न होता है।
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उन पंक्तियों में आए मुहावरे ढूँढ़कर लिखिए और उन मुहावरों का प्रयोग करते हुए नए वाक्य भी बनाइए। आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
Solution:
नीचे पाठ में से कुछ मुहावरे चुने गए हैं, उनके अर्थ और उनके प्रयोग वाले नए वाक्य दिए गए हैं-
- मुहावरा: मुँह की खाई (हार जाना / पराजित होना)
पाठ में प्रयोग: जनरल स्मिथ ने रानी के सामने मुँह की खाई थी।
नया वाक्य: क्रिकेट मैच में हमारी टीम ने मजबूत टीम को मुँह की खानी पड़ी। - मुहावरा: हाथ बिकानी थी (सम्मान या स्त्री का अपमान होना / विवश होना)
पाठ में प्रयोग: परदे की इज़्ज़त परदेशी के हाथ बिकानी थी।
नया वाक्य: युद्ध के समय कई लोगों को अपनी इज़्ज़त हाथ बिकती देखनी पड़ी। - मुहावरा: पैर पसारना (प्रभाव या अधिकार बढ़ाना)
पाठ में प्रयोग: डलहौजी ने अब तो पैर पसारे।
नया वाक्य: आजकल बड़े शहरों में बड़े-बड़े व्यापारिक कंपनियाँ तेजी से पैर पसार रही हैं। - मुहावरा: ठान लेना (दृढ़ निश्चय करना)
उदाहरण में दिया गया है।
नया वाक्य: उसने ठान लिया कि वह परीक्षा में अव्वल आएगा।
Q.19:
लक्ष्मीबाई की सखियों काना तथा मंदरा की ओर से लक्ष्मीबाई को एक पत्र लिखिए जिसमें काना तथा मंदरा द्वारा ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध युद्ध की रणनीति पर चर्चा की गई हो।
Solution:
प्रिय महारानी लक्ष्मीबाई,
सादर प्रणाम।
हम आपकी सखियाँ काना और मंदरा, इस संकट की घड़ी में आपके साथ हैं और अपने प्राणों की आहुति देने को सदैव तत्पर हैं। अंग्रेजी हुकूमत के बढ़ते अत्याचारों को देखते हुए अब समय आ गया है कि हम पूरी शक्ति और सूझ-बूझ के साथ युद्ध की तैयारी करें।
हमारा सुझाव है कि सबसे पहले झाँसी के किले की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जाए। किले के सभी द्वारों पर सशक्त सैनिकों की तैनाती हो तथा रात-दिन पहरेदारी बढ़ाई जाए। इसके साथ ही, आसपास के क्षेत्रों के वीर सैनिकों और ग्रामीणों को संगठित कर एक बड़ी सेना तैयार की जाए, ताकि हमारी शक्ति में वृद्धि हो सके।
रणनीति के रूप में हमें छापामार युद्ध पद्धति अपनानी चाहिए, जिससे हम शत्रु को अचानक आक्रमण कर कमजोर कर सकें। हमें अपने घुड़सवार दल को भी सशक्त बनाना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र गति से स्थान परिवर्तन कर सकें। साथ ही, युद्ध के समय स्त्री-सेना को भी प्रशिक्षित कर उन्हें सहयोग के लिए तैयार रखा जाए।
हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि शत्रु की चालों पर सतत निगरानी रखी जाए और उनकी योजनाओं की जानकारी समय रहते प्राप्त की जाए। इस प्रकार हम उनके आक्रमण का उचित उत्तर दे सकेंगे।
महारानी, हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके साहस, नेतृत्व और हमारे संयुक्त प्रयासों से हम इस संघर्ष में अवश्य विजयी होंगे। हम अंत तक आपके साथ हैं।
आपकी सखियाँ,
काना एवं मंदरा
Q.20:
युद्धपूर्व रात्रि में झाँसी की रानी के मन में अगले दिन की संभावनाओं को लेकर कई तरह के भाव और विचार उठ रहे होंगे। आपके जीवन में भी कई ऐसे क्षण आए होंगे जब आपने मानसिक ऊहापोह का अनुभव किया होगा। ऐसी किसी घटना के विषय में अपनी डायरी में लिखिए, जैसे- परीक्षा के एक दिन पूर्व की स्थिति या नौंवी कक्षा में पहला दिन आदि।
Solution:
दिनांक: 12 मार्च 20XX
समय: रात 10:30 बजे
प्रिय डायरी,
आज मन बहुत बेचैन है। कल मेरी वार्षिक परीक्षा शुरू होने वाली है और पता नहीं क्यों, मन में कई तरह के विचार एक साथ उमड़ रहे हैं। कभी लगता है कि मैंने अच्छी तैयारी की है और सब ठीक हो जाएगा, तो कभी डर लगता है कि कहीं कुछ भूल न जाऊँ।
पूरे दिन किताबें दोहराता रहा, फिर भी ऐसा लग रहा है जैसे अभी बहुत कुछ बाकी है। दिमाग में सवालों का एक अजीब-सा शोर चल रहा है—क्या आएगा, क्या नहीं आएगा, कैसे लिखूँगा, समय पूरा होगा या नहीं।
माँ ने समझाया कि चिंता करने से कुछ नहीं होगा, जो पढ़ा है उसी पर विश्वास रखना चाहिए। उनकी बात से थोड़ी हिम्मत मिली, लेकिन दिल की धड़कन अभी भी तेज है।
मैंने तय किया है कि अब और घबराने के बजाय थोड़ा आराम करूँगा और सकारात्मक सोचूँगा। उम्मीद है कि कल का दिन अच्छा जाएगा और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाऊँगा।
बस यही प्रार्थना है कि आत्मविश्वास बना रहे और सब कुछ ठीक हो जाए।
शुभ रात्रि,
(आपका नाम)
Q.21:
शौर्य के समाचार
यह कविता रानी लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं, उनकी वीरता और पराक्रम से हमारा साक्षात्कार कराती है। कविता में वर्णित घटनाओं को एक समाचार-वाचक की तरह समाचार के रूप में प्रस्तुत कीजिए।
Solution:
नमस्कार, आप सुन रहे हैं आज के मुख्य समाचार।
आज झाँसी की रणभूमि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक समाचार प्राप्त हुआ है। झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी सेना के विरुद्ध अद्भुत साहस और वीरता का प्रदर्शन किया है। युद्ध के दौरान रानी ने स्वयं तलवार संभालकर शत्रुओं का सामना किया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंग्रेजों ने झाँसी पर अधिकार करने के उद्देश्य से किले को चारों ओर से घेर लिया था। लेकिन रानी लक्ष्मीबाई ने हार मानने के बजाय अपने सैनिकों के साथ डटकर मुकाबला किया। उनकी रणनीति और नेतृत्व के कारण शत्रु को भारी क्षति उठानी पड़ी।
समाचार यह भी है कि रानी ने युद्ध के दौरान अपने घोड़े पर सवार होकर वीरतापूर्वक दुश्मनों के बीच प्रवेश किया और अनेक सैनिकों को परास्त किया। उनके साथ उनकी सखियाँ काना और मंदरा भी पूरी बहादुरी के साथ युद्ध में सम्मिलित रहीं।
आगे की सूचना के अनुसार, रानी लक्ष्मीबाई ने ग्वालियर की ओर बढ़ते हुए भी अपनी विजय यात्रा जारी रखी। हालाँकि, अंत में शत्रुओं से घिर जाने के कारण उन्होंने वीरगति प्राप्त की, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया।
झाँसी की रानी का यह अदम्य साहस और देशप्रेम आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। उनका नाम इतिहास में सदैव अमर रहेगा।
इसी के साथ आज के मुख्य समाचार समाप्त होते हैं। धन्यवाद।
Q.22:
‘हरबोलों’ और हमारी कहानी
“बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।”
‘हरबोला’ बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है जिन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरतापूर्ण गाथा को अपने गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का काम किया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकगायकों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। इनके द्वारा गाए जाने वाले गीत सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को संरक्षित करने का एक जीवंत माध्यम हैं। आपके क्षेत्र में अथवा आपकी भाषा में भी ऐसे लोकगायक और उनके द्वारा गाए जाने वाले देशभक्तिपूर्ण गीत अवश्य प्रचलित होंगे। ऐसे गीतों का एक संकलन तैयार कीजिए और कक्षा में साझा कीजिए।
Solution:
आप इस गतिविधि के लिए अपने क्षेत्र/भाषा के देशभक्ति लोकगीतों का एक छोटा-सा संकलन इस प्रकार तैयार कर सकते हैं-
देशभक्तिपूर्ण लोकगीतों का संकलन
- गीत का नाम: सरफ़रोशी की तमन्ना
भाषा/क्षेत्र: हिंदी/उत्तर भारत
विषय: देश के लिए बलिदान और स्वतंत्रता की चाह
संक्षिप्त पंक्ति:
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है… - गीत का नाम: वंदे मातरम्
भाषा/क्षेत्र: बंगाल से पूरे भारत में प्रसिद्ध
विषय: मातृभूमि की स्तुति और देशप्रेम
संक्षिप्त पंक्ति:
वंदे मातरम्, सुजलाम् सुफलाम्… - गीत का नाम: ऐ मेरे वतन के लोगों
भाषा/क्षेत्र: हिंदी
विषय: सैनिकों के बलिदान का स्मरण
संक्षिप्त पंक्ति:
ज़रा आँख में भर लो पानी… - गीत का नाम: झंडा ऊँचा रहे हमारा
भाषा/क्षेत्र: हिंदी
विषय: राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान
संक्षिप्त पंक्ति:
झंडा ऊँचा रहे हमारा, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा… - गीत का नाम: कदम कदम बढ़ाए जा
भाषा/क्षेत्र: हिंदी (देशभक्ति/सेना गीत)
विषय: साहस और आगे बढ़ने की प्रेरणा
संक्षिप्त पंक्ति:
कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…
निष्कर्ष:
इन लोकगीतों के माध्यम से देशभक्ति, वीरता और बलिदान की भावना पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। जैसे बुंदेलखंड के हरबोलों ने रानी लक्ष्मीबाई की गाथा को जीवित रखा, वैसे ही ये गीत हमारे इतिहास और संस्कृति को संजोकर रखते हैं।
आप चाहें तो अपने क्षेत्र (जैसे हरियाणवी, पंजाबी, भोजपुरी आदि) के लोकगीत भी इसमें जोड़ सकते हैं और कक्षा में साझा कर सकते हैं।
Q.23:
“कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी।”
नीचे ‘बहन’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित कुछ भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।
बहन (हिंदी); भगिनी, स्वसृः (संस्कृत); भेंण (पंजाबी); बहन, हमशीरा (उर्दू); बैनी (कश्मीरी); भेण (सिंधी); बहीण (मराठी); बहेन (गुजराती); भयण (कोंकणी); बैनी, दीदी (नेपाली); बोन, भगिनी (बांग्ला); भनी, बाइ, बाइदेउ (असमिया); मचन, मनाओ (मणिपुरी); भउणी (ओड़िआ); अक्कॅ, चेल्लेलु (तेलुगू); तंगै, अक्का (तमिल); सहोदरी, पेङ्डळ् (मलयालम); सोदरी, अक्क, तंगि (कन्नड़)।
- इनके अतिरिक्त यदि आप ‘बहन’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते हैं तो उस भाषा में भी लिखिए।
- उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
Solution:
- ‘बहन’ शब्द अन्य भाषाओं में
(कुछ अतिरिक्त भाषाएँ)- अंग्रेज़ी: Sister
- भोजपुरी: बहिन / बहिनी
- राजस्थानी: बहिण
- हरियाणवी: बहन / बहणी
- वाक्य का मातृभाषा में रूपांतरण
(उदाहरण – यदि आपकी मातृभाषा हिंदी/हरियाणवी/पंजाबी आदि है)- हिंदी (सरल रूप):
कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी। - हरियाणवी:
कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी। - पंजाबी:
ਕਾਨਪੁਰ ਦੇ ਨਾਨਾ ਦੀ ਮੂੰਹਬੋਲੀ ਭੈਣ ‘ਛਬੀਲੀ’ ਸੀ।
- हिंदी (सरल रूप):
NCERT Solutions Class 9 Hindi Ganga
- दो बैलों की कथा
- क्या लिखूँ
- संवादहीन
- ऐसी भी बातें होती हैं
- आखिरी चट्टान तक
- रीढ़ की हड्डी
- मैं और मेरा देश
- रैदास के पद
- राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
- भारति, जय, विजयकरे
- झाँसी की रानी
- घर की याद
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