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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

  1. ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के माध्यम से लेखक ने यह बताने का प्रयास किया है आज भी नवाबी लोग अपनी नवाबी छिन जाने पर झूठी शान तथा तौर-तरीकों का ही दिखावा करते हैं और ऐसा करते समय वे यह भी नहीं सोचते कि इसमें उन्हें कोई लाभ मिलने वाला नहीं | जैसे पाठ में अपने दिखावे की प्रवृत्ति के कारण नवाब साहब को भूखा ही रहना पड़ा | वास्तव में यह व्यंग्य उस सामंती वर्ग पर कटाक्ष करता है जो अपनी झूठी शान बनाए रखने के लिए कृत्रिमता से युक्त जीवन जीते हैं |
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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

लेखक ने फ़ादर कामिल बुल्के को मानवीय करुणा की दिव्य चमक इसलिए कहा है क्योंकि फ़ादर नेक दिल वाले वह व्यक्ति थे जिनकी रगों में दूसरों के लिए प्यार, अपनत्व और ममता भरी थी। वह लोभ, क्रोध कटुभाषिता से कोसों दूर थे। वे अपने परिचितों के लिए स्नेह और ममता रखते थे। वे दूसरों के दुख में सदैव शामिल होते थे और अपने सांत्वना भरे शब्दों से उसका दुख हर लेते थे। लेखक को अपनी पत्नी और बच्चे की मृत्यु पर फ़ादर के सांत्वना भरे शब्दों से शांति मिली थी। वे अपने प्रेम और वत्सलता के लिए जाने जाते थे।

निम्न काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में लिखिए. कहेउ लखन मुनि सीलु तुम्हारा। को नहि जान बिदित संसारा।। माता पितहि उरिन भये नीके। गुररिनु रहा सोचु बड़ जी के । सो जनु हमरेहि माथे काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।। अब आनिअ व्यवहरिआ बोली। तुरत देउँ मैं थैली खोली। सुनि कटु बचन कुठार सुधारा। हाय हाय सब सभा पुकारा।। भृगुबर परसु देखाबहु मोही। बिप्र बिचारि ज्यों नृप द्रोही।। मिले न कबहूँ सुभट रन गाढ़े। द्विज देवता घरहि के बाढ़े।। अनुचित कहि सबु लोगु पुकारे। रघुपति सयनहि लखनु नेवारे।। क. लक्ष्मण ने किसी हिसाब करने वाले को बुलाकर लाने के लिए क्यों कहा? ख, लक्ष्मण के किन शब्दों से परशुराम पुनः क्रोधित हो उठे? ग. सभा में हाय-हाय की पुकार क्यों मची? स्पष्ट कीजिए ।
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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

प्रस्तुत पदों में योग साधना के ज्ञान को निरर्थक बताया गया है। यह ज्ञान गोपियों के अनुसार अव्यवाहरिक और अनुपयुक्त है। उनके अनुसार यह ज्ञान उनके लिए कड़वी ककड़ी के समान है जिसे निगलना बड़ा ही मुश्किल है। सूरदास जी गोपियों के माध्यम से आगे कहते हैं कि ये एक बीमारी है। वो भी ऐसा रोग जिसके बारे में तो उन्होंने पहले कभी न सुना है और न देखा है। इसलिए उन्हें इस ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। उन्हें योग का आश्रय तभी लेना पड़ेगा जब उनका चित्त एकाग्र नहीं होगा। परन्तु कृष्णमय होकर यह योग शिक्षा तो उनके लिए अनुपयोगी है। उनके अनुसार कृष्ण के प्रति एकाग्र भाव से भक्ति करने वाले को योग की ज़रूरत नहीं होती।

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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

गोपियां कृष्ण भक्त थीं। कोमल हृदय वाली गोपियां तो केवल श्रीकृष्ण को ही अपना सर्वस्व मानती थीं। उनको केवल कृष्ण की भक्ति ही स्वीकार्य थी और उनका योग-साधना से कोई संबंध नहीं था। इसीलिए वे मानती थीं कि जो युवतियों के लिए योग का संदेश लेकर घूमते रहते थे, वे बड़े अज्ञानी थे। संभव है कि योग महासुख का भंडार हो पर गोपियों के लिए वह बीमारी से कुछ कम नहीं था। योग के संदेश तो विरह में जलने वालों को और भी अधिक जल्दी जला देने वाले थे। योग-साधना तो मानसिक रोग के समान है जिसे गोपियों ने न कभी पहले सुना था और न देखा था। कड़वी ककड़ी के समान व्यर्थ योग गोपियों के लिए नहीं बल्कि चंचल स्वभाव वालों के लिए उपयुक्त था। गोपियों को योग संदेश भिजवाना किसी भी अवस्था में बुद्धिमता का कार्य नहीं था। प्रेम की रीति को छोड़कर योग--साधना का मार्ग अपनाना मूर्खता है।

उद्धव के व्यवहार की तुलना कमल के पत्ते और तेल की मटकी से की गई है। कमल का पला पानी में डूबा रहता है पर उस पर पानी की एक बूंद भी दाग नहीं लगा पाती, उस पर पानी की एक बूंद भी नहीं टिकती। तेल की मटकी को जल में डुबोने से उस पर एक बूंद भी नहीं ठहरती। उद्धव भी पूरी तरह से अनासक्त था। वह श्रीकृष्ण के निकट रह कर भी प्रेम के बंधन से पूरी तरह मुक्त था।

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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

गोपियों के अनुसार राजा का धर्म होता है कि प्रजा की सुध ले और प्रजा पर कोई आँच न आने दे।

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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

विश्वामित्र ने परशुराम की अभिमानपूर्वक प्रकट की जाने वाली अपनी वीरता संबंधी बातों को सुन कर व्यंग्य भाव से कहा था कि मुनि को हरा-ही--हरा सूझ रहा था। वे सामान्य क्षत्रियों को सदा युद्ध में हराते रहे थे। इसलिए उन्हें लगने लगा था कि वे राम-लक्ष्मण को भी युद्ध में आसानी से हरा देंगे पर वे यह नहीं समझ पा रहे थे कि ये दोनों साधारण क्षत्रिय नहीं थे। वे गन्ने से बनी खांड के समान नहीं थे बल्कि फौलाद के बने खांडे के समान थे। मुनि व्यर्थ में बेसमझ बने हुए थे और इनके प्रभाव को नहीं समझ पा रहे थे।

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Yogita Ingle 5 years, 3 months ago

जार्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन पत्रकारों को शायद अपनी बड़ी भूल का अहसास हो गया था। उस दिन केवल एक गुमनाम आदमी की नाक नहीं कटी थी बल्कि पूरे हिंदुस्तान की नाक कट गई थी। जिन अंग्रेजों से आजादी दिलाने के लिए हजारों जिंदगियाँ कुर्बान हो गईं, उसी में से एक की बेजान बुत की नाक बचाने के लिए हमने अपनी नाक कटवा ली। इसलिए उस दिन शर्म से अखबार वाले चुप थे।

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए - जिसके जीवन में जितने अधिक दुख होते हैं वह उतना ही सफल होकर सुख की यात्रा पर निकलता है, क्योंकि दुख विपरीत स्थितियों से जूझने की क्षमता का विकास कर हमारी उर्जा को जगाते हैं। कभी-कभी मौसम में बड़ी विषमता दिखाई देती है ।गर्मियों में वर्षा हो जाती है और शीतल वायु मौसम को सुहावना बना देती है।कई बार बरसात के मौसम में बादलों का नामोनिशान तक नहीं रहता ।कहीं सर्दी के मौसम में ठंड और कोहरे से निजात मिल जाती है। मौसम की यह प्रतिकूलता हमारे अहित में नहीं होती।यही बात मनुष्य के जीवन में सुख-दुख के संबंध में उतना ही सटीक है। व्यक्ति तथा समाज दोनों के विकास के लिए परस्पर विरोधी भाव का होना अनिवार्य है ।ग्रीष्म हो या वर्षा, पतझड़ हो या वसंत,वे एक दूसरे के विरोधी नहीं अपितु पूरक है। एक के अभाव में दूसरे में आनंद कहां? सुख की अनुभूति के लिए दुख की अनुभूति होना आवश्यक है । इसके द्वारा हमारे अंदर की ऊर्जा जागती है ।दुखों से कोई भाग नहीं सकता उन से जूझना ही पड़ता है। पहिए की तीलियों की भांति सुख-दुख ऊपर नीचे होते हैं। जीवन भी चक्र ही है और चक्र टिकता नहीं गतिशील रहता है। (क) मनुष्य दुखों का सामना करने से सफल कैसे बन जाता है ? (ख) सुख की अनुभूति के लिए क्या आवश्यक है और क्यों ? (ग) लेखक ने मौसम की विधा का उदाहरण क्यों दिया है ? (घ) पहिए का उल्लेख क्यों किया गया है? (ड)सुख-दुख शब्द में प्रयुक्त समास का नाम लिखिए। (च) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
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Good Student 5 years, 3 months ago

निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों के रेखांकित पद परिचय लिखिए क. (परिश्रम) के बिना धन नहीं प्राप्त होता। ख. मोहन से (कोई) मिलने आया है। ग. मैं (प्रतिदिन) घूमने जाता हूँ। घ. प्रातः काल घूमने जाया करो (ताकि) स्वास्थ्य ठीक रहे । ड़. (अचानक) ओले पड़ने लगे ।

Good Student 5 years, 3 months ago

निम्नलिखित वाक्यों में से किन्हीं चार वाक्यों के रेखांकित पद परिचय लिखिए

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