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Class 12 Hindi Core Sample Paper 2027 (Set-5)

The Class 12 Hindi Core Sample Paper 2027 has some new changes and is very helpful for students preparing for their board exams. By practicing it, students can understand the new exam pattern and different types of questions like unseen passages, writing tasks, and questions from their textbooks.

Practicing this sample paper regularly helps increase confidence and improves time management during the exam. It also helps students understand their lessons better and improve their writing and expression skills.

This year, CBSE may make the exam pattern better by focusing more on thinking skills and using knowledge in real life. So, the sample paper may have more questions that check understanding instead of memorization.

For good preparation, students should practice this sample paper often and carefully understand the new pattern, marking scheme, and types of questions.

Question Paper and Solution PDF

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कक्षा 12 हिंदी कोर सैंपल पेपर 2026–27 में कुछ नए बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों की सोचने और समझने की क्षमता को परखना है। नीचे इन मुख्य बदलावों की आसान जानकारी दी गई है:

Class 12 – हिंदी कोर

Class 12 Hindi Core Sample Paper 2027 (Set-5)

निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका अनुपालन कीजिए:

  1. यह प्रश्न-पत्र तीन खण्डों में विभाजित है।
  2. खंड – क में अपठित बोध पर आधारित प्रश्न पूछे गए हैं । सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
  3. खंड – ख में पाठ्यपुस्तक अभिव्यक्ति और माध्यम से प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
  4. खंड – ग में पाठ्यपुस्तक आरोह तथा वितान से प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
  5. तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
  6. यथासंभव तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।

खंड – क

  1. निम्नलिखित गदूयांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
    इतिहास से विरासत में हमें ‘भारतीय संगीत’ जैसी अमूल्य निधि मिली है। अन्य देशों के संगीत की अपेक्षा इसकी विशेषता हमारे पूर्वजों की मान्यता के आधार पर है। भारत में संगीत क्षणिक आमोद-प्रमोद या अतृप्त तृष्णा की वस्तु न होकर, समस्त ब्रह्मांड से ऐक्य का आभास है, आंनद प्रदान करने वाली आध्यात्मिक साधना है। मानव को ब्रह्म तक ले जाने वाला मार्ग है। संगीत के इस स्वभाव और ध्येय को हमारी सभ्यता के प्रारंभ में ही हमारे देश के लोगों ने पहचान लिया था और इसका विकास इन्हीं आदर्शों के अनुकूल किया गया था। भारतवासियों के संगीतप्रेमी होने की बात का उल्लेख मैगस्थनीज़ भी कर गए हैं। दूसरी शताब्दी ई.पू. में उन्होंने ‘इन्डिका’ नामक अपने ग्रंथ में लिखा है कि ‘सब जातियों की अपेक्षा भारतीय लोग संगीत के कहीं अधिक प्रेमी हैं।’
    सहम्रों वर्षों से हमारे घरेलू और सांसारिक जीवन में लगभग सभी काम किसी न किसी प्रकार के संगीत से आरंभ होते रहे हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक यह संगीत हमारे साथ बना रहता है। नामकरण, कर्णच्छेदन, विवाह इत्यादि में तो संगीत होता ही है। साथ ही ऐसा कोई तीज-त्योहार नहीं होता जिसमें संगीत न हो। घर में ही क्यों, हमारे यहाँ तो खेत में, चौपाल में, चक्की चलाने में और धान कूटने के समय भी संगीत चलता ही रहता है। यह हमारे जन-जीवन के उल्लास को प्रकट करने का प्रभावी साथन है ही, साथ में उसको गतिमान बनाने का भी प्रबल अस्त्र है। संगीत रचनात्मक कार्यों में अप्रसर होने की सामूहिक स्फूर्ति और प्रेरणा प्रदान करता है और वह सामूहिक शक्ति देता है, जो हमें उन कार्यों को करने योग्य बनाता है जो अकेले या समूह में संगीत की प्रेरणा के बिना नहीं कर पाते।
    1. संगीत वह अमूल्य निधि है जो – (1)
      1. मानव को ब्रह्म तक ले जाने का मार्ग है।
      2. अतृप्त साधनों की पूर्ति में सहायक है।
      3. हमारे लक्ष्य पर पहुँचने का मार्ग है।
      4. कुछ ही लोगों के लिए सुखकारक है।
    2. संगीत के प्रभाव को भारतीयों ने कब पहचाना? (1)
      1. हमारी सभ्यता से भी पहले
      2. हमारी सभ्यता के प्रारंभ में
      3. यूनानी सभ्यता के आगमन पर
      4. सृष्टि की रचना होते ही
    3. निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़कर सर्वाधिक उचित विकल्प का चयन कर लिखिए: (1)
      कथन: संगीत जन-जीवन के उल्लास को प्रकट करने का प्रभावी साधन है।
      कारण: हमारे सभी कार्य किसी न किसी प्रकार के संगीत से आरंभ होते हैं।
      1. कथन और कारण दोनों गलत हैं।
      2. कारण सही है लेकिन कथन गलत है।
      3. कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
      4. कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
    4. भारतीय जनमानस में संगीत की क्या महता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (2)
    5. ‘संगीत जीवन-पर्यंत हमारे साथ बना रहता है’ – किन्हीं चार उदाहरणों से इस कथन की पुष्टि कीजिए। (2)
    6. रचनात्मक कार्यों में संगीत की भूमिका को स्पष्ट करने वाले दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (2)
    7. गाँवो में संगीत की लोकप्रियता को प्रकट करने वाले दो उदाहरणों का उल्लेख कीजिए। (1)
  2. निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
    नक्शे में जंगल हैं पेड़ नही
    नक्शे में नदियाँ हैं पानी नहीं
    नक्शे में पहाड़ हैं पत्थर नहीं
    नक्शे में देश है लोग नहीं
    समझ ही गए होंगे आप कि हम सब
    एक नक्शे में रहते हैं
    हमारी पैंटों और चप्पलों से लेकर
    वल्दियत और चोटों के निशान
    नब्ज और स्मृतियाँ सहित नप चुके हैं
    और नक्शे तैयार हैं
    नक्शों में नदियाँ अब भी कितनी
    साफ़ हैं और चमकदार
    कहती हुई
    ‘हमें तो अब यहीं अच्छा लगता है’
    नक्शों में गतियाँ हैं, लक्ष्य हैं, दिशाएँ हैं
    अतीत हैं, भविष्य हैं और सब तरह के रंग
    क्या नहीं है
    बाजरे की रोटियाँ और धनिये-पोदीने की चटनी तक
    नक्शे में जा चुकी है
    एक लंबे क्यू में खड़े बदहवास हम पूछते हैं
    ‘भाई साहब,
    कहीं’ हम नक्शे से बाहर तो नहीं छूट जायेंगे।
    1. ‘पैंट और चप्पल’ प्रतीकार्थ हैं – (1)
      1. शरीर के अधोभाग में धारण करने वाली चीजों के
      2. दैनिक जीवन में काम आने वाली चीर्जों के
      3. शरीर को आराम पहुँचाने वाली चीजों के
      4. शरीर की सुंदरता को बढ़ाने वाली चीजों के
    2. ‘वल्दियत’ शब्द इशारा करता है (1)
      1. नक्शे में खींचे गए निशान की ओर
      2. देश और समाज से मिली परंपराओं की ओर
      3. पुरखों और परंपरा से मिली विरासत की ओर
      4. वालिद से मिली संपत्ति और विरासत की ओर
    3. काव्यांश में प्रयुक्त ‘बाजरे की रोटियाँ और धनिये-पोदीने की चटनी’ प्रतीकार्थ है – (1)
      1. हमारे स्वाद का
      2. ग्रामीण भोजन का
      3. पारंपरिक भोजन का
      4. सादे भोजन का
    4. ‘नब्ज और स्मृतियाँ नप चुके हैं’ – का क्या अभिप्राय है? (1)
    5. ‘नदियों को नक्शे में ही रहना अच्छा लगता है’ – पंक्ति के माध्यम से क्या कटाक्ष किया गया है? (2)
    6. ‘हम नक्शे से बाहर छूट तो नहीं जाएँगे’ – पंक्ति में प्रयुक्त ‘हम’ कौन हैं और उनकी क्या चिंता है? (2)

खंड – ख

  1. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 80 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×4=8)
    1. रेडियो को श्रोताओं से संचालित माध्यम क्यों माना जाता है?
    2. समाचार पत्र-पत्रिकाओं में विशेष लेखन का कार्य विषय-विशेषज्ञों से करवाने के कारणों को स्पष्ट कीजिए।
    3. कहानी का नाट्य रूपांतरण करते समय दृश्य विभाजन किन आधारों पर किया जाता है?
  2. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं चार प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (4×2=8)
    1. नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन संबंधी कुछ सुझाव लिखिए।
    2. संवादों से संबंधित वो कौन से तथ्य हैं जो रेडियो नाटक पर विशेष रूप से लागू होते हैं?
    3. संचार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के आ जाने पर भी मुद्रित माध्यमों की लोकप्रियता बने रहने के क्या कारण हैं?
    4. हिंदी वेब पत्रकारिता की क्या स्थिति है?
    5. विशेष लेखन की भाषा-शैली सामान्य लेखन से अलग कैसे है?
  3. निम्नलिखित दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए: (6)
    1. मित्रों के साथ स्टेडियम में मैच देखने का आनंद विषय पर रचनात्मक लेख लिखिएI
    2. किशोरों में बढ़ती स्क्रीन लत विषय पर रचनात्मक लेख लिखिएI
    3. मेरे क्षेत्र का मुख्य चौराहा विषय पर रचनात्मक लेख लिखिएI

खंड – ग

  1. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×2=4)
    1. ‘छोटा मेरा खेत’ कविता के आधार पर लिखिए कि कागज रूपी खेत में पैदा होने वाले कविता रूपी फल की क्या विशेषता है?
    2. ‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता के आधार पर लिखिए कि टी.वी. पर शारीरिक पीड़ा झेलने वाले व्यक्ति से जुड़ा साक्षात्कार क्या सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम कहा जा सकता है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
    3. ‘बात सीधी थी पर’ कविता में भाषा के चक्कर में बात का टेढ़ी फँस जाना’ से क्या अभिप्राय है?
  2. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×3=6)
    1. ‘खतरनाक परिस्थितियों का सामना कर मनुष्य और अधिक सक्षम बनता है।’ – ‘पतंग’ कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
    2. कविता और फूल दोनों के महकने को समान मानते हुए भी कवि ने यह क्यों कहा है कि ‘कविता का खिलना फूल क्या जाने।’ ‘कविता के बहाने’ पाठ के आधार पर लिखिए।
    3. ‘बादल राग’ कविता के आधार पर लिखिए कि ऊँची-ऊँची अट्टालिकाओं में रहने वाला पूँजीपति वर्ग किससे और क्यों भयभीत हो जाता है?
  3. निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: (5×1=5)
    किसबी, किसान-कुल, बनिक, भिखारी, भाट,
    चाकर, चपल, नट, चोर, चार, चेटकी।
    पेटको पढ़त, गुन गढ़त, चढ़त गिरि,
    अटत गहन-गन अहन अखेटकी।।
    ऊँचे-नीचे करम, धरम-अधरम करि,
    पेट ही को पचत, बेचत बेटा-बेटकी।
    ‘तुलसी’ बुझाइ एक राम घनस्याम ही तें,
    आगि बड़वागितें बड़ी है आगि पेटकी।।
    1. काव्यांश में तुलसीदास ने वर्णन किया है –
      1. अपने समय की सामाजिक विषमता का
      2. अपने समय की आर्थिक विषमता का
      3. समाज में बढ़ते अंधविश्वासों का
      4. श्रमहीन लोगों के विभिन्न प्रयासों का
    2. पेट की आग को शांत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कर्म नहीं किया जा रहा था?
      1. पर्वतों पर चढ़ना
      2. गुणों को गद्नना
      3. व्यापार करना
      4. घने जंगलों में घूमना
    3. बड़वाग्नि कहते हैं-
      1. समुद्र की आग को
      2. जंगल की आग को
      3. पेट की आग को
      4. सूर्य से प्राप्त आग को
    4. काव्यांश के अनुसार ‘पेट की आग’ को किस प्रकार बुझाया जा सकता है?
      1. समुद्र के जल से
      2. पसीने के जल से
      3. परिश्रम के बल से
      4. राम रूपी कृपाजल से
    5. काव्यांश के आधार पर तुलसीदास के विषय में क्या धारणा बनती है? उचित विकल्प का चयन कीजिए।
      1. राम के प्रति दृढ़ आस्था रखने वाले संत
      2. समाज को राम भक्ति से जोड़ने वाले साधक
      3. सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति सजग रचनाकार
      4. सामाजिक उत्तरदायित्वों से विमुक्त वैरागी संत
        विकल्प:
        1. (i) और (ii) दोनों
        2. (i) और (iii) दोनों
        3. (iii) और (ii) दोनों
        4. (i) और (iv) दोनों
  4. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×3=6)
    1. बाजार के आकर्षण से बचने के लिए ‘बाजार दर्शन’ पाठ में दिए गए उपायों का उल्लेख करते हुए लिखिए कि आप उनसे कहाँ तक सहमत हैं।
    2. ”काले मेघा पानी दे’ पाठ में मेंढक मंडली पर पानी फेंकना जीजी की दृष्टि में पानी पाने के लिए पानी के लिए बीज बोना है।’ क्या आप भी जीजी के इन विचारों से सहमत हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
    3. ”पहलवान की ढोलक’ पाठ व्यक्तिगत सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि एकदम नयी व्यवस्था के आरोपित हो जाने का प्रतीक है।’ सिद्ध कीजिए।
  5. निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों को चुनकर लिखिए: (5×1=5)
    भक्तिन की कंजूसी के प्राण पुंजीभूत होते-होते पर्वताकार बन चुके थे; परंतु इस उदारता के डाइनामाइट ने क्षणभर में उन्हें उड़ा दिया। इतने थोड़े रुपये का कोई महत्व नहीं; परंतु रुपये के प्रति भक्तिन का अनुराग इतना प्रख्यात हो चुका है कि मेरे लिए उसका परित्याग मेरे महत्व की सीमा तक पहुँचा देता है। भक्तिन और मेरे बीच में सेवक-स्वामी का संबंध है, यह कहना कठिन है; क्योंकि ऐसा कोई स्वामी नहीं हो सकता, जो इच्छा होने पर भी सेवक को अपनी सेवा से हटा न सके और ऐसा कोई सेवक भी नहीं सुना गया, जो स्वामी के चले जाने का आदेश पाकर अवज्ञा से हैंस दे। भक्तिन को नौकर कहना उतना ही असंगत है, जितना अपने घर में बारी-बारी से आने-जाने वाले अंधेरे-उजाले और आँगन में फूलने वाले गुलाब्य और आम को सेवक मानना।
    1. ‘भक्तिन की कंजूसी के प्राण पुंजीभूत होते-होते पर्वताकार बन चुके थे।’ – पंक्ति का आशय है –
      1. पैसों के प्रति भक्तिन का प्रेम पर्वतों का रूप ले चुका था।
      2. पैसों के प्रति भक्तिन के प्रेम की गाथा दूर-दूर तक फैल चुकी थी।
      3. भक्तिन एक-एक पैसा कंजूसी से खर्च करती थी।
      4. एक-एक पैसा जमा करके भक्तिन ने मोटी पूँजी बना ली थी।
    2. भक्तिन की किस ‘उदारता के डाइनामाइट’ ने महादेवी जी को आश्चर्यचकित कर दिया?
      1. गाँव में महादेवी जी के रहने का प्रबंध अपनी पूँजी से करने
      2. महादेवी जी को शहर से गाँव ले जाने और रखने के प्रबंध ने
      3. अपने घर में महादेवी जी की सभी सुविधाओं का प्रबंध करने
      4. युद्ध की पृष्ठभूमि में महादेवी जी की सुरक्षा की चिंता करने
    3. भक्तिन को नौकर कहना क्यों असंगत था?
      1. उसका अपना स्वतंत्र अस्तित्व था।
      2. वह निजी इच्छा के अनुरूप कार्य करती थी।
      3. वह महादेवी जी के व्यक्तित्व से जुड़ी थी।
      4. वह महादेवी जी की बात सुनकर हँस देती थी।
    4. गद्मयांश में अँधेर-उजाले, आम और गुलाब का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है?
      1. भक्तिन और महादेवी जी के संबंधों के
      2. भक्तिन की चारित्रिक विशेषताओं के
      3. महादेवी जी की चारित्रिक विशेषताओं के
      4. संसार में प्रत्येक वस्तु के अस्तित्व के
    5. महादेवी जी दूवारा भक्तिन को अपनी सेवा से न हटाने का कारण था, अपने प्रति उसका ________। (रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए)
      1. सेवाभाव
      2. अपनत्व
      3. सरल व्यवहार
      4. निश्छल व्यवहार
  6. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×2=4)
    1. शिरीष के विषय में कालिदास और हजारीप्रसाद द्विवेदी जी के विचारों के अंतर को स्पष्ट कीजिए।
    2. श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा पाठ के आधार पर बताइए कि मनुष्य को पेशा बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने से क्या परिणाम होता है?
    3. ”बाज़ार दर्शन’ पाठ से उद्धृत कथन ‘तप की राह रेगिस्तान को जाती होगी, मोक्ष की राह वह नहीं है’ – का आशय स्पष्ट कीजिए।
  7. निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए: (2×5=10)
    1. “यह काम मैं अपने पैसे से करने को कह रहा हूँ, आपके पैसे से नहीं जो आप नुक्ताचीनी करें।” ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी से उद्धृत इस कथन के संदर्भ में भूषण के चरित्र की समीक्षा कीजिए।
    2. ‘एक आदर्श अध्यापक छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।’ – ‘जूझ’ कहानी के मास्टर सौंदलकर के चरित्र के माध्यम से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
    3. ‘मुअनजोदड़ो नगर-नियोजन की अनूठी मिसाल है।’ उदाहरण सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।

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