अपरदन एवं निक्षेपण में अंतर

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Posted by Ramkesh Kumar 6 years, 5 months ago
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Sia ? 6 years, 5 months ago
अपरदन- यह वह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें चट्टानों का विखंडन और परिणामस्वरूप निकले ढीले पदार्थ के जल, पवन, इत्यादि प्रक्रमों द्वारा स्थानांतरण होता है। अपरदन के प्रक्रमों में वायु, जल तथा हिमनद और सागरीय लहरें प्रमुख हैं।
निक्षेपण- जब नदी पहाड़ों से निकलकर मैदानी भाग में आती है तो इसकी ढाल मंद हो जाती है। इससे नदी की शक्ति कम हो जाती है। नदी की शक्ति कम होने से परिवहन में बाधा उत्पन्न होती है। परिणामस्वरूप, अवसाद और मलबा जमा होने लगते हैं। इस क्रिया को नदी की निक्षेपण प्रक्रिया कहते हैं। भूमिगत जल में निक्षेपण प्रक्रिया से स्टैलैक्टाइट और स्टैलैग्माइट स्थलाकृतियों का निर्माण होता है। हिमानी की निक्षेपण प्रक्रिया से हिमोढ़ का निर्माण होता है। पवन की निक्षेपण प्रक्रिया से बनने वाली स्थलाकृतियों में बालू के टीले, बरखान, लोयड्स आदि प्रमुख हैं। समुद्री तरंगों का निक्षेपण प्रक्रिया से पुलिन, बालू रोधिका, स्पिट, लैगून आदि स्थलाकृतियों का निर्माण होता है।
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