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Sia ? 4 years, 8 months ago

भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से प्रारंभ होता है जिसे हम हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जानते हैं। यह सभ्यता लगभग 2500 ईस्वी पूर्व दक्षिण एशिया के पश्चिमी भाग मैं फैली हुई थी,जो कि वर्तमान में पाकिस्तान तथा पश्चिमी भारत के नाम से जाना जाता है।

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Priyanshu Patalvanshi Priyanshu 4 years, 10 months ago

Kabir ek prasidh kabi the

Sadhna Pal 5 years, 1 month ago

Kabir kvi the bhot pershid
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Anand Sharma 5 years ago

लेखक थे।

Pawan Singh 5 years ago

?

Sadhna Pal 5 years, 1 month ago

Kabir das Hindi k kvi the bhot pershid
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Sia ? 4 years, 8 months ago

हिंदी साहित्य का आधुनिक काल तत्कालीन राजनैतिक गतिविधियों से प्रभावित हुआ है। इसको हिंदी साहित्य का सर्वश्रेष्ठ युग माना जा सकता है, जिसमें पद्य के साथ-साथ गद्य, समालोचना, कहानी, नाटक व पत्रकारिता का भी विकास हुआ। इस कार्य के लिए गद्य ही अधिक उपयुक्त होती है। इस कारण आधुनिक युग की मुख्य विशेषता गद्य की प्रधानता रही।
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Sia ? 4 years, 8 months ago

01, पटना

12.11.2018

 

सेवा में,

मूख्य सचिव

पर्यावरण विभाग, बिहार सरकार

 

महाशय, धुम्रपान से होने वाले घातक बीमारी से हम सभी अवगत हैं। धुम्रपान करने से कैंसर सहित और भी कई घातक बिमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। धुम्रपान न सिर्फ धुम्रपान करनेवाले को रोग्रस्त करता है अपितु जो धुम्रपान करनेवाले के इर्द गिर्द रहते हैं उन्हें भी अपनी चपेट में ले लेता हैं। इस समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र को धुम्रपान मुक्त बनाने के लिए कानून की व्यवस्था की थी। परन्तु कुछ लोग इस कानून का पालन नहीं कर रहे हैं जिससे सार्वजनिक स्थलों पर धुम्रपान न करनेवाले लोग भी बुरी तरह प्रभावित हो रहें हैं।

 

अतः आपसे अनुरोध है कि इस कानून को और कठोर बनाए तथा उसे कठोरता से लागू करने की व्यवस्था करें।

 

धन्यवाद।

 

आपका विश्वासी

प्रतीक रत्न

पटना 01

बिहार

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Yogita Ingle 5 years, 1 month ago

शब्द, रंग, रेखाएँ किसी भी माध्यम से, जिसमे रचनाकार को सहजता और सुविधा महसूस हो, रचना की जा सकती है।कविता के लिये प्रतिभा की आवश्यक्ता होती है। कवितासांकेतिक होती है। बिम्ब और कल्पनाशक्ति उसमें महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

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Anjali Bhardwaj 5 years, 1 month ago

If u mean "aalekh likhna aata h" So yes
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Amit Bhandari 5 years, 1 month ago

Xdgugd

Yogita Ingle 5 years, 1 month ago

समस्त भाव प्रधान साहित्य को काव्य कहते हैं। विभिन्न विद्वानों ने काव्य के विभिन्न लक्षण बताये हैं-साहित्य दर्पण के प्रणेता आचार्य विश्वनाथ ने ‘वाक्यं रसात्मकं काव्यम्’ कहा है।

(1) मुक्तक पद्य-काव्यं गीत,कविता,दोहा और पद तथा आधुनिक चतुष्पदी तथा मुक्त छन्द मुक्तक काव्य कहलाता है। मुक्तक काव्य का तात्पर्य है कि बिना पूर्वापर सम्बन्ध के वह पद्य या छन्द अपने आप में पूर्ण एक स्वतन्त्र भाव लिये हो जिसके पड़ने मात्र से उसका भाव समझ में आ जाये और किसी भी रस-विशेष की अनुभूति हो सके। सूरदास,मीरा आदि कवियों के गेय पद और बिहारी सतसई,आधुनिक गीत इसके अन्तर्गत आते हैं।

(2) प्रबन्ध काव्य-प्रबन्ध काव्य वह रचना होती है, जिसमें कोई एक कथा आद्योपान्त क्रमबद्ध रूप से गठित हो एवं उसमें कहीं भी तारतम्य न टूटता हो, वरने उस कथा को पुष्ट करने के लिए उसमें अन्य अन्तर्कथाएँ भी हो सकती हैं। प्रबन्ध काव्य विस्तृत होता है, उसमें जीवन की विभिन्न झाँकियाँ रहती हैं। प्रबन्ध काव्य में कथानक को लेकर पात्रों के चरित्रों में घटनाओं और भावों के संघर्ष द्वारा काव्य-वस्तु संजोयी जाती है। प्रबन्ध काव्य के निम्नवत् दो उपभेद स्वीकारे

(1) महाकाव्य,
(2) खण्डकाव्य।

  • 3 answers

Sanjana Patidar 5 years ago

इसको भी अभी खराब होना था??

꧁༒ ΑɳเL ༒ ༻ : 5 years, 1 month ago

Kai bat Nahi Thodi jarurat he

Prince Kumar 5 years, 1 month ago

Iska kya karna hai ????

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