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Rani Mishra ??? 6 years, 3 months ago

फादर बुल्के ने भारत आने से पहले उन्होंने धर्मगुरु के पास जाकर कहा कि बे भारत जाना चाहते हैं। उनकी शर्त मन ली गई और बे भारत आ गए ।
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Avishek Vishwakarma 6 years, 3 months ago

But whyy

Keshav Rajput 6 years, 3 months ago

Don't anyone
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Preety Satnalika 6 years, 4 months ago

Kavi shishu ki maa ko dhanya khate hai kyonki aaj ussi ke wajah se unhe yah mokka mila hai wah iss adhbhut muskaan ka aanand le sake

Madhav Joshi 6 years, 4 months ago

इसलिए क्युकि उस्ने उस बचे को पल पोस्कर बड़ा किय हे ओर उस्के चेहरे पर मुस्कन ला दि हे छोटे छोटे दातो वाली मुस्कान
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Navjot Kaur 6 years, 4 months ago

Thx gaurav seth

Gaurav Seth 6 years, 4 months ago

कहते हैं कि मां बाप से बढ़कर गुरु होता है क्योंकि मां बाप हम को जन्म देते हैं लेकिन एक सच्चा गुरु हमको एक सही रास्ते पर चलने के लिए सलाह देता है और हमको सही और गलत दोनोंमें अंतर समझने के लिए तैयार करता है,गुरु का जीवन में बड़ा ही महत्व है जब कोई
मां बाप अपने बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवाते हैं तो उनको उम्मीद होती है अपने बच्चों से कि बड़े होकर कुछ अच्छा करेंगे,वह अपने बच्चों को एक गुरु के हवालेकर देते हैं क्योंकि गुरु ही उनको जीवन में कुछ करने लायक बनाता है.ये भी पढें-बड़ो का सम्मान पर निबंध

प्राचीन काल से ही हमने देखा है की गुरु के महत्व को समझा जाता था पहले के जमाने में एक गुरु अपने आश्रम में अपने शिष्यों को शिक्षा देते थे लेकिन प्राचीन काल से अभी तक बहुत सारे बदलाव आए हैं अब गुरु आश्रम से स्कूल-कॉलेज बन चुके हैं,आज के हर एक नवयुवक को गुरु के महत्व को समझना चाहिए और गुरु का बड़ा ही आदर करना चाहिए,दुनिया में अभी भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने गुरु को इज्जत नहीं देते अपने गुरु को कुछ भी नहीं समझते हैं उन सभी को समझना होगा कि अगर आपको आगे बढ़ना है तो गुरु की इज्जत
करना पड़ेगी और गुरु के महत्व को समझना होगा जब हम स्कूल में होते हैं तो हमारा गुरु हमें सही और गलत में अंतर करना सिखाता है ,हमको जिंदगी में हर एक परिस्थिति से लड़ने का सामना करने के लायक बनाता है और हर एक गुरु चाहता है कि मेरा शिष्य आगे
बढ़े जिससे मेरा और भी नाम हो.

दोस्तों हम सभी को गुरु के महत्व को समझने की जरूरत है आज बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं वह स्कूल कॉलेज में किसी न किसी गुरु से सीखते हैं और बड़े होकर अपनी अपनी इच्छा अनुसार कुछ ना कुछ करते हैं,कोई लोगों की सेवा करने के लिए लोगों का उपचार करने के लिए डॉक्टर बनता कोई लोगों की सेवा करने के लिए एक व्यापारी बनता है तो कोई लोगों के मसले सोल्व करने के लिए वकील बनता है तो कोई कलेक्टर बनता है और उनमे से कोई अपने गुरु की तरह ही एक सच्चा गुरु बनता है,दोस्तों हम अपने गुरु से सीख कर जो भी बनते हैं और हम अपने जीवन में कुछ भी बन कर जो मान सम्मान और पैसा कमाते हैं वह सब कुछ हमारे गुरु की वजह से होता है,गुरु ही हमारा
मार्गदर्शन करता है और हमें सब कुछ सिखाता है,हम सभी को गुरु के महत्व को समझने की जरूरत है.

दोस्तों हम सभी को अपने गुरु पर गर्व होना चाहिए आप जितने भी आगे बढ़े हो सिर्फ अपने गुरु के ही वजह से हो,हम सभी को कभी भी अपने आपको अपने गुरु से श्रेष्ठ नहीं समझना चाहिए और गुरु की जहां तक हो सेवा करना चाहिए क्योंकि आज हम जो भी हैं सिर्फ और सिर्फ गुरु के बदौलत हैं प्राचीन काल में हमने देखा है कि ऐसे ऐसे उदाहरण हमारे सामने आए हैं कि जिन का वर्णन करना भी मुश्किल है,बहुत सारे ऐसे लोग  हुए हैं जिन्होंने अपने गुरु के लिए या गुरु दक्षिणा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया है,महाभारत में जैसे की हम सभी जानते हैं कि एकलव्य द्रोणाचार्य से छुप-छुपकर धनुष विद्या सीखता था,वह छुप-छुपकर धनुष विद्या सीखते सीखते उसमें एकदम परफेक्ट हो गया था,वह बहुत ही खुश था.

एक दिन जब वह गुरु के पास में गया तब गुरु को पता लगा कि एकलव्य दुनिया का सबसे बड़ा धनुर्धर बन चुका है,गुरु ने एकलव्य का अंगूठा मांगा क्योंकि द्रोणाचार्य पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा धनुर्धर अर्जुन को बनाने का वादा कर चुके थे इसलिए उन्होंने एकलव्य से गुरु दक्षिणा में उसका अंगूठा मांगा और एकलव्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में अपना अंगूठा अपने गुरु को दे दिया क्योंकि एकलव्य के लिए धनुष विद्या अपने गुरु से बढ़कर नहीं थी क्योंकि उसने वह विद्या सिर्फ और सिर्फ अपने गुरु से सीखी थी,वह आज जो भी था सिर्फ और सिर्फ अपने गुरु की वजह से था वह अपने गुरु के महत्व को समझता था इसलिए उसने एक पल भी नहीं सोचा और अपना अंगूठा अपने गुरु को दे दिया है.

दोस्तों गुरु हमारा सब कुछ होता है अगर आप अपने गुरु को सच्चे दिल से मानते हो तो आपको किसी और को मानने की जरूरत है ही नहीं क्योंकि गुरु ही ईश्वर है गुरु ही माता पिता है गुरु ही सब कुछ है आज जो भी रिश्ते हैं सब कुछ गुरु के रिश्ते के आगे पीछे हैं क्योंकि गुरु ही हमें इन रिश्तों को निभाने के काबिल बनाता है इसलिए गुरु के महत्व को समझकर अपने गुरु को इज्जत दीजिए,आज के जमाने में जैसे जैसे हमारी संस्कृति बदलती जा रही है उसी तरह से हमारे समाज में बहुत सारे बदलाव देखने को मिलते हैं,यहां तक ऐसा भी देखा गया है कि एक शिष्य अपने गुरु को अपशब्द भी कहता है,दोस्तों यह बिल्कुल सही नहीं है ऐसे लोगों का हमें समाज से बहिष्कार करना होगा क्योंकि जो गुरु का सम्मान नहीं कर सकता वह दुनिया में किसी का ना तो सम्मान कर सकता है और ना ही किसी को मान सकता है.

इसलिए गुरु के महत्व को समझिए और गुरु की सेवा कीजिए और अपने गुरु से हमेशा सीखते रहिए कभी भी अपने आपको अपने गुरु से श्रेष्ठ समझने की गलती मत कीजिए.

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Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

रचना के आधार पर बकाय की तीन भेद होते हैं:- सरल , मिश्र और सन्यकुट ।
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Vivek Kumar 6 years, 3 months ago

Kyunki Jo Badal Aate Hain To hamare andar ramain aadi ka bhav prakat Karte Hain
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Sia ? 6 years, 4 months ago

  • इस कथन के माध्यम से लेखक अतिथो देवो भव की भावना के कारण  ब्रिटिश सरकार का भारत में सम्मान को तो प्रदर्शित करता है लेकिन उस बीमार,भ्रष्ट सरकार पर व्यंग्य कसता है,जो सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए कार्य करती है।वह एलिजाबेथ एवम् प्रिंस फ़िलिप के आने पर चालीस करोड़ भारतीयों में से किसी एक की ज़िन्दा नाक काटकर ज़ार्ज पंचम की लाट में लगा देने की अपमान जनक बात सोचती और करती है,पूर्ण रूप से गलत है यदि सच में दिल्ली के पास नाक होती तो इतना बखेड़ा खड़ा न करके सीधे ज़ार्ज पंचम के लाट को ही हटवा दिया जाता।
  • अख़बार उस दिन चुप थे। ब्रिटिश सरकार को दिखाने के लिए किसी ज़िंदा इनसान की नाक जॉर्ज पंचम की लाट की नाक पर लगाना किसी को पसंद नहीं आया। यदि वे सच छाप देते तो पूरी दुनिया क्या कहती। दुनिया के लोग जब जानते कि आज़ादी के बाद भी दिल्ली में बैठे हुक़्मरान आज भी अंग्रेजों के आगे अपनी दुम हिलाते हैं।प्राय:अखबारों पर सरकारी दबाव भी रहता है।
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Jasmer Lakra 6 years, 4 months ago

1+1

Jasmer Lakra 6 years, 4 months ago

Please give answer
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Sukhpreet Siddhu 6 years, 3 months ago

Kriya keep jis roop se pata chale ke vahe vakya me kis prakar prakat huai h usae vachae kehate h.
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  • 1 answers

Sia ? 6 years, 4 months ago

You can check summary in the notes here : https://mycbseguide.com/cbse-revision-notes.html

  • 4 answers

Mantu Khan 6 years, 3 months ago

mCq type question aaynge taaki baachho ko asaani ho or ye 20 mrks k hoenge

Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

Mcq and objective type questions will be there in the board exam.

#Aditi~ Angel???? 6 years, 4 months ago

I Don't know

Shreya .... 6 years, 4 months ago

Kaun se subject ka puch rhe h aap..
  • 1 answers

Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

सेकंड क्लास के डिब्बे में नवाब साहब पल्थी मारे बठे थें । उनके सामने दो ताजा चिकने खीरे रखे थे तौलाइए पर । बे खिड़की के बाहर देख रहे थे और लेखक को संगति का उत्साह नहीं दिखाया ।
  • 2 answers

Sia ? 6 years, 4 months ago

You can check the syllabus here : https://mycbseguide.com/cbse-syllabus.html

Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

Yes
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Sia ? 6 years, 4 months ago

मीरा बाई श्याम की चाकरी करना चाहती है

Kulwinder Sidhu 6 years, 3 months ago

Sri krishan

Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

मीराबाई श्रीकृष्ण की चकरी करना चाहती थी। मीराबाई श्रीकृष्ण की परम और अनन्य भक्त थी।
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Yash Kr. Yaduvanshi 6 years, 4 months ago

Don't know

Nikhil Yadav 6 years, 4 months ago

Srangar ras ko bhai

#Aditi~ Angel???? 6 years, 4 months ago

श्रूंगार रस को रस राज कहा जाता हैं। श्रंगार रस में स्थाई भाव रति होता है इसके अंतर्गत सौन्दर्य, प्रकृति, सुन्दर वन, वसंत ऋतु, पक्षियों का चहचहाना आदि के बारे में वर्णन किया जाता है| श्रंगार रस में सुख की प्राप्ती होती है | श्रृंगार रस में  प्रेम,मिलने, बिछुड़ने आदि जैसी क्रियायों का वर्णन होता है

#Aditi~ Angel???? 6 years, 4 months ago

Ok i remember...wait

?Queen #Alone#Weak#Always?? 6 years, 4 months ago

Pta nahi

#Aditi~ Angel???? 6 years, 4 months ago

Dont remember
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Faiza Saifi 6 years, 4 months ago

Sabsa phala jis chez ka vigyapan dya jaraha uska nam. Iska baad uska chitr. Iska baad us ka vardnand suksham shabdo ma dana chaya matlab chata sabdo ma. Uska baad uska addres or phon no. Or uska baad ap usa colour kar sakta magar board exam ma nahe karna. Agar ap ko iska bara ma or jankare chaya to ap is ao par video dak kar samajh sakti ha (Bas itsa kafe hoga na)☺️☺️☺️☺️

Rani Mishra ??? 6 years, 4 months ago

कोई अच्छा बायकरण की किताब देख लो भाई । यही मेरी सलाह है

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