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  • 5 answers

Rashi Thakur 6 years, 11 months ago

Yes it is the write way u should go to you tube.........it will gave u an effective ecample

Dipti Singh 6 years, 11 months ago

You must go to you tube

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Ya..

Prince Kumar Gupta 6 years, 11 months ago

Do you think it is a good way

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Learn all the stayi bhav .......or u can watch the vedios on you tube and then practise
  • 1 answers

Amresh Shukla 6 years, 11 months ago

Read ur book and back questions
  • 1 answers

Shalu Singh 6 years, 11 months ago

bismillah khan bhagvan se prathna krte The ki bhgvan unhe Acha surr de Jise sun kr sunne walo ki akho me bhi ashu aa jaye
  • 0 answers
  • 3 answers

Sanjana ? 6 years, 11 months ago

किसी गद्यय , काव्य , घटना आदि को देखकर , पढकर या सुनकर जिस आलौकिक आन्नद की प्राप्ति होती है उसे रस कहते है।

Kritika Upadhyay 6 years, 11 months ago

Ras ki koi proper sefinition to bahi pata but ras ke 9 sthai bhav hote hai jo har insaan ke under vidyaman rehte hai

Yash Gharti 6 years, 11 months ago

Rasgulle ka ras,aam ras, ganne ka ras????
  • 1 answers

Priya Shrma 6 years, 11 months ago

Kalvachak kriya vishesn
  • 1 answers

Pia Saini 6 years, 11 months ago

Google s download krlona...yha koi kese dega vo bi with solution..????
  • 1 answers

@ Aashu 6 years, 11 months ago

No idea..
  • 3 answers

Kritika Upadhyay 6 years, 11 months ago

निस दीन बरसात नैन हमारे। सदा रहति पावस ऋतु हमपे जब से श्याम सिधारे।

D.J Alok 6 years, 11 months ago

राम का रूप नीहारति जानकि कंगन के नग की परिछाहीं। यातें सबै सुधि भूलि गई ,कर टेकी रही पल टारति नाहीं ।।??

D.J Alok 6 years, 11 months ago

गाता शुक जब किरण बसंती छूती अंग पर्ण से छनकर । किंतु शुकी के गीत उमड़कर , रह जाते सनेह मे सनकर ।।???????
  • 1 answers

Kritika Upadhyay 6 years, 11 months ago

Vakya ke 3 bhed hote hai saral,sanyukt aur mishra vakya.saral vakya mai koi bhi simple sentence hota hai eg.bache maidan me khel rahe hai. Sanyukt vaky a mai yojak ka use hota hai mainly isme sentence ko connect karne ke liye aur,tatha,ya,isliye,anyatha ka use hota hai. eg.barsat hui aur ham bhagne lage. Aur mishra vakya mai aisa-jo, vahi-jise,yadi-to yojako ka use hota hai .eg. yadi tum parishram katre to avshya uttiod hote.
  • 4 answers

Shubhendra Singh ? 6 years, 11 months ago

Kaun likhe time nahi hai itna

Chetna Pandey 6 years, 11 months ago

Achaa toh baaki ka aap hi likh dijiye

Shubhendra Singh ? 6 years, 11 months ago

प्रस्तावना: अन्न पैदा कर किसान सभी वर्गो की सेवा कर रहा है । सीमाओ पर सजग प्रहरी सेना के लिए अनाज देने वाला किसान ही है । बड़े-बड़े कल-कारखानों में वस्तुओं का उत्पादन करने वालों को अन्न देने वाला किसान ही है । किसान समाज की रीढ़ की हड्‌डी है । भारतवर्ष प्राचीन काल से कृषि प्रधान देश रहा है, इसलिए भारत की समग्र अर्थव्यवस्था किसान पर निर्भर है । भारत का किसान विश्व मे सबसे अधिक परिश्रमी माना जाता है । भारतीय किसान का अभाव-ग्रस्त जीवन: भारतीय किसान छल, प्रपच भेद-भाव से नितान्त दूर सीधा-सादा जीवनयापन करता है । भारतीय किसान शिक्षित नही होता है ! अपने परम्परागत तरीको द्वारा अन्न पैदा करता है । सबके लिए अन्न पैदा करने वाले किसान का सारा जीवन अभाव-ग्रस्त रहता है । सबको भोजन खिलाने वाला किसान स्वयं भूखा रहता है । एक वस्त्र, नंगे बदन अभावों से घिरा भारतीय किसान फिर भी प्रसन्न रहता है । आज भी भारतीय किसान के लिए पक्के घर नही है । कच्चे मकानो में जानवरों के साथ रहकर वह खुश है । अशिक्षा, अंध विश्वास, धर्म भीरूता व रूढ़ियों से किसान की हालत बिगड़ती जाती है । शादियों में, जन्म-मृत्यु में, अन्य धार्मिक अनुष्ठानो में शक्ति से अधिक व्यय कर भारतीय किसान अपने को सदा-सदा के लिये दरिद्रता के जाल में फसा लेता है । इस विषम जाल से ऊपर उठने के लिये उसकी पीढ़ियों गुजर जाती है फिर भी कर्ज से दबा हुआ किसान कभी उठ नही पाता है । पशु ही किसान का सच्चा धन: भारत के इस दरिद्र नारायण का सच्चा धन एक मात्र पशु है । वह पशुओं का पालन-पोषण करता है । बैल तो किसान का सच्चा मित्र है । पशुओं से किसान अपने कई कार्य लेता है । गाय-भैसों के पालन-पोषण से वह दूध प्राप्त करता है जो उसके दैनिक जीवन के लिए उपयोगी है । पशुओं के गोबर से निर्मित खाद द्वारा वह अपने खेतों को उर्वरक बनाता है । भारतीय किसान की समस्याएं: भारतीय किसान की खेती पूर्ण रूप से प्रकृति पर निर्भर रहती है । प्राय: उसकी फसल अतिवृष्टि या अनावृष्टि का शिकार हो जाती है । वर्षा न होने से खेती सूख जाती है । अधिक वर्षा के कारण बाढ़ आदि द्वारा फसल बहकर नष्ट हो जाती है । इसके अतिरिक्त बन्दरों के दल, टिड्‌डयो के दल फसल को चौपट कर देते हैं ।तुषार व ओले तो फसल के दुश्मन हैं । इस प्रकार जब तक किसानों की फसल खेतो से घर में न पहुंच जाए तब तक उसके अनेक दुश्मन हैं, जिससे किसान का कठोर परिश्रम मिट्‌टी में मिल जाता है । फसल प्राप्त होने पर अब चलता है व्यापारियो का किसानो को ठगने का दुष्चक्र । परिश्रम से प्राप्त अनाज को व्यापारी लोग सस्ते भावो पर खरीदते हैं । कई दलाल किसानो को अनेक प्रकार से चक्कर मे डाल देते हैं ।हमारा भारतीय किसान अभी तक अपने परम्परागत तरीकों से खेती करता है । आधुनिक वैज्ञानिक युग मे नवीन आविष्कारो ने कृषि के क्षेत्र में भी आशातीत सफलता प्राप्त कर ली है । उपसंहार: हमें आशा है कि निकट भविष्य में भारतीय किसानो की दशा सुधरती जायेगी । हमारी सरकार भी किसानो के हित में कई योजनाएँ बना रही है जिनका लाभ सामान्य किसान तक पहुँचेगा । गाँवों से शिक्षित नवयुवकों का शहर की ओर पलायन हो रहा है वह रुकना चाहिये क्योकि शिक्षित नवयुवक ही गाँवों का सुधार कर सकते है । आधुनिक खेती के तरीकों से अन्न पैदा किया जा सकता है !

Chetna Pandey 6 years, 11 months ago

भारत एक कृषि प्रधान देश है । यहाँ के अधिकांश लोग आज भी अपनी जीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं । दूसरे शब्दों में हमारी अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि ही है । इन परिस्थितियों में कृषक की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है । परंतु देश के लिए यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पाँच दशकों के बाद भी भारतीय कृषकों की दशा में बहुत अधिक परिवर्तन देखने को नहीं मिला है । स्वतंत्रता से पूर्व भारतीय कृषक की स्थिति अत्यंत दयनीय थी । तब देश अंग्रेजों के आधिपत्य में था जिनका मूल उद्‌देश्य व्यापारिक था । उन्होंने कृषकों की दशा में सुधार हेतु प्रयास नहीं किए । कृषकों की दशा में सुधार हेतु कई बार कानून पारित किए गए । परंतु वास्तविक रूप में उनका कभी भी पूर्णतया पालन नहीं किया गया । किसानों को अपने उत्पाद का एक बड़ा भाग कर के रूप में सरकार को देना पड़ता था। सूखा तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय उनकी स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती थी । कर अदा करने के लिए वे सेठ-साहूकारों से कर्ज लेते थे परंतु उसे वापस न करने की स्थिति में जीवन पर्यंत उसका बोझ ढोते रहते थे । अनेकों कृषकों को अत्यंत कम वेतन पर मजदूरी के लिए विवश होना पड़ता था ।
  • 3 answers

Deepak Suthar 6 years, 11 months ago

Kyoki dumranv me great ka janma huavtha or dumrav ki son river ke pass narkat naam ki gass pai jati he jo ki shahanai bannane ke liye kam aati he.

Harish Gupta 6 years, 11 months ago

Kyoki dumrao me hi great sahanaivadak bismillah kha ka jnm hua tha aur ve whi pr shnai bjaya krte the.

Ro Nak 6 years, 11 months ago

Vhfdckgr
  • 1 answers

D.J Alok 6 years, 11 months ago

रमेश- संज्ञा , व्यक्तिवाचक, एकवचन,पुल्लिंग ।। दशवी- विशेषण, संख्यावाचक , स्त्रीलिंग ।। पढ़ता है - किृया,सकर्मक, एकवचन, कर्ता कारक, ।।
  • 6 answers

Deepak Suthar 6 years, 11 months ago

Rati, Sringar ras ka bhav he

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Jaaroor pihu ji

Pihu Saini 6 years, 11 months ago

Ohh yr aashu mje bi sikha do rash...??

Lionel Messi⚽️ 6 years, 11 months ago

Ras....sorry

Lionel Messi⚽️ 6 years, 11 months ago

Shringaar gas..

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Sringar raas ka...
  • 4 answers

Kritika Upadhyay 6 years, 11 months ago

Its bhavvachya .100%sure.it is the correct answer

Susmita Mandal 6 years, 11 months ago

karam vachya

D.J Alok 6 years, 11 months ago

कर्म वाच्य।।।।।

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Katri vacchya..
  • 3 answers

Kritika Upadhyay 6 years, 11 months ago

Kyuki laxman unke krodh ki agni ko badhane mai ghee ka karya kar raha tha.

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Really..

@ Aashu 6 years, 11 months ago

Kyuki wh parsuram gi ko athadikh krodith kar raha tha .... Aur unhe kayar kah raha tha ..

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