No products in the cart.

Ask questions which are clear, concise and easy to understand.

Ask Question
  • 3 answers

Suhani Saini 4 years ago

(अनुच्छेद अगर खेलना होता तो) अगर खेल ना होता तो हम कभी भी स्वच्छ नहीं रह सकते हमारे मोटापा शिकार बन जाता तो हमारा किसी काम के लिए मन भी नहीं लगता खेल है तो हम लोग स्वस्थ हैं और हम लोग का पाचन तंत्र भी स्वस्थ है। चील के कारण हमारा मन भी बढ़ जाता है तथा समय का पता नहीं चलता हम कहां से कहां अपना मुकाम पूरा कर पाए हैं। सानिया मिर्जा खेल से एक खिलाड़ी बनी थी अपना हॉकी खिलाड़ी बने सचिन तेंदुलकर भी अपने खेल की चैंपियन बने। हमें खेल से बहुत सारी सीख मिलती है कभी हमें पीछे नहीं मुन्ना चाहिए। अंत में मैं यह कहना पसंद करूंगी कि यह तो जीवन है।

Suhani Saini 4 years ago

(अनुच्छेद अगर खेलना होता तो)

Ishita Sachdeva 4 years ago

Jal he jeevan hai
  • 0 answers
  • 0 answers
  • 3 answers

Suhani Saini 4 years ago

क्योंकि वे देश की पहली बोलती फिल्म थी लोगों ने पहली बोलती फिल्म अपने जीवन में पहली बार देखी इसलिए लोगों ने उसे अत्याधिक पसंद करा।
सामाजिक. विग्रहक्या है

Kavish Gaur 4 years ago

Kyunki veh desh ki pehli bolti film thi logon ne use adhik prem diya kyunki veh bhi abhinetao ko pehli baar sunkar khush hue
  • 1 answers

Dhruv Kataria 4 years ago

Sardar sujan Singh divan ka padkyun chodna chahta tha
  • 0 answers
  • 2 answers

Suhani Saini 4 years ago

यशोदा श्री कृष्ण से कहती है अगर तुम दूध पियोगे कच्चा दूध पियोगे तो तुम्हारी छोटी लंबी हो जाएगी। मैं बलराम भैया जैसी काली और घनी हो जाएगी तथा नागिन जैसी लंबी हो जाएगी।

Saloni Kumari 4 years ago

M
  • 0 answers
  • 2 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

मित्र रानी तुमसे बहुत दिनों से बात नहीं हो पा रही थी तो सोचा आज पूछ लो। तुम इतने दिनों से विद्यालय नहीं आ रही हो विद्यालय में बहुत सा काम करवाया है जो तुमने अभी तक नहीं करा है और हमारे कक्षा परीक्षा भी पास आ रहे हैं ।तुम से निवेदन है कि तुम जल्दी से स्कूल आ जाओ। अगर तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है और डॉक्टर ने तुम्हें आराम करने के लिए कहा है तो तुम अपना पूरा आराम करके अच्छे से ठीक हो कर स्कूल आ जाना ताकि तुम सारा काम कर पाओ और अपने विद्यालय का काम भी पूरा कर सकूं। धन्यवाद। तुम्हारी मित्र। सुहानी सैनी

Mohammad Huzaifa Rayana Fatima 4 years, 1 month ago

तुमसे बहुत दिनों से बात नहीं हो पा रही थी मुझे तुमसे कुछ पूछना है तुम बहुत दिनों से स्कूल नहीं आ रही हो इसका कारण क्या है तुम्हारी तबीयत खराब है अच्छा डॉक्टर के पास गए थे क्या अच्छा अब तबीयत कैसा है । पहले से अच्छा है स्कूल आओगी या नहीं आओगी क्योंकि लंबा समय हो चुका है पढ़ाई बहुत हो चुका है । तुम हो सके तो स्कूल जल्दी आओ कुछ कामों में मैं तुम्हारी मदद कर सकूं । ज्यादा वक्त हुआ तो पढ़ाई का नुकसान होगा और मैं तुम्हारी कुछ मदद नहीं कर पाऊंगी । मीना बात समझ रही हो ना मैं क्या बोल रही हूं । अभी तो तुम्हारी तबीयत भी ठीक हो चुकी है तो दवाई लोगे तो वह पूरी तरह से वह ठीक हो जाएगा । मुझे विश्वास है तुम स्कूल जरूर आओगी मेरी बात तो मानती हो । तुम्हारा इंतजार रहेगा मीना शिक्षक भी तुम्हें याद कर रहे थे ।
  • 2 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

दुकान पर कंचे देख अप्पू सपनों में खो जाता है।

Noorain Hera 4 years, 1 month ago

Kahan par kanche dekh Appu Kahan kho jata hai
  • 0 answers
  • 1 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

इस कहानी में लेखक बता रही हैं कि भारत में अभी ऐसे बहुत सारे लोग बचे हैं जो धर्म का धर्म और सच्चे हैं। वे कहते हैं मेरे साथ भी ऐसी बहुत सारी घटनाएं घटी है जिससे थोड़ा मैं सहम सा गया हूं पर ऐसी भी घटनाएं घटी है। जिससे पता चलता है कि लोगों में अभी भी इमानदारी है। कहते हैं अभी हम निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि दुनिया में भी ऐसे बहुत सारे लोग बच्चे हैं जो ईमानदार और सच्चे हैं। लेखक बताते हैं कि मेरे साथ भी ऐसी 2 घटनाएं घटी है जिससे पता चलता है कि लोगों में ईमानदारी अभी-अभी कहीं-कहीं छिपी हुई है लेखक ने अपनी दो ऐसी घटनाएं बताई थी। पहली घटना। देख बता रहे थे कि जब मैं अपने अपने बच्चों और पत्नी के साथ निकला था तो मुझे टिकट कंडक्टर को ₹10 देने थे खुले ना होने के कारण मैंने उन्हें ₹100 दे दिए और जल्दी-जल्दी में उन्हें भी मुझे ₹10 दे दिए और खुद और उन्हें भी पता ना चला और उन्हें भी ₹90 रख लिए ट्रेन आती है और हम उस में झड़ जाते हैं जब टिकट कंडक्टर टिकट कंडक्टर नहीं आया देखा कि उनकी गलती से ले लिए हैं और गाड़ी में चेहरा देखने लग गया तूने मुझ से माफी मांगी और जल्दी में आपने भी नहीं देखा मैंने भी नहीं देखा और आपने मुझे 10 के बजाय ₹90 दे दिया और मैंने भी ले लिए। हमने बड़ी विनम्रता से मुझे ₹90 दिए और चले गए।
  • 3 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

यदि मुझे कोई घायल पक्षी मिला उठाकर अपने घर ले आऊंगी। और उसकी अच्छी सी सेवा करूंगी उसको खाना दूंगी पानी दूंगी और जब तक मैं ठीक ना हो जाए अपने पास ही रख लूंगी।

Arushi Aru 4 years, 1 month ago

Uski jan bcaygy

Anushka Chandra 4 years, 1 month ago

उसको उठाएंगे अपने घर लेकर जाएंगे उसकी मरम पट्टी करेंगे कुछ दिन तक उसका ख्याल रखेंगे और उसके बाद जब ठीक हो जाएगा तो उसे छोड़ देंगे।
  • 1 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

शाम वाली बस पन्ना से सतना के लिए जाती थी‌
  • 0 answers
  • 1 answers

Kamakshi Malhotra 4 years, 1 month ago

What is your question
  • 2 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

इस वाक्य में वर्तमान काल है। और उसका भी संदिग्ध है।

Kamakshi Malhotra 4 years, 1 month ago

इस वाक्य में संदिग्ध वर्तमान काल है।
  • 0 answers
  • 1 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

भारतीय गणतंत्र में हिन्दू धर्म के बाद इस्लाम धर्म दूसरा सर्वाधिक प्रचलित धर्म है,[5] जो देश की जनसंख्या का १४.२% है (2011 की जनगणना के अनुसार १७.२ करोड़)।
  • 1 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

दोनों को पढ़ने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि शिक्षा एक किताबी अध्ययन है, और ज्ञान एक मनुष्य के मस्तिष्क की उपज है। शिक्षा को किताब के द्वारा अर्जित किया जा सकता है परंतु ज्ञान प्राप्ति के लिए हमें समाज में उठना बैठना पड़ता है।
  • 3 answers

Suhani Saini 4 years, 1 month ago

लेखक को उसकी बोन बेर के पत्तों पर से मिलने।

Anushka Chandra 4 years, 1 month ago

उत्तर} लेखक को बेर की झाड़ी पर उसकी बूंद मिली।

Yash Singh 4 years, 1 month ago

Okk

myCBSEguide App

myCBSEguide

Trusted by 1 Crore+ Students

Test Generator

Test Generator

Create papers online. It's FREE.

CUET Mock Tests

CUET Mock Tests

75,000+ questions to practice only on myCBSEguide app

Download myCBSEguide App