CBSE - Class 07 - हिंदी (वसंत और बाल महाभारत कथा)

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किसी भी नाम, जगह, व्यक्ति विशेष अथवा स्थान आदि बताने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। सर्वनाम उस विकारी शब्द को कहते हैं जो पूर्वापर संबंध से किसी भी संज्ञा के बदले में आता है, जैसे, मैं (बोलनेवाला), तू (सुननेवाला), यह (निकट-वर्ती वस्तु), वह (दूरवर्ती वस्तु) इत्यादि। वाक्य में संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। जैसे - काला कुत्ता। इस वाक्य में 'काला' विशेषण है। जिस शब्द (संज्ञा अथवा सर्वनाम) की विशेषता बतायी जाती है उसे विशेष्य कहते हैं। उपरोक्त वाक्य में 'कुत्ता' विशेष्य है।

जिन शब्दों से किसी कार्य का करना या होना व्यक्त हो उसे क्रिया कहते हैं। जैसे- रोया, खा रहा, जायेगा आदि। उदाहरणस्वरूप अगर एक वाक्य 'मैंने खाना खाया' देखा जाये तो इसमें क्रिया 'खाया' शब्द है। 'इसका नाम मोहन है' में क्रिया 'है' शब्द है। 'आपको वहाँ जाना था' में दो क्रिया शब्द हैं - 'जाना' और 'था'। जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है उन्हें कविशेषण कहते हैं। जैसे - वह धीरे - धीरे चलता है। इस वाक्य में चलता क्रिया है और धीरे - धीरे उसकी विशेषता।

मुहावरा-कोई भी ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करे उसे मुहावरा कहते हैं। लोकोक्ति-लोकोक्तियाँ लोक-अनुभव से बनती हैं। किसी समाज ने जो कुछ अपने लंबे अनुभव से सीखा है उसे एक वाक्य में बाँध दिया है। ऐसे वाक्यों को ही लोकोक्ति कहते हैं। इसे कहावत, जनश्रुति आदि भी कहते हैं। मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर-मुहावरा वाक्यांश है और इसका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं किया जा सकता। लोकोक्ति संपूर्ण वाक्य है और इसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है। जैसे-‘होश उड़ जाना’ मुहावरा है। ‘बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी’ लोकोक्ति है।

समास का तात्पर्य है ‘संक्षिप्तीकरण’। दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए एक नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - ‘रसोई के लिए घर’ इसे हम ‘रसोईघर’ भी कह सकते हैं। सामासिक शब्दों के बीच के संबंध को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है। जैसे - देशवासी - देश के वासी,तीर्थराज - तीर्थों का राजा,अणुशक्ति - अणु की शक्ति,विद्यालय - विद्या का आलय,घुड़दौड़ - घोड़ों की दौड़,माता - पिता - माता और पिता ,जयपराजय - जय और पराजय आदि.

किसी शब्द का विपरीत या उल्टा अर्थ देने वाले शब्दों को विलोम कहते है। जैसे- सत्य-असत्य , ज्ञान - अज्ञान , नवीन -प्राचीन आदि। अत: विलोम का अर्थ है - उल्टा या विरोधी अर्थ देने वाल़ा । एक़ - दूसरे के विपरीत या उल्टा अर्थ देने वाले शब्द विलोम कहलाते हैं।

जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है ,उन्हें समानार्थक या पर्यायवाची शब्द कहते है। हिन्दी भाषा में एक शब्द के समान अर्थ वाले कई शब्द हमें मिल जाते है, जैसे - पहाड़ - पर्वत , अचल, भूधर । किसी शब्द-विशेष के लिए प्रयुक्त समानार्थक शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

दो वर्णों के मेल से होने वाले विकार को संधि कहते हैं। इस मिलावट को समझकर वर्णों को अलग करते हुए पदों को अलग-अलग कर देना संधि-विच्छेद है। हिंदी भाषा में संधि द्वारा संयुक्त शब्द लिखने का सामान्य चलन नहीं है। पर संस्कृत में इसके बिना काम नहीं चलता है। संस्कृत के तत्सम शब्द ग्रहण कर लेने के कारण संस्कृत व्याकरण के संधि के नियमों को हिंदी व्याकरण में भी ग्रहण कर लिया गया है। शब्द रचना में संधियाँ उसी प्रकार सहायक है जैसे उपसर्ग, प्रत्यय, समास आदि।

वर्ण-विच्छेद यानी वर्णों को अलग-अलग करना। किसी शब्द (वर्णों का समूह ) को अलग-अलग करके लिखने की प्रक्रिया को वर्ण विच्छेद कहते हैं। वर्ण दो प्रकार के होते हैं -स्वर और व्यंजन, इसका अर्थ यह हुआ की वर्ण विच्छेद में हमें शब्दों को जो की वर्णों के समूह हैं अलग-अलग करना है या स्वर या व्यंजन को अलग-अलग करना है। वर्ण विच्छेद करते समय हमें स्वरों की मात्रा को पहचानना पड़ता है और उस मात्र के स्थान पर उस स्वर को प्रयोग में लाया जाता है। जैसे - कोमल = क् + ओ + म् + अ + ल् + अ इस शब्द में 'क' व्यंजन को 'ओ' के सहयोग से लिखा गया है।

उपसर्ग :- उपसर्ग ऐसे शब्द हैं जिनका स्वतंत्र रुप में प्रयोग नहीं होता है क्योंकि अलग से इनका कोई विशेष महत्व नहीं होता है। ये मूल शब्द के शुरु में लगा कर शब्द में विशेषता लाते हैं ; जैसे - अ + धर्म , अप + मान = अपमान। प्रत्यय -ये भाषा के बहुत छोटे खंड है , जिनका अर्थ भी निकलता है ये मूल शब्द के अंत में जुड़ने पर नए शब्द बनाते हैं और शब्द में विशेषता लाते हैं ;जैसे -लिख + आई = लिखाई, उपदेश + क = उपदेशक, बंगाल + ई = बंगाली

भाषा की सुदृढ़ता, भावों की गम्भीरता और चुस्त शैली के लिए यह आवश्यक है कि लेखक शब्दों (पदों) के प्रयोग में संयम से काम ले, ताकि वह विस्तृत विचारों या भावों को थोड़े-से-थोड़े शब्दों में व्यक्त कर सके। वाक्यांश को संक्षेप में सामासिक पद का भी रूप दिया जाता है। भाषा में कई शब्दों के स्थान पर एक शब्द बोल कर हम भाषा को प्रभावशाली एवं आकर्षक बनाते है। जैसे- राम कविता लिखता है, अनेक शब्दों के स्थान पर हम एक ही शब्द 'कवि' का प्रयोग कर सकते है।

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