Ask questions which are clear, concise and easy to understand.

Ask Question
  • 0 answers
  • 2 answers

Aman Jain 17 hours ago

*** kiya

Yogita Ingle 21 hours ago

जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को राख की ढेरी के रूप में पाया। उसकी मृत्यु हो गई थी।Mar 31, 2019

  • 2 answers

Samruddhi Kuchankar 3 days, 14 hours ago

बुढ़िया के

Gaurav Seth 3 days, 21 hours ago

प्रश्न 1 - लेखक किसके रोने का कारण नहीं जान सका ?
(A) बच्चे के
(B) बुढ़िया के
(C) दूकान वाले के
(D) इनमें से कोई नहीं
A n s w e r:
(B) बुढ़िया के
 

  • 3 answers

Ritika Jangra 3 days, 20 hours ago

Ruby stone and diamond

Krisha Pipalava 3 days, 21 hours ago

Diamond

Rajpal Sing 4 days, 17 hours ago

question 9 th part 2
  • 0 answers
  • 1 answers

Gaurav Seth 4 days, 21 hours ago

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।

<hr />

दोहा छंद तो ऐसा होता है जो आकार में छोटा है परन्तु अर्थ बहुत गहरा लिए हुए होता है। उनका गूढ़ अर्थ ही उनकी गागर में सागर भरने की प्रवृत्ति को स्पष्ट कर देता है। ठीक वैसे ही जैसे नट कुंडली को समेटकर कूदकर रस्सी पर चढ़ जाता है।

  • 1 answers
☞︎︎︎सुमति मंगोल जाति का एक बौद्ध भिक्षु था। उसका वास्तविक नाम था - लोबज़ंग शेख। इसका अर्थ होता है - 'सुमति प्रज्ञं'। अतः लेखक ने उसे 'सुमति' नाम से पुकारा। यह आदमी लेखक को ल्ह्यासा की यात्रा के दौरान मिल गया था।
  • 1 answers

Ajay Kumar 5 days, 17 hours ago

Hello
  • 0 answers
  • 2 answers

Shy Inc. 6 days, 17 hours ago

good q

Gaurav Seth 1 week, 1 day ago

अनौपचारिक-पत्र की प्रशस्ति (आरम्भ में लिखे जाने वाले आदरपूर्वक शब्द), अभिवादन व समाप्ति में किन शब्दों का प्रयोग करना चाहिए-
(1) अपने से बड़े आदरणीय संबंधियों के लिए-
प्रशस्ति – आदरणीय, पूजनीय, पूज्य, श्रद्धेय आदि।
अभिवादन – सादर प्रणाम, सादर चरणस्पर्श, सादर नमस्कार आदि।
समाप्ति – आपका बेटा, पोता, नाती, बेटी, पोती, नातिन, भतीजा आदि।

(2) अपने से छोटों या बराबर वालों के लिए-
प्रशस्ति – प्रिय, चिरंजीव, प्यारे, प्रिय मित्र आदि।
अभिवादन – मधुर स्मृतियाँ, सदा खुश रहो, सुखी रहो, आशीर्वाद आदि।
समाप्ति – तुम्हारा, तुम्हारा मित्र, तुम्हारा हितैषी, तुम्हारा शुभचिंतक आदि।

अनौपचारिक-पत्र का प्रारूप-
(प्रेषक-लिखने वाले का पता)
………………
दिनांक ……………….
संबोधन ……………….
अभिवादन ……………….
पहला अनुच्छेद ………………. (कुशल-मंगल समाचार)
दूसरा अनुच्छेद ……….. (विषय-वस्तु-जिस बारे में पत्र लिखना है)
तीसरा अनुच्छेद ……………. (समाप्ति)
प्रापक के साथ प्रेषक का संबंध
प्रेषक का नाम …………….

  • 2 answers

Sneha Agrawal 1 week, 3 days ago

सोनजुही की पीली कली मनमोहक होती है। लेखिका को विचार आया कि वह छोटा जीव लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठ जाता था। उसका नाम गिल्लू था। लेखिका के निकट पहुँचते ही उनके कंधे पर कूदकर उन्हें चौंका देता था। तब लेखिका को कली की खोज रहती थी, पर आज उस लघुप्राण की खोज थी।

Gaurav Seth 1 week, 3 days ago

 सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?

उत्तर:- सोनजुही की पीली कली मनमोहक होती है। लेखिका को विचार आया कि वह छोटा जीव लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठ जाता था। उसका नाम गिल्लू था। लेखिका के निकट पहुँचने ही उनके कंधे पर कूदकर उन्हें चौंका देता था। तब लेखिका को कली की खोज रहती थी, पर आज उस लघुप्राण की खोज थी।

  • 1 answers

Gaurav Seth 1 week, 4 days ago

(1) औपचारिक संदेश लेखन का प्रारूप (Format For Formal Message Writing)

                            संदेश

दिनांक : …….                          समय : ……

संबोधन ………

विषय (जिस विषय हेतु सन्देश दे रहे हैं )………………………………………..

………………………………………………………………………………………………

…………………………………..

अपना नाम 

(2)   अनौपचारिक संदेश लेखन का प्रारूप (Format For Informal Message Writing)

                           संदेश

दिनांक : …….                          समय : ……

विषय (जिस विषय हेतु सन्देश दे रहे हैं , वो लिखें )

…………………………………………………………….

…………………………………………………………….

और अपना  नाम 

  • 1 answers

Gaurav Seth 1 week, 5 days ago

दूसरे पद में ‘गरीब निवाजु’ ईश्वर को कहा गया है। जिस व्यक्ति पर ईश्वर की कृपा होती है वह मोक्ष प्राप्त कर लेता है। नीच से नीच व्यक्ति का भी उद्धार हो जाता है। ऐसे लोग जो स्पर्श दोष के कारण हाथ लगने पर अपने-आपको अपवित्र मानते हैं। ऐसे दीनों पर दया करने वाले प्रभु ही है जो दुखियों के दर्द से द्रवित हो जाते हैं। न्होंने गरीबों और कमज़ोर समझे जाने वाले और अछूत कहलाने वालों का उद्धार किया है। इससे इन लोगों को समाज में मान-सम्मान और ऊँचा स्थान मिल सकता है।

  • 1 answers

Gaurav Seth 1 week, 5 days ago

समन्वय (Co-ordination) प्रबंध का सार है जो उपक्रम की विभिन्न क्रियाओं में तालमेल बनाये रखता है। यह निर्धारित लक्ष्य पूर्ति हेतु की जाने वाली विभिन्न क्रियाओं में एकता अथवा तालमेल बनाये रखता है। समन्वय से लोग एक टीम के रूप में कार्य करते हैं, जिससे पारस्परिक सहयोग की वृद्धि होती है तथा संबंधित व्यावसायिक उपक्रम का सफल संचालन सम्भव होता है।

समन्वय के लक्षण अथवा विशेषताएँ :-

  • समन्वय एक सतत प्रक्रिया है।
  • यह प्रबंध का सार है।
  • यह समूह प्रयासों के अनावश्यक अपवव्य को रोकता है।
  • समन्वय स्थापित करने का प्राथमिक कार्य प्रबन्धकों का है।
  • यह क्रियाओं में एकरूपता लता है।
  • 2 answers

Sneha Agrawal 1 week, 3 days ago

Title or Heading

Gaurav Seth 1 week, 5 days ago

 

  1.  title or
  2. headline

1. वह शब्द या शब्द समूह जो किसी विषय से परिचित होने के लिए सबसे ऊपर लिखा जाता है; (टाइटिल) 2. किसी ग्रंथ या लेख आदि के विषय का परिचायक शब्द; रचना नाम

  • 3 answers

Sneha Agrawal 1 week, 3 days ago

लेखिका गिलहरी के घायल बच्चे को उठाकर अपने कमरे में ले आई उसका घाव रुई से पोंछा उस पर पेंसिलिन दवा लगाई फिर उसके मुँह में दूध डालने की कोशिश की परन्तु उसका मुँह खुल नहीं सका। कई घंटे के उपचार के बाद उसने एक बूँद पानी पिया।

Gaurav Seth 2 weeks ago

<main id="mainContent">

 

लेखिका गिलहरी के घायल बच्चे को उठाकर अपने कमरे में ले आई उसका घाव रुई से पोंछा उस पर पेंसिलिन दवा लगाई फिर उसके मुँह में दूध डालने की कोशिश की परन्तु उसका मुँह खुल नहीं सका। कई घंटे के उपचार के बाद उसने एक बूँद पानी पिया। तीन दिन के बाद उसने आँखे खोली और धीरे-धीरे स्वस्थ हुआ।

</main>
Pata hai to batao
  • 2 answers

Ashtransh Verma 2 weeks, 1 day ago

कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है। उनके अनुसार ईश्वर न मंदिर में है, न मसजिद में; न काबा में हैं, न कैलाश आदि तीर्थ यात्रा में; वह न कर्म करने में मिलता है, न योग साधना से, न वैरागी बनने से।

Venkat Karthik 2 weeks, 2 days ago

कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है। उनके अनुसार ईश्वर न मंदिर में है, न मसजिद में; न काबा में हैं, न कैलाश आदि तीर्थ यात्रा में; वह न कर्म करने में मिलता है, न योग साधना से, न वैरागी बनने से।
  • 2 answers

Gaurav Seth 2 weeks, 5 days ago

'दो बैलों की कथा' प्रेमचंद द्वारा लिखित रचना है। प्रेमचंद अपनी रचनाओं के माध्यम से संदेश देने में माहिर हैं। समाज को अपनी रचनाओं के माध्यम से कैसे जगाया जाए, यह उन्हें बहुत अच्छी तरह आता है। यह कहानी सांकेतिक भाषा में यह संदेश देती है कि मनुष्य हो या कोई भी प्राणी हो, स्वतंत्रता उसके लिए बहुत महत्व रखती है। स्वतंत्रता को पाने के लिए लड़ना भी पड़े, तो बिना हिचकिचाए लड़ना चाहिए। जन्म के साथ ही स्वतंत्रता सबका अधिकार है, उसे बनाए रखना सबका परम कर्तव्य है। दो बैलों की कथा में बैलों के माध्यम से लेखक अपने विचार समाज के समक्ष रखता है। इस कहानी में दो मित्र बैल अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं। यह कहानी दो बैलों के बीच में घनिष्ट भावात्मक संबंध को दर्शाती है। यह कहानी मनुष्य और जानवर के बीच में उत्पन्न परस्पर संबंध का सुंदर चित्र भी प्रस्तुत करती है।

Arya Ji 2 weeks, 5 days ago

दो बैलों की कथा में लेखक का क्या नाम था
  • 1 answers

Anjali Rao 2 weeks, 5 days ago

Please explain question properly
  • 2 answers

Abhishek Kumar 2 weeks, 5 days ago

The smallest unit of anything that occupy space is called atom

Aruba Shah❤ 2 weeks, 5 days ago

Atom are the basic units of matter and the defining structure of element.....we now know that atoms are made up of three particles:protons, neutrons, and electrons....
  • 2 answers

Rishi Singhai 2 weeks, 5 days ago

Tumhari ma ki chut hai padh

Abhishek Kumar 2 weeks, 5 days ago

jabh shabd ka upyog ek vakye mai kiya jaye to usse padh kehte hai
  • 3 answers

Krishna Chouhan 2 weeks, 2 days ago

Hiii, is not the answerr🧐🧐😡😡😡😡

Anjali Rao 2 weeks, 5 days ago

अशव

Atul Kumar Dwivedi 2 weeks, 2 days ago

Hii

myCBSEguide App

myCBSEguide

Trusted by 1 Crore+ Students

CBSE Test Generator

Create papers in minutes

Print with your name & Logo

Download as PDF

3 Lakhs+ Questions

Solutions Included

Based on CBSE Blueprint

Best fit for Schools & Tutors

Work from Home

  • Work from home with us
  • Create questions or review them from home

No software required, no contract to sign. Simply apply as teacher, take eligibility test and start working with us. Required desktop or laptop with internet connection