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Karen tailo

Muskan Rawandhe 1 day, 7 hours ago

Antriksh se bache hua logo ki khabar layegi
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Shubham Patil 1 day, 14 hours ago

किसी काम के करने या होने का बोध कराने वाले पदों को kriya कहते है ।

Sanchita Das 2 days, 13 hours ago

किसी काम के करने या होने का बोध कराने वाले पदों को kriya कहते है ।
  • 3 answers

Shubham Patil 6 days, 10 hours ago

द्विगु समास

Yogita Ingle 6 days, 11 hours ago

Sorry : द्विगु समास  

Yogita Ingle 6 days, 11 hours ago

चौमासा अर्थात चार माह में होने वाला (संख्या का बोध हो रहा है ): द्वंद्व समास  

समास के भेद

1 अव्ययीभाव समा   ( अव्ययीभाव समास में उपसर्ग होता है )

2 तत्तपुरूष समास   ( तत्तपुरूष समास में कारक चिन्हों का प्रयोग होता है )

3 द्विगु समास      ( संख्या का बोध होता है )

4 द्वंद्व समास      ( द्वंद्व समास में योजक चिन्हों का प्रयोग होता है )

5 कर्म धार्य समास   ( कर्म धार्य समास में व्यक्ति, वस्तु आदि की विशेषता का बोध होता है )

6 बहुव्रीहि समास     ( बहुव्रीहि समास में शब्दों का विग्रह करने पर नया शब्द बनता है )

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Shubham Patil 6 days, 10 hours ago

तलवारमोल

Yogita Ingle 1 week ago

कवी तलवारमोल करने की बात कैहे रहा ह 

Tulshi Suthar 1 week ago

आंसर
  • 1 answers

Amrita Deshpremi 1 week, 2 days ago

Gardening writing of book that is bharat ki khoj etc. You can read this on first chapter that is Ahmednagar ka kila
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Amrita Deshpremi 1 week, 2 days ago

Kyunki sare bacche badlu ko badlu kaka kehte thei

Gaurav Seth 1 week, 3 days ago

 

 बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से इसलिए जाता था क्योंकि लेखक के मामा के गाँव में लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला कारीगर बदलू रहता था। लेखक को बदलू काका से अत्यधिक लगाव था। वह लेखक को ढेर सारी लाख की रंग-बिरंगी गोलियाँ देता था इसलिए लेखक अपने मामा के गाँव चाव से जाता था।
गाँव के सभी लोग बदलू को ‘बदलू काका’ कहकर बुलाते थे इस कारण लेखक भी ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ कहता था।

  • 1 answers

Gaurav Seth 1 week, 3 days ago

शिक्षा या ज्ञान प्राप्त करना हर व्यक्ति का मूलभूत अधिकार है और अच्छी शिक्षा देश के प्रत्येक नागरिक को मिलना ही चाहिए। शिक्षा ही व्यक्ति का संपूर्ण विकास कर सकती हैं। उसके बौद्धिक , मानसिक व आर्थिक स्तर को ऊंचा कर सकती हैं। उसके सोचने समझने की शक्ति का विकास कर सकती हैं।

अच्छी शिक्षा हासिल करके ही अच्छे एवं सुरक्षित भविष्य की नींव डाली जा सकती है। इसीलिए  एक सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अच्छी शिक्षा लेना अनिवार्य है। और ऑनलाइन शिक्षा इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऑनलाइन शिक्षा से कई फायदे हैं। 

ऑनलाइन शिक्षा घर बैठे-बैठे इंटरनेट के माध्यम से मिलने वाली शिक्षा है।इसलिए यह शिक्षा विद्यार्थी न सिर्फ अपने देश से बल्कि विदेशों की शिक्षण संस्थाओं से भी हासिल कर सकते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा व्यक्ति घर बैठे-बैठे हासिल कर सकता है। जिससे विद्यार्थियों के शिक्षण संस्थाओं , कोचिंग संस्थाओं या स्कूलों में जाने वाले समय की बचत होती है। साथ ही साथ यात्रा में लगने वाले पैसे की भी बचत हो जाती हैं।

छात्र अपने समय व सुविधा के हिसाब से ऑनलाइन क्लासेस ले सकते हैं।और शिक्षक द्वारा दी जाने वाली ऑनलाइन क्लास की रिकॉर्डिंग भी की जा सकती हैं। ऐसे में अगर किसी विद्यार्थी को ऑनलाइन क्लास के वक्त किसी विषय से संबंधित कुछ टॉपिक समझ में ना आए। तो वह दुबारा रिकॉर्डिंग सुन कर अपनी शंकाओं को दूर कर सकता है।

यदि किसी विद्यार्थी को किसी विषय से संबंधित कोई कठिनाई हो रही हो या कोई प्रश्न समझ में नहीं आ रहा हो। ऐसे में बच्चे अपने शिक्षकों से अपने घर बैठे बैठे ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से दोबारा प्रश्न पूछ सकता है। 

न सिर्फ स्कूल , कॉलेज जाने वाले बच्चे बल्कि ऐसे विद्यार्थी जो प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे हैं। उनको भी ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा प्राप्त हो रही है। अब वो भी घर बैठे बैठे अपनी आने वाले प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी आराम से कर सकते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा से घर बैठे बैठे पढ़ने की सुविधा तो मिलती ही है। साथ में समय पैसे दोनों की बचत होती है। 

ऑनलाइन पढ़ाई में अनेक ऐसे ऐप हैं जैसे गूगल अर्थ , वीडियो , चित्र , एनिमेटेड चित्र , गूगल मैप्स।  जिनका प्रयोग कर पढ़ाई को और भी दिलचस्प बनाया जा सकता है। इसमें शिक्षक व विद्यार्थी एक दूसरे को पीडीएफ फाइल , वेब लिंग , वीडियो बनाकर भी भेज सकते हैं।

कई कंपनीयों द्वारा लर्निंग एप्स (Learning Apps ) भी बनाए गए हैं। जैसे मेरीटनेशन , बाईजू टॉपर्स आदि। ये लगभग कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सीबीएसई के पाठ्यक्रम को ऑनलाइन प्रदान करते हैं। और इनके द्वारा बनाए गए एप्स में शिक्षकों का पढ़ाने का तरीका इतना बेहतरीन है कि बच्चे आराम से उस विषय को समझ जाते हैं।

इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये अपने ऐप से जुड़ने वाले बच्चों से पर्सनली सम्पर्क में रहते हैं। और कोई समस्या होने पर इनके टीचर बच्चों की समस्याओं का समाधान तुरंत करते हैं। 

यहां तक कि कुकिंग , सिलाई , कढ़ाई , क्राफ्ट , ड्राइंग , पेंटिंग आदि से संबंधित क्लासेज भी अब ऑनलाइन दी जा रही है। 

  • 4 answers

Sneha Sundriyal 1 week, 5 days ago

Kabir ji kahate Hain ki niche padi Hui ghas ki kabhi ninda nahin karni chahie kyunki jab wo Hawa se aankh mein padhati hai to bahut dard deti hai...

Shubham Patil 1 week, 5 days ago

कहते हैं कि रास्ते में पड़ा हुआ घास का नन्हा सा टुकड़ा भी अपना विशेष अस्तित्व रखता है। मनुष्य को पैरों के नीचे रहने वाले दूसरे का भी अपमान नहीं करना चाहिए। यानी नन्हा सा टुकड़ा हवा के साथ उड़कर जब मनुष्य की आंखों में पड़ जाता है, तो यही अत्यंत कष्टदायक बन जाता है। मनुष्य जब तक उस तिनके को अपनी आंख से निकाल नहीं देता है, तब तक उसे चैन नहीं मिलता है। अर्थात कोई अपने से कितना भी कमजोर क्यों ना हो, हमें उसका अपमान नहीं करना चाहिए।

Yogita Ingle 1 week, 5 days ago

कबीरदास जी कहते हैं कि रास्ते में पड़ा हुआ घास का नन्हा सा टुकड़ा भी अपना विशेष अस्तित्व रखता है। मनुष्य को पैरों के नीचे रहने वाले दूसरे का भी अपमान नहीं करना चाहिए। यानी नन्हा सा टुकड़ा हवा के साथ उड़कर जब मनुष्य की आंखों में पड़ जाता है, तो यही अत्यंत कष्टदायक बन जाता है। मनुष्य जब तक उस तिनके को अपनी आंख से निकाल नहीं देता है, तब तक उसे चैन नहीं मिलता है। अर्थात कोई अपने से कितना भी कमजोर क्यों ना हो, हमें उसका अपमान नहीं करना चाहिए।

Rahul Ayyagari 1 week, 4 days ago

hi
  • 3 answers

Sneha Sundriyal 1 week, 3 days ago

Do you know tge answer of this question so pls tell..

Sneha Sundriyal 1 week, 5 days ago

Hii

S Yaswanth 1 week, 5 days ago

Hlooooo
  • 2 answers

Sneha Sundriyal 1 week, 5 days ago

Sangya teen prakaar ki hoti hain 1 Jaativaachak sangya 2 Vyaktivachak sangya 3 Bhav vachak sangya Hope it helps...😊😊

Sneha Sundriyal 1 week, 5 days ago

Hiii
  • 1 answers

Yogita Ingle 2 weeks, 2 days ago

ध्वनि शब्द का अभिप्राय है ‘आवाज’ इस कविता में ध्वनि शब्द अंतर्मन की पुकार हेतु प्रयोग किया गया है।

  • 3 answers

Prashant Ahirwar 2 weeks, 2 days ago

Thanks

Gaurav Seth 2 weeks, 2 days ago

मित्र हीरा और मोती गया के साथ इसलिए नहीं जाना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगा कि उनके मालिक ने उन्हें बेच दिया है और वह अपने पुराने मालिक को छोड़ना नहीं चाहते थे।

Udit Bahadur Kushwaha 2 weeks, 2 days ago

Humko kya pta tum jano
  • 2 answers

Sneha Sundriyal 1 week, 5 days ago

Bus driver ko log isliye maarne waale the kyunki sabko lag rha tha ki bus driver aur conducter ne jaanboojhkar bus roki hai taaki vo apne adde mein jaakar wahan se kuch log bulakar hume luut len.

Pallavi Agnihotri 2 weeks, 2 days ago

क्योंकि लोगों को लग रहा था कि बस ड्राइवर और कंडक्टर की कोई चाल है उन लोगों ने जानबूझकर बस रोक दी और वह लोग हम लोगों को लूटना चाहते हैं।

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