Class 9 Hindi – A Mere Bachpan ke Din Important Questions

myCBSEguide App

myCBSEguide

Trusted by 70 Lakh Students

Install App

Class 9 Hindi – A Mere Bachpan ke Din Important Questions. myCBSEguide has just released Chapter Wise Question Answers for class 09 Hindi – A. There chapter wise Practice Questions with complete solutions are available for download in myCBSEguide website and mobile app. These test papers with solution are prepared by our team of expert teachers who are teaching grade in CBSE schools for years. There are around 4-5 set of solved Hindi Extra questions from each and every chapter. The students will not miss any concept in these Chapter wise question that are specially designed to tackle Exam. We have taken care of every single concept given in CBSE Class 09 Hindi – A syllabus and questions are framed as per the latest marking scheme and blue print issued by CBSE for class 09.

CBSE Class 9 Hindi Ch – 7 Practice Tests

Download as PDF

Class 9 Hindi – A Chapter wise Question and Answers

मेरे बचपन के दिन (महादेवी वर्मा)

  1. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
    वहाँ छात्रावास के हर एक कमरे में हम चार छात्राएँ रहती थीं। उनमें पहली ही साथिन सुभद्रा कुमारी मिलीं। सातवें दर्ज में वे मुझसे दो साल सीनियर थीं। वे कविता लिखती थीं और मैं भी बचपन से तुक मिलाती आई थी। बचपन में माँ लिखती थीं, पद भी गाती थीं। मीरा के पद विशेष रूप से गाती थीं। सवेरे ‘जागिए कृपानिधान पंछी बन बोले’ यही सुना जाता था। प्रभाती गाती थीं। शाम को मीरा का कोई पद गाती थीं । सुन-सुनकर मैंने भी ब्रजभाषा में लिखना आरंभ किया। यहाँ आकर देखा कि सुभद्रा कुमारी जी खड़ी बोली में लिखती थीं। मैं भी वैसा ही लिखने लगी।

    1. लेखिका ने सुभद्रा कुमारी चौहान को किस रूप में जाना पहचाना?
    2. लेखिका को कविताएँ लिखने की प्रेरणा किससे और किस तरह मिली?
    3. गद्यांश में किस छात्रावास का उल्लेख किया गया है?
  2. गाँधी जी ने लेखिका से कौन-सी वस्तु माँग ली और क्यों ? ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए।

  3. सुभद्रा कुमारी को कैसे पता चला कि महादेवी वर्मा भी कविताएँ लिखती हैं?

  4. ‘मेरे बचपन के दिन’ पाठ का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

  5. महादेवी वर्मा तथा उसकी साथिनें स्वतंत्रता आंदोलन में किस प्रकार आर्थिक मदद देती थीं?

  6. मेरे बचपन के दिन पाठ के आधार पर ‘मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।’ इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि- उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?

मेरे बचपन के दिन (महादेवी वर्मा)

Answer

    1. महादेवी वर्मा को छात्रावास में रहने के लिए जो कमरा मिला उसमें तीन छात्राएँ और भी रहती थीं। उन्हीं में एक थीं-सुभद्रा कुमारी चौहान। वे लेखिका से दो साल बड़ी थी और सातवें दर्ज में पढ़ती थीं। लेखिका ने उनको एक सफल कवयित्री के रूप में जाना।
    2. लेखिका महादेवी वर्मा को काव्य-लेखन की प्रेरणा दो लोगों से मिली। पहली, उनकी माँ से , जो ब्रजभाषा में तुकबंदी किया करती थीं और मीराबाई के पद गाया करती थीं। महादेवी जी का अधिकतर समय अपनी माँ के साथ सवेरे प्रभाती और शाम को मीरा के पद सुनते हुए बीता था। यही सुनते-सुनते महादेवी जी ने ब्रज भाषा में तुकबंदी करना शुरू कर दिया। उनकी दूसरी प्रेरणास्त्रोत सुभद्रा कुमारी चौहान थीं , जिनकी देखा-देखी में उन्होंने तुकबंदियों को कविताओं का रूप देना शुरू किया और वे भी खड़ी बोली में लिखने लगीं।
    3. गद्यांश में क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज के छात्रावास का उल्लेख है, जहाँ बालिका महादेवी वर्मा को पाँचवीं कक्षा में भर्ती कराया गया और सुभद्रा कुमारी उसे साथिन के रूप में मिलीं।
  1. लोग आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देते थे। एक बार गाँधी जी इलाहाबाद लेखिका के छात्रावास में आए थे । लेखिका ने जब उत्साहपूर्वक गाँधी जी को अपना पुरस्कार में मिला नक्काशीदार चाँदी का कटोरा दिखाया, तो गाँधी जी ने वह कटोरा माँग लिया। वे बच्चों तथा देश के नागरिकों से इस प्रकार प्राप्त वस्तुएँ और धन आदि से, उन स्वतंत्रता सेनानियों की मदद करते थे, जो देश को आजादी दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
  2. महादेवी वर्मा बचपन से ही तुकबंदी किया करती थीं। सुभद्रा कुमारी उससे दो साल बड़ी थीं तथा उस समय तक एक प्रसिद्द कवयित्री बन चुकी थीं। वे लेखिका के साथ छात्रावास के कमरे में रहती थीं। लेखिका उनसे छुप-छुपकर ब्रजभाषा में तुकबन्दियाँ करती रहती थीं । एक दिन महादेवी जी की डेस्क की तलाशी लेने पर उन्हें महादेवी द्वारा लिखी हुई एक कविता मिली, जिसे पढ़कर सुभद्रा को पता चल गया कि महादेवी भी लिखती हैं।
  3. ‘मेरे बचपन के दिन” पाठ में लेखिका वर्मा ने स्मृतियों के सहारे कई रोचक घटनाओं का वर्णन किया है। उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों से आने वाली पीढ़ी को अवगत कराया | लेखिका ने तत्कालीन समाज के साथ-साथ अपने परिवार में स्त्री की स्थिति का चित्रण किया है। उन्होंने अपने शिक्षित परिवार के साथ-साथ घर के धार्मिक और सद्भावनापूर्ण वातावरण का भी चित्रण किया है। उस समय देश में सांप्रदायिकता के लिए कोई स्थान नहीं था | सभी छात्राएँ एक साथ हिंदी-उर्दू पढ़ती थीं तथा एक साथ खाना खातीं और एक ही प्रार्थना करती थीं। वे राष्ट्रीय आंदोलन में भी अपनी सामर्थ्य से अधिक योगदान दिया करती थीं। जवारा के नवाब की पत्नी तथा लेखिका की माँ के सद्भावपूर्ण मेल-जोल आज की सांप्रदायिक भावना पर करारा प्रहार करते हैं |
    अतः इस पाठ का प्रमुख उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी के मन में मेलजोल की भावना को मजबूत करना है | साथ ही पाठ हमें सांप्रदायिक सद्भाव से जुड़कर तथा राष्ट्रीय एकता को समृद्ध करने की प्रेरणा देता है | इस प्रकार हम अपनी स्वतंत्रता के प्रति सजग रहकर देश की सुरक्षा के लिए तन-मन-धन से अपने प्राण न्योछावर करने का संकल्प ले सकते हैं |
  4. लेखिका ने 1917 में क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में प्रवेश लिया। उन्हीं दिनों (1920 के आसपास) गाँधी जी आनंदभवन में आया करते थे। लेखिका और उसकी साथिने अपनी जेब खर्च के बचाए पैसों को गाँधी जी को देश की स्वतंत्रता के संघर्ष के लिए दे दिया करती थीं। कवि-सम्मेलनों में कविता-पाठ करने से पुरस्कार स्वरूप कुछ राशि मिल जाती थी। एक बार लेखिका को कविता-पाठ करने पर पुरस्कार स्वरूप चाँदी का सुंदर कटोरा मिला था। इसी समय लेखिका ने गाँधी जी को अपना चाँदी का कटोरा दिखाया। गाँधी जी ने देशहित में वह कटोरा माँगा, जिसे लेखिका ने सहर्ष दे दिया। इस प्रकार महादेवी वर्मा और उसकी साथिने अपनी जेब खर्च के पैसे राष्ट्रीय आंदोलन में आर्थिक मदद के रूप में दे दिया करती थीं।
  5. उस समय जब लेखिका पैदा हुई थी अर्थात् सन् 1900 के आसपास स्त्रियों की स्थिति बहुत शोचनीय थी। लोगों का दृष्टिकोण स्त्रियों के प्रति अच्छा नहीं था। लोग पुत्रों को अधिक महत्त्व देते थे। जहाँ पुत्रजन्म पर उत्सव मनाया जाता था वहीं पुत्री के जन्म पर पूरा परिवार शोक में डूब जाता था। लोग लड़कियों को पैदा होते ही मार देते थे। उनकी शिक्षा, पालन-पोषण आदि को महत्त्व नहीं दिया जाता था। उस समय बाल-विवाह, दहेज-प्रथा, सती-प्रथा आदि सामाजिक कुरीतियाँ प्रचलित थीं जो महिलाओं के लिए घातक सिद्ध हो रही थीं।

Class 9 Hindi – A Chapter Wise Important Question

Kritika

  1. Do Bailon Ki Katha (Premchand)
  2. Lhasa ki or (Rahul Sankrityayan)
  3. Upbhoktavad ki Sanskriti (Deleted)
  4. Sawle sapno ki yaad (Jabir Husain)
  5. Nana Saheb ki Putri (Chapla Devi)
  6. Premchand ke Phate Joote (Harishankar Parsai )
  7. Mere Bachpan ke Din (Mahadevi Varma )
  8. Ek kutta or ak Mena (Deleted)
  9. Sakhiya aav Shabad (kabir)
  10. Vaakh (LalGhad)
  11. Savaiye (Raskhan)
  12. kaidi aur kokila (Makhanlal Chaturvedi)
  13. Gram shri (Deleted)
  14. Chandra Gehna se Lautti Ber (Kedarnath Agarwal)
  15. Megh Aaye (Sarveshwar Dayal Saxena)
  16. Yamraj ki Disha (Chandrakant Devtale)
  17. Bache kam par ja rahe hain (Rajesh Joshi)

Kritika

  1. Is Jal Pralay Mein (Deleted)
  2. Mere sang ki Auratein
  3. Reedh ki haddi
  4. Mati wali
  5. Kis tarah aakhirkar main Hindi Mein Aaya (Deleted)



Test Generator

Test Generator

Create Tests with your Name & Logo

Try it Now (Free)

Leave a Comment