CBSE Board Exam Marking Scheme – आंसर की मार्किंग कैसे होती है

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क्या आप जानते हैं सीबीएसई बोर्ड का पेपर कैसे चेक होता है?  आपके लिखे गए आंसर की मार्किंग कैसे होती है? और यह कैसे decide होता है कि आपको किस उत्तर के लिए कितने मार्क्स मिलेंगे?

CBSE Board Exam Marking Scheme

कुल मिलाकर examiner आप की कॉपी कैसे चेक करते हैं, यह सब अगर आपको पता चल जाए तो क्या होगा? आप समझ पाएंगे कि

  • आपको आंसर कैसे लिखना है
  • आपको आंसर में क्या-क्या लिखना है
  • आपको अपना आंसर कितना बड़ा लिखना है

और अगर आप ऐसा ही आंसर लिखते हैं जैसा कि एग्जामिनर को चाहिए या कहें कि आपका आंसर examiner  के set  parameters  पर सटीक बैठता है तो आप पूरे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

मार्क्स के सेट पैरामीटर्स

चलिए डिस्कस करते हैं वह सेट पैरामीटर्स जिनके आधार पर एग्जामिनर आप को मार्क्स देते हैं।

जब आप CBSE के सैंपल पेपर्स डाउनलोड करते हैं तो उसके साथ ही एक मार्किंग स्कीम भी डाउनलोड के लिए available होती है जिस पर हम में से अधिकतर लोग ध्यान नहीं देते हैं। आप ये marking scheme, CBSE की ऑफिशल वेबसाइट या myCBSEguide मोबाइल ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं।

इसमें उन सब पैरामीटर की जानकारी दी गई होती है, जिनके आधार पर आपको मार्क्स दिए जाने हैं।

आपको शायद पता ना हो पर CBSE के पेपर चेकिंग के समय भी ठीक ऐसी ही marking scheme एग्जामिनर को दी जाती है और उसी को देखकर एग्जामिनर आपके पेपर की चेकिंग करते हैं। इस मार्किंग स्कीम में हर पॉइंट को इतने डिटेल में लिखा गया होता है कि human error या individual perception की गुंजाइश काफी कम रह जाती है।

Follow All Steps

चलिए एक example से इसको समझते हैं। class 10 Maths का एक क्वेश्चन है, जिसके लिए 2 अंक निर्धारित हैं। पर स्टूडेंट को इसमें केवल एक अंक मिलता है क्योंकि उसने सारे स्टेप्स को follow नहीं किया और सीधे ही answer पर पहुँच गया। तो उसको केवल last step के मार्क्स ही मिलेंगे।
एक और example  लेते हैं जहां पर कुल मिलाकर चार स्टेप्ट्स हैं। यहाँ पर यदि स्टूडेंट केवल शुरू के दो स्टेप्स भी लिख कर आता है तो उसे आधे मार्क्स ज़रूर मिलेंगे। इसका मतलब यह है कि अगर आप पूरा क्वेश्चन सॉल्व नहीं कर पा रहे हैं तो भी आपको जितना आता है उतना जरूर लिख कर आएँ।

ध्यान देने योग्य बातें

  • आंसर to-the-point लिखें।
  • जितना पूछा है उतना ही लिखें। अपना पूरा ज्ञान उड़ेलने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • Word-limit के आस पास ही रहें। हम आसपास इसलिए कह रहे हैं कि दो-चार शब्द ऊपर-नीचे हों तो चलता है। इसकी चिंता नहीं करनी है। क्योंकि कहीं ऐसा ना हो कि आप words गिनते रह जाएँ और टाइम निकल जाए।
  • कोई भी क्वेश्चन छोड़ कर मत आएँ। जितना आता हैं, जैसा आता है, लिखकर ज़रूर आएँ। पर ऐसे प्रश्न को अंत में ही करें। शुरू में examiner पर अपना impression खराब ना करें।
  • जहां तक हो सके questions को सीरियल वाइज़ करने की कोशिश करें।

अगर आप इन सब पॉइंट का ध्यान रखते हुए आंसर लिखते हैं तो आप ज़रूर अच्छे अंक प्राप्त करेंगे।


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